प्रयागराज पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, माघ मेला से पहले संतों संग किया गंगा पूजन, तैयारियों की ली समीक्षा

प्रयागराज पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, माघ मेला से पहले संतों संग किया गंगा पूजन, तैयारियों की ली समीक्षा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे प्रयागराज पहुंचे और संगम नोज पर संतों के साथ गंगा पूजन किया। इसके बाद वह खाकचौक व्यवस्था समिति के महामंत्री जगद्गुरु संतोषाचार्य के शिविर में आयोजित जगद्गुरु रामानंदाचार्य के जन्मोत्सव समारोह में शामिल हुए।

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को प्रयागराज पहुंचे, जहां उन्होंने संगम नोज पर संतों के साथ विधिवत गंगा पूजन किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री ने संगम में स्नान और ध्यान किया तथा आगामी मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या स्नान पर्व के सकुशल और शांतिपूर्ण आयोजन की कामना की। मुख्यमंत्री का यह दौरा माघ मेला 2026 की तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

संगम नोज पर धार्मिक अनुष्ठान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे प्रयागराज पहुंचे। आगमन के तुरंत बाद वह संगम नोज पहुंचे, जहां संत-महात्माओं की उपस्थिति में उन्होंने मां गंगा की विधिवत पूजा-अर्चना की। गंगा पूजन के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश और देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और स्वास्थ्य की मंगल कामना की। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान पूरे संगम क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला।

गंगा पूजन के बाद मुख्यमंत्री मोटर बोट से वीआईपी घाट पहुंचे और वहां से बड़े हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके उपरांत वह खाकचौक स्थित जगद्गुरु संतोषाचार्य सतुआ बाबा के शिविर पहुंचे, जहां जगद्गुरु रामानंदाचार्य के 726वें प्राकट्य (जन्मोत्सव) समारोह का आयोजन किया गया था। मुख्यमंत्री ने संतों के साथ विचार साझा किए और भारतीय संत परंपरा, वैष्णव दर्शन तथा सामाजिक समरसता पर अपने विचार रखे।

माघ मेला और स्नान पर्व की तैयारियों की समीक्षा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रयागराज दौरा केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहा। दोपहर बाद वह आईसीसीसी सभागार पहुंचे, जहां उन्होंने माघ मेला 2026 और प्रमुख स्नान पर्वों—विशेष रूप से मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या—की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को श्रद्धालुओं की संभावित संख्या, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता, पेयजल और आवासीय व्यवस्थाओं की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि माघ मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है, इसलिए इसकी व्यवस्थाएं विश्वस्तरीय होनी चाहिए।

श्रद्धालुओं की आवाजाही और सुरक्षा पर विशेष फोकस

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के आगमन और प्रस्थान की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने रेलवे, रोडवेज, पुलिस और नगर निगम के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया ताकि भीड़ प्रबंधन सुचारु रूप से किया जा सके। साथ ही, आपातकालीन सेवाओं और स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह अलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए गए।

प्रशासनिक समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और भाजपा पदाधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने माघ मेला और प्रयागराज के समग्र विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की और संगठनात्मक फीडबैक भी लिया। अपने लगभग छह घंटे के प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री शाम करीब चार बजे डॉ. राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में भी शामिल हुए। बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक विकास से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा हुई।

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