रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भारत दौरा भव्य स्वागत के साथ शुरू हुआ। राष्ट्रपति भवन में औपचारिक समारोह के बाद उन्होंने राजघाट जाकर श्रद्धांजलि दी। पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी के बीच आज India-Russia Summit में कई अहम समझौतों पर चर्चा होने वाली है।
Putin Ceremonial Welcome: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भारत दौरा शुक्रवार को औपचारिक स्वागत समारोह के साथ शुरू हुआ। पुतिन गुरुवार देर शाम नई दिल्ली पहुंचे थे और लगभग 27 घंटे की इस महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान भारत और रूस के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा होनी तय है। राष्ट्रपति भवन में हुए स्वागत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और कई वरिष्ठ सैन्य एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
पुतिन के पहुंचने पर उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई, जिसे भारतीय परंपरा में सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। समारोह के बाद पुतिन ने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया और फिर अपने निर्धारित कार्यक्रमों की ओर रवाना हुए।
राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत
रूसी राष्ट्रपति के स्वागत के लिए राष्ट्रपति भवन परिसर में पूरी तैयारी की गई थी। सुबह होते ही तीनों सेनाओं के दस्ते तैयार खड़े थे और जैसे ही पुतिन पहुंचे, सैन्य बैंड की धुनों के बीच औपचारिक स्वागत प्रक्रिया शुरू हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया, जबकि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी उनसे औपचारिक मुलाकात की। इस कार्यक्रम में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान सहित कई उच्च अधिकारी उपस्थित थे।

भारतीय पक्ष में इस स्वागत समारोह को विशेष महत्व दिया गया क्योंकि यह भारत-रूस संबंधों की मजबूती और दशकों लंबे Strategic Cooperation को दर्शाता है। समारोह के बाद पुतिन ने सैन्य गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया और भारतीय सेना, नौसेना एवं वायुसेना की टुकड़ियों का अभिवादन स्वीकार किया।
राजघाट पर श्रद्धांजलि
औपचारिक स्वागत के तुरंत बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सीधे राजघाट रवाना हुए, जहां उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की। यह भारतीय परंपरा का अहम हिस्सा है और देश के मेहमानों को श्रद्धांजलि अर्पित कर भारत की सांस्कृतिक विरासत से परिचित करवाया जाता है।
राजघाट पर कुछ समय बिताने के दौरान पुतिन ने आगंतुक पुस्तिका में संदेश भी दर्ज किया। भारत सरकार की ओर से उनकी इस यात्रा के सांस्कृतिक और कूटनीतिक महत्व को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया।
दूसरे दिन का एजेंडा
पुतिन की इस यात्रा का मुख्य आकर्षण India-Russia Annual Summit है, जो हैदराबाद हाउस में आयोजित होगा। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन के बीच कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा होनी है। रणनीतिक, आर्थिक, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग के नए रोडमैप पर हस्ताक्षर संभव हैं। चर्चा का केंद्र बिंदु India-Russia Strategic Economic Roadmap 2030 रहेगा, जो दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक साझेदारी को मजबूत करेगा।

भारत रक्षा क्षेत्र में S-400 मिसाइल सिस्टम की तेज़ डिलीवरी पर जोर दे रहा है। साथ ही सुखोई विमानों के अपग्रेड, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं पर भी बातचीत होने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के अनुसार भारत रूसी Su-57 Fighter Jet Programme में भी रुचि दिखा रहा है, हालांकि इस पर अंतिम निर्णय आगे की बातचीत पर निर्भर करेगा।
बैठकों के बाद Working Lunch रखा गया है, जहां दोनों देशों की टीम आपसी व्यापार और औद्योगिक सहयोग पर विस्तृत चर्चा करेगी। इसके बाद पुतिन Russia-India Business Forum में शामिल होंगे, जहां भारतीय बिज़नेस लीडर्स और रूसी प्रतिनिधियों के साथ निवेश व व्यापार संभावनाओं पर बात होगी। शाम को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति भवन में State Banquet आयोजित करेंगी। डिनर के बाद पुतिन सीधे मॉस्को के लिए रवाना होंगे।
पीएम मोदी और पुतिन की मुलाकात
पुतिन के भारत पहुँचते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं पालम एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे और उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया और कार में साथ रवाना हुए। पुतिन सीधे प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पहुंचे, जहां दोनों नेताओं ने निजी मुलाकात और डिनर किया।
पीएम मोदी ने X पर पोस्ट कर कहा, “मेरे दोस्त, राष्ट्रपति पुतिन का भारत में स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। आज शाम और कल हमारी बातचीत का इंतजार है। भारत-रूस दोस्ती समय की कसौटी पर खरी उतरी है जिससे हमारे लोगों को बहुत फायदा हुआ है।”
डिनर के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को रूसी भाषा में भगवद गीता की प्रति भेंट की। प्रधानमंत्री ने कहा कि गीता की शिक्षाएं विश्व भर में लोगों को प्रेरित करती हैं।










