PSU बैंक शेयर में मजबूती, एमके ग्लोबल ने दी BUY रेटिंग और ₹350 का टारगेट

एमके ग्लोबल ने बैंक ऑफ बड़ौदा पर BUY रेटिंग जारी की, टारगेट प्राइस ₹350 रखा। मजबूत फंडामेंटल, NIM स्थिर और क्रेडिट ग्रोथ सकारात्मक है।

एमके ग्लोबल ने बैंक ऑफ बड़ौदा पर मजबूत BUY रेटिंग जारी की है और टारगेट प्राइस ₹350 रखा है। बैंक के फंडामेंटल, क्रेडिट ग्रोथ और NIM स्थिरता निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर पेश करते हैं।

PSU Stock: सरकारी सेक्टर के बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) पर ब्रोकरेज फर्म एमके ग्लोबल (Emkay Global) ने मजबूत BUY रेटिंग जारी की है। फर्म का कहना है कि बैंक का फंडामेंटल मजबूत है और वर्तमान वैल्यूएशन निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प पेश करता है। ब्रोकरेज का दृष्टिकोण पूरे PSB सेक्टर के लिए सकारात्मक है। बैंक ऑफ बड़ौदा में निवेश के पीछे मुख्य वजह इसके रिटर्न रेशियो का मजबूत होना, पर्याप्त कैपिटल बफर, स्थिर प्रबंधन टीम और उचित वैल्यूएशन है।

टारगेट प्राइस में बढ़ोतरी

एमके ग्लोबल ने बैंक ऑफ बड़ौदा का टारगेट प्राइस ₹330 से बढ़ाकर ₹350 कर दिया है। वर्तमान में शेयर 290 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा है, जिससे अनुमानित अपसाइड करीब 21 फीसदी है। बैंक का वैल्यूएशन FY27 के एडजस्टेड बुक वैल्यू (ABV) के 0.9 मल्टीपल पर है, जो इसे निवेशकों के लिए और भी आकर्षक बनाता है।

शेयर का परफॉर्मेंस

बीते एक साल में बैंक ऑफ बड़ौदा का शेयर 18 फीसदी उछला है। पिछले छह महीनों में यह 22 फीसदी और पिछले तीन महीनों में करीब 15 फीसदी की तेजी दिखा चुका है। 52 हफ्ते में शेयर का हाई 303.90 और लो 190.70 रहा है। कंपनी का मार्केट कैप 1.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। यह प्रदर्शन शेयर की स्थिरता और निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।

क्रेडिट ग्रोथ का आउटलुक

ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार बैंक मैनेजमेंट को उम्मीद है कि आगे भी क्रेडिट ग्रोथ 11 से 13 फीसदी के बीच बनी रहेगी। यह ग्रोथ मुख्य रूप से रिटेल लोन, MSME और कॉरपोरेट सेगमेंट से आएगी। इसके अलावा, बैंक का विदेशी कारोबार भी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। रुपये की कमजोरी विदेशी कारोबार के लिए अनुकूल रही है और इससे बैंक को अतिरिक्त लाभ मिला है।

नेट इंटरेस्ट मार्जिन और आय

मैनेजमेंट का मानना है कि कोर नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) करीब 2.8 फीसदी पर स्थिर रह सकता है। दूसरी छमाही (H2) में कुल मार्जिन 2.85 से 3 फीसदी के बीच रहने की उम्मीद है। इसमें आयकर रिफंड पर मिलने वाला ब्याज भी निकट भविष्य में सहारा देगा। NIM की स्थिरता बैंक के स्थिर इनकम फाउंडेशन को दर्शाती है और निवेशकों के लिए भरोसेमंद संकेत है।

संभावित क्रेडिट लॉस और प्रोविजन

बैंक ऑफ बड़ौदा ने संभावित ECL (Expected Credit Loss) फ्रेमवर्क को ध्यान में रखते हुए लगभग ₹10 अरब रुपये का फ्लोटिंग प्रोविजन रखा है। यह कुल लोन का लगभग 0.1 फीसदी है। ड्राफ्ट ECL नियमों के लागू होने पर CET-1 कैपिटल पर करीब 75 बेसिस पॉइंट का असर पड़ सकता है। हालांकि, बैंक मैनेजमेंट का मानना है कि वास्तविक असर इससे कम हो सकता है। यह कदम बैंक की वित्तीय तैयारी और जोखिम प्रबंधन क्षमता को दर्शाता है।

PSB विलय पर बैंक का रुख

हाल ही में PSB सेक्टर में विलय की चर्चाएं बढ़ी हैं। इस पर बैंक ऑफ बड़ौदा ने साफ किया है कि फिलहाल वे किसी विलय प्रक्रिया में शामिल नहीं हैं। हालांकि, भविष्य में अगर विलय होता है तो यह पहले की तुलना में कम जटिल हो सकता है। इसका कारण यह है कि अधिकांश बैंक अब बेहतर स्थिति में हैं और पिछली अनुभवों से रणनीति तैयार की गई है।

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