पंजाब में सब्जियों के दाम बढ़े, प्याज 60 और नींबू 100 रुपये किलो पहुंचा

पंजाब में कमजोर मानसून से सब्जियों की आवक घटी और दाम बढ़े। प्याज ₹60, नींबू ₹100 और लहसुन ₹200 किलो तक पहुंचा, रसोई का बजट प्रभावित।

पंजाब और आसपास के राज्यों में कमजोर मानसून से सब्जियों की आवक घटने के कारण कीमतें बढ़ गई हैं। प्याज 60 रुपये और नींबू 100 रुपये किलो पहुंच गया है, जिससे घरेलू रसोई का बजट प्रभावित हुआ है।

संगरूर: पंजाब की सब्जी मंडियों में पिछले एक सप्ताह में कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। कमजोर मानसून के कारण उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र से सब्जियों की आवक घटने का असर बाजार भाव पर पड़ा है। प्याज 60 रुपये, नींबू 100 रुपये और लहसुन 200 रुपये किलो तक पहुंच गया है। बढ़ती कीमतों के चलते ग्राहक खरीदारी से बच रहे हैं।

कमजोर मानसून से सब्जियों की आवक प्रभावित

पंजाब और आसपास के राज्यों में पर्याप्त बारिश नहीं होने का सीधा असर सब्जियों की सप्लाई पर पड़ा है। दूसरे राज्यों से मंडियों में आने वाली सब्जियों की मात्रा कम होने के कारण पिछले करीब एक सप्ताह में कई प्रमुख सब्जियों के दाम तेजी से बढ़े हैं।

सब्जी विक्रेताओं के मुताबिक आमतौर पर सब्जियों के दाम सितंबर के आसपास बढ़ते हैं, लेकिन इस बार अगस्त में ही कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। आवक कम होने से मंडियों में थोक कीमतें बढ़ी हैं और इसका असर खुदरा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।

प्याज, आलू और टमाटर जैसी कई सब्जियां उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र से पंजाब पहुंचती हैं। इन राज्यों में बारिश कम होने से उत्पादन और आवक प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर पंजाब के बाजार में कीमतों पर पड़ा है।

प्याज और नींबू समेत कई सब्जियां महंगी

सब्जियों की मौजूदा कीमतों में प्याज सबसे ज्यादा चर्चा में है। प्याज का भाव करीब सात दिन पहले 40 रुपये प्रति किलो था, जो अब बढ़कर 60 रुपये प्रति किलो हो गया है। नींबू भी 80 रुपये से बढ़कर 100 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।

लहसुन की कीमत में भी 40 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। इसका भाव 160 रुपये से बढ़कर 200 रुपये प्रति किलो हो गया है। कद्दू 40 रुपये से बढ़कर 80 रुपये और गोभी 50 रुपये से बढ़कर 80 रुपये किलो पहुंच गई है।

खीरे का भाव 60 से बढ़कर 80 रुपये, अरबी 30 से 45 रुपये और भिंडी 40 से 50 रुपये किलो हो गई है। अदरक भी 80 से बढ़कर 100 रुपये किलो बिक रहा है।

हालांकि सभी सब्जियों की कीमतें नहीं बढ़ी हैं। आलू 20 रुपये, पेठा 20 रुपये और शिमला मिर्च 60 रुपये प्रति किलो पर स्थिर हैं। वहीं टमाटर की कीमत 60 रुपये से घटकर 50 रुपये और फली 120 रुपये से घटकर 100 रुपये किलो हो गई है।

दाम बढ़ने से मंडी में घटे ग्राहक

सब्जियों की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी का असर मंडियों में ग्राहकों की संख्या पर भी दिखाई दे रहा है। विक्रेताओं के अनुसार पहले सुबह और शाम मंडी में अच्छी भीड़ रहती थी, लेकिन अब कई ग्राहक कीमत पूछने के बाद बिना खरीदारी किए लौट रहे हैं।

सब्जी विक्रेता कंवलजीत सिंह के मुताबिक ग्राहक दाम सुनने के बाद खरीदारी कम कर रहे हैं। उनके अनुसार दूसरे राज्यों में कम बारिश के कारण आवक प्रभावित हुई है और इसी वजह से कीमतों में तेजी आई है।

सोमवार को स्थानीय सब्जी मंडी में भी पहले की तुलना में कम ग्राहक पहुंचे। विक्रेताओं का कहना है कि अगर दूसरे राज्यों से सप्लाई में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।

कमजोर मानसून के कारण बढ़ी यह महंगाई अब सीधे घरेलू रसोई के बजट को प्रभावित कर रही है। रोजाना इस्तेमाल होने वाली सब्जियों के महंगे होने से परिवारों को कम मात्रा में खरीदारी करने या सस्ती सब्जियों का विकल्प चुनने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

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