CBSE प्रैक्टिकल परीक्षा 2026: 10वीं और 12वीं के लिए नई गाइडलाइन और मुख्य बदलाव

CBSE प्रैक्टिकल परीक्षा 2026: 10वीं और 12वीं के लिए नई गाइडलाइन और मुख्य बदलाव

CBSE ने कक्षा 10 और 12 के छात्रों के लिए प्रैक्टिकल परीक्षा 2026 की नई गाइडलाइन जारी की है। परीक्षा 1 से 14 जनवरी तक होगी। बोर्ड ने स्कूलों को तैयारी, उपकरण, बाहरी परीक्षक और विशेष जरूरत वाले छात्रों के लिए सुविधाओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। नंबरिंग और पारदर्शिता सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।

CBSE Practical Exam 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10 और 12 के छात्रों के लिए प्रैक्टिकल परीक्षा, प्रोजेक्ट और आंतरिक मूल्यांकन की नई गाइडलाइन जारी की है। यह परीक्षा 1 जनवरी, 2026 से 14 जनवरी, 2026 तक सभी CBSE स्कूलों में आयोजित होगी। बोर्ड ने स्कूलों को परीक्षा संचालन में पारदर्शिता, उपकरणों की उपलब्धता, बाहरी परीक्षकों का समन्वय और विशेष जरूरत वाले छात्रों के लिए सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सभी नंबर वास्तविक प्रदर्शन पर आधारित होंगे और किसी भी अनधिकृत परीक्षक द्वारा आयोजित परीक्षा अमान्य मानी जाएगी।

प्रैक्टिकल परीक्षा का शेड्यूल और नए नियम

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10 और 12 के छात्रों के लिए प्रैक्टिकल परीक्षाओं, प्रोजेक्ट और आंतरिक मूल्यांकन को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। बोर्ड ने साफ किया है कि प्रैक्टिकल परीक्षाएं 1 जनवरी, 2026 से 14 जनवरी, 2026 तक आयोजित की जाएंगी। सभी CBSE स्कूलों को यह नोटिस लागू होगा और इसका उद्देश्य परीक्षा संचालन को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।

बोर्ड ने कहा है कि परीक्षा के दौरान छात्रों को किसी भी तरह की असुविधा या तकनीकी समस्या का सामना न करना पड़े, इसलिए स्कूलों को समय रहते सभी आवश्यक तैयारी करनी होगी। इसमें प्रैक्टिकल उत्तर पुस्तिकाओं की उपलब्धता, लेबोरेट्री उपकरण और बोर्ड द्वारा नियुक्त परीक्षकों के साथ समन्वय शामिल है।

परीक्षा से पहले स्कूलों के लिए जरूरी तैयारी

CBSE ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रैक्टिकल परीक्षा से पहले सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। स्कूलों को पर्याप्त प्रैक्टिकल उत्तर पुस्तिकाओं की व्यवस्था करनी होगी और अगर कोई सामग्री या उपकरण में समस्या हो तो तुरंत क्षेत्रीय कार्यालय को सूचित करना होगा। छात्रों और अभिभावकों को परीक्षा कार्यक्रम और CBSE के निर्देशों के बारे में स्पष्ट जानकारी देना अनिवार्य है।

इसके अलावा, स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि लेबोरेट्री में पर्याप्त जगह और उपकरण मौजूद हों। सभी प्रैक्टिकल परीक्षाओं का संचालन केवल CBSE द्वारा नियुक्त बाहरी परीक्षकों द्वारा ही किया जाएगा। किसी भी अनधिकृत परीक्षक द्वारा आयोजित परीक्षा अमान्य मानी जाएगी।

विशेष जरूरत वाले छात्रों और मूल्यांकन का नियम

CBSE ने विशेष जरूरत वाले बच्चों (CWSN) के लिए आसान और सुविधाजनक व्यवस्था करने का निर्देश दिया है, ताकि वे भी प्रैक्टिकल, प्रोजेक्ट और आंतरिक मूल्यांकन में पूरी तरह से भाग ले सकें। परीक्षा के दिन ही सभी नंबर अपलोड किए जाएंगे और एक बार अपलोड होने के बाद इन्हें बदला नहीं जा सकेगा। बोर्ड ने स्कूलों को चेतावनी दी है कि नंबर अपलोड करते समय सावधानी बरतें।

नंबर छात्रों के वास्तविक प्रदर्शन पर आधारित होने चाहिए और CBSE की नंबरन योजना का पालन करना अनिवार्य है। प्रिंसिपल और परीक्षक सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी अनुचित अधिकतम नंबर न दिया जाए। इसके अलावा, राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय खेलों में भाग लेने वाले छात्रों को किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।

CBSE की अंतिम चेतावनी और दिशा-निर्देश

CBSE ने साफ किया है कि किसी भी स्कूल द्वारा निर्देशों का पालन न करने पर प्रैक्टिकल परीक्षा रद्द की जा सकती है। बोर्ड ने कहा है कि शैक्षणिक ईमानदारी बनाए रखना और सभी छात्रों के लिए निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारू परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करना सभी स्कूलों की जिम्मेदारी है। स्कूलों को नियमित रूप से वाइस प्रिंसिपल या समन्वयकों को परीक्षा की स्थिति की जानकारी देते रहना होगी।

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