कर्नाटक कांग्रेस नेताओं ने बुधवार को बेलगावी के सुवर्ण सौधा में गांधी प्रतिमा के पास केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन नेशनल हेराल्ड मामले और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलकर वीबी-जी राम जी करने के फैसले के विरोध में किया गया।
बेंगलुरु: कर्नाटक में कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है। यह प्रदर्शन महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलकर वीबी-जी राम जी योजना करने और नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर किया गया। बुधवार को बेलगावी स्थित सुवर्ण सौधा परिसर में गांधी प्रतिमा के पास आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार ऐतिहासिक संस्थाओं और सामाजिक कल्याण योजनाओं के नाम बदलकर राजनीतिक एजेंडा चला रही है और इससे महात्मा गांधी के योगदान का अपमान हो रहा है।
नेशनल हेराल्ड भारत की आज़ादी से जुड़ा: डीके शिवकुमार
विरोध प्रदर्शन के दौरान उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि नेशनल हेराल्ड केवल एक अखबार नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का अहम हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा कि इसकी स्थापना जवाहरलाल नेहरू ने की थी और यह आज़ादी की लड़ाई की आवाज़ बना था। डीके शिवकुमार ने केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस मामले को राजनीतिक बदले की भावना से देखा जा रहा है। उनके अनुसार, नेशनल हेराल्ड देश की विरासत है और उस पर कार्रवाई करना स्वतंत्रता आंदोलन की स्मृतियों को कमजोर करने जैसा है।

मनरेगा का नाम बदलना गांधी का अपमान: कांग्रेस
कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार के उस फैसले की भी कड़ी आलोचना की, जिसमें मनरेगा का नाम बदलकर वीबी-जी राम जी करने का प्रस्ताव संसद में पेश किया गया है। कांग्रेस का कहना है कि मनरेगा जैसे सफल सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार मनरेगा को खत्म नहीं कर पाई, इसलिए अब उसका नाम बदलकर उसकी पहचान को धुंधला किया जा रहा है।
कर्नाटक के मंत्री एम बी पाटिल ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रपिता हैं और उनके नाम से जुड़ी योजना को बदलना असंवेदनशील कदम है। उन्होंने कहा कि मनरेगा को मनमोहन सिंह सरकार ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के मार्गदर्शन में शुरू किया था और इसने ग्रामीण भारत में करोड़ों लोगों को रोजगार दिया।उन्होंने कहा, यह एक बेहद सफल योजना थी। भाजपा इसे खत्म नहीं कर सकी, इसलिए अब नाम बदलकर इसका श्रेय लेना चाहती है।
भाजपा का पलटवार: कांग्रेस को बताया गांधी विरोधी
कांग्रेस के विरोध पर भाजपा ने भी तीखा जवाब दिया है। कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के नेता चालवडी नारायणस्वामी ने कहा कि भाजपा गांधी विरोधी नहीं है, बल्कि कांग्रेस ही गांधी की विचारधारा से भटक चुकी है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस को भंग करने की बात कही थी, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने उनकी इस सलाह को नजरअंदाज किया। भाजपा नेता के मुताबिक, “जो लोग गांधी की बात नहीं मानते, वही आज उनके नाम की राजनीति कर रहे हैं।











