जूनियर शिक्षक भर्ती 2021 में मूल्यांकन को लेकर उठे सवालों पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने परीक्षा नियामक प्राधिकारी (PNP) के सचिव से व्यक्तिगत हलफनामा पेश करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि OMR शीट के अंक निर्धारण से जुड़े दस्तावेजों में गंभीर विरोधाभास दिखाई देते हैं, जिनकी स्पष्टता जरूरी है।
याचिकाकर्ता ने दावा किया कि परीक्षा के दूसरे पेपर में पहले 23 अंक निर्धारित थे, लेकिन बाद में संशोधित निर्देशों में इन्हें 22 कर दिया गया। इसके अलावा एक प्रश्न के लिए पहले पूरे अंक दिए गए थे, जबकि बाद में उसी उत्तर के लिए शून्य अंक दर्ज कर दिए गए।
कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि प्रस्तुत दस्तावेजों में न तो मूल प्रति उपलब्ध है और न ही मूल्यांकनकर्ता के हस्ताक्षर, जिससे उनकी विश्वसनीयता संदेह के घेरे में आती है। अदालत के अनुसार, ऐसा प्रतीत होता है कि कागज़ात अपील के बाद तैयार किए गए हो सकते हैं।
अब कोर्ट ने सचिव से यह स्पष्ट करने को कहा है कि OMR शीट में अंक कैसे और किन आधारों पर बदले गए। मामले की अगली सुनवाई 11 दिसंबर को तय की गई है।












