प्रधानमंत्री मोदी ने जॉर्डन किंग से की मुलाकात, मजबूत हुए भारत-जॉर्डन रिश्ते

प्रधानमंत्री मोदी ने जॉर्डन किंग से की मुलाकात, मजबूत हुए भारत-जॉर्डन रिश्ते

प्रधानमंत्री मोदी का तीन देशों के चार दिन के दौरे का पहला पड़ाव जॉर्डन रहा। उन्होंने हुसैनिया पैलेस में किंग अब्दुल्ला द्वितीय से मुलाकात की और भारत-जॉर्डन द्विपक्षीय संबंध, क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की।

PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों के चार दिवसीय दौरे पर हैं, जिसका पहला पड़ाव जॉर्डन रहा। जॉर्डन पहुंचकर पीएम मोदी ने हुसैनिया पैलेस में जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय इब्न अल हुसैन से महत्वपूर्ण बैठक की। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

जॉर्डन पहुंचने पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया। एयरपोर्ट पर जॉर्डन के प्रधानमंत्री जाफर हसन खुद मोदी का स्वागत करने पहुंचे और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। यह दौरा भारत-जॉर्डन संबंधों के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि 37 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पूर्ण द्विपक्षीय दौरा है। इस अवसर पर भारत और जॉर्डन के बीच राजनैतिक संबंधों को 75 साल पूरे हो चुके हैं।

द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा

हुसैनिया पैलेस में आयोजित बैठक में प्रधानमंत्री मोदी और किंग अब्दुल्ला द्वितीय ने आपसी संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी और कट्टरपंथ उन्मूलन, उर्वरक और कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यटन के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और जॉर्डन आतंकवाद के खिलाफ साझा और स्पष्ट रुख रखते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता कायम रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जॉर्डन ने आतंकवाद, चरमपंथ और कट्टरपंथ के खिलाफ दुनिया को एक मजबूत और रणनीतिक संदेश दिया है।

व्यापार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

बैठक में दोनों नेताओं ने ट्रेड, फर्टिलाइजर्स, डिजिटल टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और पीपल-टू-पीपल टाइप सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि आज की बैठक से भारत-जॉर्डन संबंधों में गति और गहराई आएगी। उन्होंने जॉर्डन की वैश्विक नेतृत्व भूमिका और गाजा संकट में उसके सक्रिय योगदान की सराहना की।

कैसी रहीं पिछली मुलाकातें

पीएम मोदी ने अपनी पिछली जॉर्डन यात्रा का भी उल्लेख किया। फरवरी 2018 में जब वह फलस्तीन जा रहे थे, तो जॉर्डन में कुछ समय रुके थे। इसके अलावा 2015 में यूएन के साइडलाइन पर दोनों नेताओं की पहली मुलाकात वायलेंट एक्सट्रीमिज्म को काउंटर करने वाले इवेंट पर हुई थी। इससे दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों का संकेत मिलता है।

जॉर्डन में करीब 17,500 भारतीय प्रवासी रहते हैं। ये मुख्य रूप से कपड़ा, निर्माण और विनिर्माण के क्षेत्रों में कार्यरत हैं। प्रधानमंत्री मोदी के दौरे से इस समुदाय के लिए अवसर बढ़ेंगे और व्यापारिक संबंधों में और मजबूती आएगी।

आगामी कार्यक्रम

प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्री शाह मंगलवार को भारत-जॉर्डन व्यापार कार्यक्रम को संबोधित करेंगे, जिसमें दोनों देशों के प्रमुख व्यवसायी शामिल होंगे। इसके अलावा मोदी जॉर्डन के युवराज के साथ पेत्रा शहर का दौरा करेंगे। पेत्रा शहर प्राचीन व्यापारिक संबंधों के लिए जाना जाता है और भारत-जॉर्डन सहयोग की ऐतिहासिक कड़ी को दर्शाता है। हालांकि, उनका यह दौरा मौसम की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

जॉर्डन भारत के लिए उर्वरकों, विशेष रूप से फॉस्फेट और पोटाश का प्रमुख आपूर्तिकर्ता है। इसके अलावा जॉर्डन के साथ भारत के व्यापार और निवेश के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। पीएम मोदी की यह यात्रा इन क्षेत्रों में सहयोग को और अधिक मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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