इंदौर के परदेशीपुरा स्थित आस्था वृद्ध सेवा आश्रम में 26 अगस्त को रक्षाबंधन कार्यक्रम होगा। अभियान के तहत बुजुर्गों और दिव्यांगों के साथ त्योहार मनाया जाएगा। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय समेत जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल होंगे।
इंदौर: इंदौर के परदेशीपुरा स्थित आस्था वृद्ध सेवा आश्रम में 26 अगस्त को सुबह 10.30 बजे रक्षाबंधन का विशेष आयोजन किया जाएगा। ‘आओ बनाएं रक्षाबंधन अपनों के संग’ अभियान के तहत आश्रम के बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के साथ त्योहार मनाकर उनके साथ अपनत्व और संवेदना साझा की जाएगी। नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
आस्था वृद्धाश्रम में बुजुर्गों और दिव्यांगों संग मनाया जाएगा रक्षाबंधन
इंदौर के परदेशीपुरा स्थित आस्था वृद्ध सेवा आश्रम में बुधवार, 26 अगस्त को रक्षाबंधन का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। ‘आओ बनाएं रक्षाबंधन अपनों के संग’ अभियान के तहत होने वाले इस आयोजन में आश्रम में रहने वाले बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के साथ पर्व की खुशियां साझा की जाएंगी। कार्यक्रम का उद्देश्य उन्हें परिवार और समाज के अपनत्व का एहसास कराना है।

आयोजन सुबह 10.30 बजे आस्था वृद्धाश्रम, समाज कल्याण परिसर, इलेक्ट्रॉनिक कॉम्प्लेक्स चौराहा, परदेशीपुरा में होगा। कार्यक्रम में शहर के जनप्रतिनिधियों के साथ सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग भी मौजूद रहेंगे।
कैलाश विजयवर्गीय समेत जनप्रतिनिधि होंगे शामिल
कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनके अलावा महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मैंदोला और पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय सहित शहर के प्रमुख जनप्रतिनिधि और पार्षदगण अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
आयोजन के दौरान आश्रम में रहने वाले बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के साथ रक्षाबंधन मनाया जाएगा। जनप्रतिनिधि और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग उनके साथ समय बिताकर पर्व की खुशियां साझा करेंगे।
सम्मान और अपनत्व का संदेश देगा आयोजन
एमआईसी मेंबर राजेंद्र राठौर के अनुसार, रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम सिर्फ त्योहार मनाने तक सीमित नहीं है। इसके जरिए बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के प्रति समाज में सम्मान, संवेदना और अपनत्व की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया जाएगा।
कार्यक्रम के माध्यम से उन लोगों के साथ भावनात्मक जुड़ाव कायम करने की कोशिश की जाएगी, जिन्हें अपनेपन और स्नेह की जरूरत है। रक्षाबंधन के मौके पर उनके साथ खुशियां बांटकर सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदनाओं को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।











