AAP ने पुणे मनपा चुनाव के लिए 25 उम्मीदवार घोषित किए। पार्टी ने अनुसूचित जाति, ओबीसी और महिला उम्मीदवारों को मौका देकर अपने सामाजिक समावेशन और स्थानीय मुद्दों पर फोकस को दिखाया।
Pune: महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों की सरगर्मी तेज हो चुकी है। इसी बीच अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी ने पुणे महानगरपालिका चुनाव में औपचारिक रूप से एंट्री कर ली है। पार्टी ने अपने चुनावी अभियान की शुरुआत करते हुए 25 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इस घोषणा के साथ ही साफ हो गया है कि आम आदमी पार्टी इस बार पुणे की नगर राजनीति में खुद को मजबूत विकल्प के रूप में पेश करने की तैयारी में है।
पहली सूची जारी होते ही बढ़ी राजनीतिक हलचल
आम आदमी पार्टी की ओर से जारी की गई पहली सूची में अलग-अलग सामाजिक वर्गों और वार्डों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। पार्टी का दावा है कि उम्मीदवारों के चयन में जमीनी जुड़ाव, सामाजिक संतुलन और स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता दी गई है। इस सूची के सामने आने के बाद पुणे की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि यह पार्टी का नगर निगम चुनाव में अब तक का सबसे बड़ा दांव माना जा रहा है।
किस प्रभाग से किसे मिला टिकट
जारी की गई सूची के अनुसार प्रभाग 3 (अ) से शितल कांडेलकर को उम्मीदवार बनाया गया है, जो ओबीसी महिला वर्ग का प्रतिनिधित्व करेंगी। प्रभाग 5 (अ) से संतोष काले को टिकट दिया गया है, जो ओबीसी सर्वसाधारण वर्ग से आते हैं। प्रभाग 6 (अ) से अनुसूचित जाति वर्ग से श्रद्धा शेट्टी को मौका मिला है। वहीं प्रभाग 7 (ड) से शंकर थोरात को सर्वसाधारण श्रेणी में उम्मीदवार बनाया गया है।
अनुसूचित जाति और महिला वर्ग को प्राथमिकता
सूची पर नजर डालें तो साफ दिखता है कि आम आदमी पार्टी ने अनुसूचित जाति और महिला उम्मीदवारों को विशेष महत्व दिया है। प्रभाग 8 (अ) से विकास चव्हाण, प्रभाग 22 (अ) से मधू किरण कांबळे, प्रभाग 23 (क) से उमेश बागडे, प्रभाग 26 (अ) से निरंजन अडागळे और प्रभाग 14 (अ) से प्रिया निलेश कांबळे को अनुसूचित जाति श्रेणी से टिकट दिया गया है। इनमें से कई उम्मीदवार महिलाएं हैं, जिससे पार्टी का सामाजिक समावेशन पर फोकस साफ झलकता है।
अन्य प्रमुख उम्मीदवारों के नाम

प्रभाग 8 (क) से अनिस, प्रभाग 9 (ड) से सुदर्शन जगदाळे, प्रभाग 10 से आरती करंजावणे, प्रभाग 10 (ड) से कृणाल घारे, प्रभाग 11 (ड) से दत्तात्रय भांगे और प्रभाग 19 (क) से समीर आरवडे को मैदान में उतारा गया है। इसके अलावा प्रभाग 27 (ड) से अनिल कोंढाळकर, प्रभाग 31 (ड) से अमोल काळे, प्रभाग 32 (ड) से निलेश वांजळे और प्रभाग 32 (क) से सुरेखा भोसले को टिकट मिला है।
ओबीसी प्रतिनिधित्व पर भी फोकस
आम आदमी पार्टी ने ओबीसी वर्ग को भी नजरअंदाज नहीं किया है। प्रभाग 23 (ब) से विजया किरण कद्रे, प्रभाग 34 (अ) से धनंजय बेनकर जैसे नाम इस बात का संकेत हैं कि पार्टी सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति पर काम कर रही है। प्रभाग 33 (ड) से रमेश मते, प्रभाग 39 (ड) से कुमार धोंगडे, प्रभाग 40 (ड) से गजानन भोसले और प्रभाग 38 (इ) से प्रशांत कांबळे को भी टिकट देकर पार्टी ने व्यापक कवरेज का प्रयास किया है।
पुणे में आम आदमी पार्टी की रणनीति
आम आदमी पार्टी का मानना है कि पुणे जैसे बड़े और शिक्षित शहर में शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी, ट्रैफिक और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे मतदाताओं के लिए बेहद अहम हैं। पार्टी इन्हीं मुद्दों को केंद्र में रखकर चुनाव मैदान में उतर रही है। दिल्ली और पंजाब में अपनी सरकारों का हवाला देते हुए पार्टी स्थानीय स्तर पर सुशासन का मॉडल पेश करने की कोशिश कर रही है।
15 जनवरी को होगा मतदान
महाराष्ट्र में मुंबई समेत कुल 29 नगर निकायों के लिए 15 जनवरी को मतदान होगा। चुनाव के नतीजे 16 जनवरी को घोषित किए जाएंगे। यह चुनाव विधानसभा चुनाव के करीब एक साल बाद हो रहा है, ऐसे में इसे एक बड़े राजनीतिक शक्ति परीक्षण के रूप में देखा जा रहा है। सत्ताधारी भाजपा के नेतृत्व वाला महायुति गठबंधन और विपक्षी महा विकास आघाडी के बीच सीधा मुकाबला होगा, जिसमें आम आदमी पार्टी तीसरे विकल्प के रूप में अपनी जगह बनाने की कोशिश करेगी।
चुनाव प्रक्रिया की पूरी टाइमलाइन
राज्य चुनाव आयोग के अनुसार नामांकन प्रक्रिया 23 दिसंबर से शुरू होकर 30 दिसंबर तक चलेगी। नामांकन पत्रों की छंटनी 31 दिसंबर को होगी। उम्मीदवारों के नाम वापस लेने की अंतिम तिथि दो जनवरी 2026 तय की गई है। तीन जनवरी को चुनाव चिह्नों का आवंटन होगा और उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी की जाएगी।
करोड़ों मतदाताओं की भागीदारी
इन 29 नगर निकायों में कुल 2,869 सीटों के लिए मतदान होगा, जिसमें अकेले बृहन्मुंबई महानगरपालिका की 227 सीटें शामिल हैं। राज्यभर में 3.48 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र हैं। आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है, जिससे सभी राजनीतिक दलों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।











