प्रयागराज में चल रहे धरने को लेकर नया राजनीतिक बयान सामने आया है। आशुतोष महाराज ने दावा किया है कि अविमुक्तेश्वरानंद डिप्टी मुख्यमंत्री और सतुआ बाबा के संपर्क में थे। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के हस्तक्षेप के बाद ही धरना समाप्त हुआ।
मीडिया से बातचीत में आशुतोष महाराज ने कहा कि आंदोलन को समाप्त कराने में सरकार की भूमिका रही है। उनके मुताबिक, बातचीत के जरिए समाधान निकाला गया और इसी के बाद धरना खत्म करने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग आंदोलन को अनावश्यक रूप से लंबा खींचना चाहते थे, लेकिन संवाद के माध्यम से स्थिति को संभाला गया। उनके बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
इस पूरे घटनाक्रम में अविमुक्तेश्वरानंद की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आशुतोष महाराज का कहना है कि वे लगातार संवाद की प्रक्रिया में शामिल थे। हालांकि इस पर अन्य पक्षों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है। माना जा रहा है कि सरकार नहीं चाहती थी कि धरना लंबा चले और माहौल बिगड़े।
प्रयागराज में धरना समाप्त होने के बाद स्थिति सामान्य बताई जा रही है। प्रशासन ने भी शांति बनाए रखने की अपील की है।
फिलहाल आशुतोष महाराज के इस बयान ने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।









