प्रीति जिंटा ने पैपराजी कल्चर पर जताई चिंता, कहा- 'कभी-कभी तो ये डरावना लगता है..'

Preity Zinta ने पैपराजी कल्चर को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि कई बार यह अनुभव डरावना हो जाता है। जानिए उनके बयान की पूरी बात और उन्होंने क्या कहा मीडिया और

बॉलीवुड अभिनेत्री Preity Zinta इन दिनों अपनी आईपीएल टीम Punjab Kings के शानदार प्रदर्शन को लेकर सुर्खियों में हैं। मैदान पर टीम की सफलता के बीच, एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर पैपराजी कल्चर और सेलिब्रिटी प्राइवेसी को लेकर अपनी बेबाक राय साझा की।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: बॉलीवुड की “डिंपल गर्ल” प्रीति जिंटा इन दिनों आईपीएल में अपनी टीम के प्रदर्शन को लेकर लगातार चर्चा में हैं। उनकी टीम पंजाब किंग्स ने हाल ही में बेहतरीन खेल दिखाया, जिसके बाद प्रीति जिंटा को दिल्ली के प्राचीन हनुमान मंदिर, कनॉट प्लेस में दर्शन करते हुए भी देखा गया। इसी बीच एक इंटरैक्टिव सेशन के दौरान उन्होंने पैपराजी कल्चर पर खुलकर अपनी राय रखी। 

उन्होंने बताया कि सार्वजनिक जीवन में रहते हुए कैमरों और मीडिया के साथ संतुलन बनाए रखना कितना जरूरी होता है, लेकिन साथ ही व्यक्तिगत सीमाओं का सम्मान भी होना चाहिए।

सोशल मीडिया सेशन में खुलकर बोलीं प्रीति जिंटा

हाल ही में प्रीति जिंटा ने एक इंटरैक्टिव सेशन में अपने फैंस से बातचीत की, जहां उनसे शोहरत, निजी जीवन और मानसिक शांति को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने कभी भी लोकप्रियता को “कुर्बानी” के रूप में नहीं देखा, बल्कि इसे एक संतुलन (बैलेंसिंग एक्ट) के रूप में स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने फैंस से मिलना और तस्वीरें खिंचवाना पसंद है, लेकिन निजी जीवन की सीमाएं बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

प्रीति जिंटा ने सबसे ज्यादा जोर अपने बच्चों की प्राइवेसी पर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह नहीं चाहतीं कि उनके बच्चों की तस्वीरें बिना अनुमति के ली जाएं या सार्वजनिक की जाएं। उनका कहना था कि यह उनके लिए “नॉन-नेगोशिएबल” है, यानी इस मामले में किसी भी तरह की समझौते की गुंजाइश नहीं है।

“बिना पूछे फोटो खींचना गलत है”

अभिनेत्री ने यह भी कहा कि उन्हें तब परेशानी होती है जब बिना अनुमति के तस्वीरें ली जाती हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अगर कोई सम्मानपूर्वक पूछे, तो वह अक्सर फोटो देने के लिए तैयार रहती हैं—जब तक वह किसी जरूरी काम या यात्रा में न हों। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों जैसे मंदिर या एयरपोर्ट पर भी वे परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेती हैं।

आज के समय में बॉलीवुड और वैश्विक मनोरंजन उद्योग में पैपराजी संस्कृति काफी बढ़ गई है। इस पर टिप्पणी करते हुए प्रीति जिंटा ने कहा कि हर कलाकार का इस विषय को देखने का अलग तरीका होता है। उन्होंने कहा कि जहां कुछ कलाकार खुद को चर्चा में बनाए रखने के लिए पैपराजी को बुलाते हैं, वहीं उनका दृष्टिकोण अलग है।

“कभी-कभी ये डरावना लगता है”

प्रीति जिंटा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि लगातार पीछा किए जाने या अचानक कैमरों के सामने आ जाने से उन्हें असहजता होती है। उन्होंने कहा कि कई बार यह अनुभव “डरावना” भी महसूस होता है, खासकर जब कोई निजी स्पेस में अचानक कैमरा लेकर पहुंच जाता है। प्रीति जिंटा ने यह भी कहा कि वह समझती हैं कि पैपराजी का काम सेलेब्रिटीज को कवर करना है, लेकिन इसके साथ एक सीमा (boundary) होनी चाहिए।

उन्होंने साफ कहा कि उन्हें सार्वजनिक कार्यक्रमों या इवेंट्स में मीडिया से कोई समस्या नहीं है, लेकिन निजी स्थानों—जैसे जिम के बाहर या घर के आसपास—तस्वीरें लेना सीमा पार करने जैसा है।

Leave a comment