पंजाब में सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल का असर पटियाला के सरकारी स्कूलों में भी दिखा। नियमित अध्यापकों की गैरमौजूदगी के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित रहा और हड़ताल वाले स्कूलों में करीब 90 प्रतिशत विद्यार्थी अनुपस्थित रहे।
पटियाला: पंजाब में सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल के चलते जिले के सरकारी स्कूलों में भी पढ़ाई प्रभावित हुई। Punjab Employees Strike के दौरान कई स्कूलों के गेट खुले रहे, लेकिन नियमित अध्यापक ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। कुछ स्कूलों में प्रोबेशन पर तैनात नए अध्यापक विद्यार्थियों की देखरेख के लिए पहुंचे, जबकि अधिकांश बच्चों ने स्कूल से दूरी बनाए रखी।
हड़ताल का सरकारी स्कूलों में दिखा असर
पंजाब सरकार के कर्मचारियों की वीरवार को हुई हड़ताल का असर पटियाला जिले के सरकारी स्कूलों में देखने को मिला। कई स्कूलों के मुख्य गेट खुले रहे, लेकिन नियमित अध्यापकों के ड्यूटी पर नहीं पहुंचने के कारण कक्षाओं में सामान्य तरीके से पढ़ाई नहीं हो सकी।

स्कूल पहुंचे विद्यार्थियों को भी नियमित शिक्षकों के आने का इंतजार करना पड़ा। कुछ स्थानों पर प्रोबेशन पर तैनात नवनियुक्त अध्यापक स्कूल पहुंचे और बच्चों की देखरेख की। हालांकि उनकी मौजूदगी के बावजूद कई स्कूलों में नियमित शिक्षण व्यवस्था प्रभावित रही।
हड़ताल की पहले ही दी गई थी जानकारी
जानकारी के अनुसार, कई अध्यापकों ने विद्यार्थियों को एक दिन पहले ही वीरवार को होने वाली हड़ताल के बारे में बता दिया था। इसका सीधा असर अगले दिन स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति पर नजर आया।
जिन स्कूलों में हड़ताल का असर रहा, वहां करीब 90 प्रतिशत विद्यार्थी स्कूल नहीं पहुंचे, जबकि लगभग 10 प्रतिशत विद्यार्थी ही स्कूल आए। इस वजह से कई कक्षाओं में सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम बच्चे दिखाई दिए।
स्कूल पहुंचे बच्चों की पढ़ाई भी रही प्रभावित
हड़ताल के बावजूद स्कूल पहुंचे विद्यार्थियों को भी नियमित कक्षाएं नहीं मिल सकीं। अध्यापकों की अनुपस्थिति के कारण कई बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई और स्कूल का शैक्षणिक माहौल सामान्य नहीं रह सका।
वहीं, अभिभावकों के बीच भी बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर असमंजस की स्थिति रही। कुछ अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने से पहले शिक्षकों से हड़ताल के संबंध में जानकारी ली। वहीं, हड़ताल की जानकारी मिलने के बाद कई अभिभावकों ने बच्चों को घर पर ही रखना उचित समझा।
इस तरह कर्मचारियों की हड़ताल का असर सिर्फ सरकारी कार्यालयों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पटियाला के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति और नियमित पढ़ाई पर भी इसका प्रभाव देखने को मिला।












