राजस्थान की भरतपुर पुलिस ने होटल में बैठकर जमीन कब्जाने की साजिश रच रही कुख्यात विनोद पथैना गैंग को पकड़ा। आरोपियों के पास हथियार और बुलेटप्रूफ जैकेट मिले। सात बदमाशों को गिरफ्तार कर कोर्ट ने तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
भरतपुर: राजस्थान के भरतपुर जिले में पुलिस ने एक संगठित अपराध गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो कथित तौर पर बुलेट प्रूफ जैकेट पहनकर वारदातों को अंजाम देने और जमीनों पर कब्जे की साजिश रच रहा था। मथुरा गेट थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एक होटल में छापा मारकर कुख्यात अपराधी विनोद पथैना समेत कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 3 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
होटल में चल रही थी जमीन कब्जाने की साजिश
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह भरतपुर के सारस चौराहे स्थित एक होटल में बैठकर किसी बड़ी आपराधिक वारदात और जमीन पर कब्जे की योजना बना रहा था। इसी दौरान पुलिस ने अचानक दबिश देकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गैंग के सदस्य विभिन्न राज्यों में सक्रिय बताए जा रहे हैं और इनके खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
मुख्य आरोपी विनोद पथैना और उसका आपराधिक नेटवर्क
इस गिरोह का कथित सरगना विनोद पथैना बताया जा रहा है, जो गांव पथैना का निवासी है। जांच में सामने आया है कि उसके पिता एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी रह चुके हैं, लेकिन आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के कारण परिवार ने उसे कथित तौर पर अलग कर दिया था।
पुलिस का कहना है कि विनोद लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय था और उसके खिलाफ रंगदारी, फायरिंग और जमीन विवादों से जुड़े कई मामले दर्ज हैं।
बुलेट प्रूफ जैकेट और भारी हथियार बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और आपराधिक सामग्री बरामद की है। इनमें शामिल हैं—
- 1 पिस्टल
- 1 देसी कट्टा
- 1 तलवार
- पिस्टल के कारतूस रखने का होल्स्टर
- 1 बुलेट प्रूफ जैकेट
- कई संदिग्ध जमीनों के दस्तावेज
पुलिस के अनुसार, गैंग के सदस्य संभावित हमलों के दौरान खुद की सुरक्षा के लिए बुलेट प्रूफ जैकेट का उपयोग करते थे।
होटल मालिक की भूमिका पर भी जांच
इस मामले में होटल संचालक की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। पुलिस का दावा है कि होटल का मालिक जगदीश भी इस गैंग से जुड़ा हुआ था और वही जगह गिरोह की बैठकों और साजिशों के लिए इस्तेमाल की जा रही थी।
हालांकि, छापेमारी के दौरान होटल मालिक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

गैंग के अन्य सदस्य और गिरफ्तारी
पुलिस ने इस कार्रवाई में विनोद पथैना के अलावा जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें केशव, अशोक, घनश्याम, जितेंद्र, गंगासहाय और हाकिम शामिल हैं।
इन सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है ताकि उनके नेटवर्क और योजनाओं की गहराई से जांच की जा सके।
जमीन कब्जे और संगठित अपराध का नेटवर्क
जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह केवल हिंसक अपराध ही नहीं, बल्कि जमीनों पर अवैध कब्जे की साजिशों में भी शामिल था। मौके से बरामद हुए कई जमीनों के कागजात इस ओर इशारा करते हैं कि गिरोह किसी बड़ी संपत्ति हड़पने की योजना पर काम कर रहा था।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन जमीन दस्तावेजों का असली मालिक कौन है और क्या यह किसी बड़े रैकेट का हिस्सा है।
पहले भी आपराधिक मामलों में नामजद रहा है विनोद
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, विनोद पथैना का नाम पहले भी कई गंभीर मामलों में सामने आ चुका है। उस पर व्यापारियों से रंगदारी मांगने और फायरिंग जैसे आरोप दर्ज हैं।
एक पुराने मामले में उसके गैंग के सदस्यों द्वारा एक जिम के बाहर कारोबारी पर गोली चलाने की घटना भी सामने आई थी, जिसका सीसीटीवी फुटेज पुलिस के पास मौजूद है।
कोर्ट में पेशी के दौरान लंगड़ाता दिखा आरोपी
गिरफ्तारी के बाद जब विनोद पथैना को अदालत में पेश किया गया, तो वह लंगड़ाते हुए दिखाई दिया। पुलिस ने दावा किया कि दबिश के दौरान भागने की कोशिश में उसका पैर मुड़ गया था, जिससे वह घायल हो गया।
वहीं, उसके वकील ने अदालत में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया कि पुलिस हिरासत में उसके साथ मारपीट की गई है। वकील ने मामले की वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ दोबारा मेडिकल जांच कराने की मांग की है।
पुलिस और आरोपी पक्ष के दावों में विरोधाभास
इस मामले में पुलिस और आरोपी पक्ष के दावों में विरोधाभास सामने आया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी छापेमारी के दौरान भागने की कोशिश कर रहा था, जबकि बचाव पक्ष का आरोप है कि उसे हिरासत में प्रताड़ित किया गया।
अब अदालत में चल रही रिमांड प्रक्रिया के दौरान इस पूरे मामले की जांच और पूछताछ आगे बढ़ाई जाएगी।
जांच जारी, फरार आरोपी की तलाश तेज
पुलिस ने साफ किया है कि फरार होटल मालिक की गिरफ्तारी प्राथमिकता में है और उसके पकड़े जाने के बाद इस पूरे नेटवर्क का और बड़ा खुलासा हो सकता है।
अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक गैंग तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे एक संगठित अपराध सिंडिकेट होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।










