भारतीय मूल के कैंसर रिसर्चर रघुरामन कन्नन को प्रतिष्ठित नेशनल एकेडमी ऑफ इन्वेंटर्स (NAI) फेलो चुना गया है। कन्नन ने एडवांस्ड नैनोपार्टिकल-आधारित ड्रग डिलीवरी प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं, जिससे कैंसर ट्यूमर को टारगेट किया जा सकता है। उनके नाम से 65 पेटेंट जारी हैं, जिनमें 12 अमेरिकी पेटेंट सक्रिय हैं। यह सम्मान उनके शोध और नवाचार की अंतरराष्ट्रीय मान्यता है।
NAI Fellowship Update: भारतीय मूल के कैंसर रिसर्चर रघुरामन कन्नन को अमेरिका की प्रतिष्ठित नेशनल एकेडमी ऑफ इन्वेंटर्स (NAI) का फेलो चुना गया है। मिसौरी यूनिवर्सिटी के अनुसार, कन्नन और प्लांट जेनेटिक्स विशेषज्ञ हेनरी गुयेन को 2025 की फेलो क्लास में शामिल किया गया है। इस सम्मान के जरिए उनके एडवांस्ड नैनोपार्टिकल-आधारित कैंसर शोध और 65 पेटेंट, जिनमें 12 अमेरिकी पेटेंट सक्रिय हैं, को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है। यह दोनों शोधकर्ताओं को लॉस एंजिल्स में NAI के सालाना कार्यक्रम में औपचारिक रूप से सम्मानित किया जाएगा।
भारतीय मूल के रघुरामन कन्नन को NAI फेलो का सम्मान
भारतीय मूल के कैंसर रिसर्चर रघुरामन कन्नन को प्रतिष्ठित नेशनल एकेडमी ऑफ इन्वेंटर्स (NAI) का फेलो चुना गया है। यह सम्मान उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका के सबसे प्रभावशाली अकादमिक इनोवेटर्स में शामिल करता है। मिसौरी यूनिवर्सिटी के अनुसार, कन्नन और प्लांट जेनेटिक्स विशेषज्ञ हेनरी गुयेन को 2025 की NAI फेलो क्लास में नामित किया गया है।
रघुरामन कन्नन ने कैंसर रिसर्च और एडवांस्ड नैनोपार्टिकल-आधारित ड्रग डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर महत्वपूर्ण काम किया है, जिससे हेल्दी सेल्स को नुकसान पहुंचाए बिना ट्यूमर को टारगेट किया जा सकता है। उनके नाम से अब तक 65 पेटेंट जारी किए जा चुके हैं, जिनमें 12 अमेरिकी पेटेंट अभी सक्रिय हैं।

कैंसर रिसर्च में योगदान और पेटेंट
कन्नन मिसौरी यूनिवर्सिटी में माइकल जे और शेरोन आर बकस्टीन चेयर के तहत काम कर रहे हैं। उनके पास स्कूल ऑफ मेडिसिन और कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में जॉइंट अपॉइंटमेंट है, साथ ही एलिस फिशेल कैंसर सेंटर में इम्यूनो-ऑन्कोलॉजी और थेरेप्यूटिक्स प्रोग्राम के एसोसिएट डायरेक्टर हैं।
उनके शोध को फेफड़े, अंडाशय, स्तन, अग्नाशय और लिवर कैंसर के इलाज के लिए उन्नत किया जा रहा है। रघुरामन कन्नन का कहना है कि “NAI फेलो के रूप में नामित होना एक बहुत बड़ा सम्मान है, और यह सम्मान मेरे सहयोगियों और छात्रों के लिए भी उतना ही मायने रखता है।”
हेनरी गुयेन के साथ NAI फेलो में शामिल
दूसरे फेलो हेनरी गुयेन प्लांट जेनेटिक्स और बायोटेक्नोलॉजी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाने जाते हैं। उनका काम फसलों की सहनशीलता बढ़ाने और जीनोमिक उपकरणों के उपयोग पर केंद्रित है। उनके पास पांच पेटेंट हैं, जिनमें एक अमेरिकी पेटेंट सक्रिय है।
दोनों शोधकर्ताओं को इस गर्मी में लॉस एंजिल्स में NAI के सालाना कार्यक्रम में औपचारिक रूप से शामिल किया जाएगा।











