Form 6 में बदलाव पर राहुल गांधी के सवाल, पूछा- चुनाव आयोग में किसने दिया आदेश?

Form 6 Controversy: राहुल गांधी ने फॉर्म-6 में कथित बदलाव को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि बदलाव का आदेश किसने दिया और चुनाव आयुक्तों

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर पूछा कि आखिर इस फॉर्म में बदलाव करने का आदेश किसने दिया।

नई दिल्ली: भारत में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर राजनीतिक बहस के बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ऑनलाइन Form 6 में किए गए बदलावों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से पूछा कि इस बदलाव को लागू करने का आदेश किसने दिया और इसे लागू करने के लिए तकनीकी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) को किस स्तर से निर्देश मिले थे।

राहुल गांधी ने 1 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए Form 6 में बदलाव को लेकर सवाल उठाए। उनके मुताबिक, ऑनलाइन Form 6 में कथित तौर पर ऐसा बदलाव किया गया जिसे उन्होंने “गैरकानूनी” बताया। उन्होंने यह भी सवाल किया कि TCS में इस बदलाव को मंजूरी देने वाले अधिकारी कौन थे और क्या कंपनी पर इसे लागू करने का दबाव था।

क्या है Form 6 और क्यों है चर्चा में?

भारत में Form 6 का इस्तेमाल नए मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए किया जाता है। चुनाव आयोग के आधिकारिक नागरिक सेवा पोर्टल पर भी 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र नागरिकों के लिए नए मतदाता पंजीकरण हेतु Form 6 उपलब्ध है। विवाद उस समय बढ़ा जब SIR प्रक्रिया के दौरान ऑनलाइन Form 6 में एक अतिरिक्त घोषणा से जुड़ी व्यवस्था दिखाई देने लगी। इस व्यवस्था में आवेदकों से पिछली मतदाता सूची में अपने या परिवार के सदस्यों के नाम से संबंधित जानकारी मांगी गई थी।

इसका संबंध उन क्षेत्रों में मतदाता सूची के पुनरीक्षण से था जहां SIR की प्रक्रिया चल रही थी। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भी SIR-2026 से संबंधित मतदाता सेवाएं और पिछली SIR की मतदाता सूची में नाम खोजने की सुविधा उपलब्ध है।

SIR पूरा होने वाले राज्यों में बदलाव हटाया गया

ताजा घटनाक्रम में चुनाव आयोग ने उन राज्यों में Form 6 से अतिरिक्त SIR घोषणा को हटाने का फैसला किया है जहां मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण पूरा हो चुका है। इसका मतलब है कि इन राज्यों में नए मतदाता के तौर पर पंजीकरण कराने वाले लोगों को सामान्य Form 6 प्रक्रिया का पालन करना होगा। वहीं, जिन क्षेत्रों में SIR अभी जारी है, वहां अतिरिक्त प्रक्रिया लागू रहने की जानकारी सामने आई है।

इस बदलाव की पृष्ठभूमि में चुनाव आयोग के भीतर भी मतभेद सामने आए। रिपोर्टों के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने Form 6 में अतिरिक्त घोषणा जोड़ने को लेकर आपत्ति जताई थी। उनकी आपत्ति मुख्य रूप से इस बात से जुड़ी थी कि वैधानिक फॉर्म में बदलाव की प्रक्रिया किस कानूनी अधिकार के तहत की गई।

राहुल गांधी ने TCS की भूमिका पर भी पूछा सवाल

राहुल गांधी ने अपने बयान में केवल चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल नहीं उठाया, बल्कि Form 6 में तकनीकी बदलाव लागू करने वाली TCS की भूमिका को लेकर भी जवाब मांगा। उन्होंने पूछा कि चुनाव आयोग के भीतर किस व्यक्ति या अधिकारी ने बदलाव करने का निर्देश दिया और TCS की ओर से इसे किसने मंजूरी दी।

उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या इस बदलाव को लागू करने के लिए कंपनी पर किसी तरह का दबाव था। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में राहुल गांधी के इन सवालों को उनके राजनीतिक आरोप और मांग के रूप में पेश किया गया है। इन सवालों के आधार पर अपने आप यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि किसी कंपनी या अधिकारी पर वास्तव में दबाव डाला गया था।

Leave a comment