अयोध्या राम मंदिर में रामलला को चढ़ाए जाने वाले भोग के लिए FSSAI की केंद्रीय टीम 28 मई को सुरक्षा ऑडिट करेगी। सीता रसोई की स्वच्छता, खाद्य गुणवत्ता और रसोइयों के स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ‘भोग’ प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
अयोध्या: Ram Mandir Bhog को जल्द ही FSSAI का शुद्धता प्रमाणपत्र मिलने जा रहा है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने लाइसेंस प्रक्रिया शुरू कर दी है और 27-28 मई को केंद्रीय टीम सीता रसोई का निरीक्षण करेगी। इस दौरान खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था और रसोइयों के स्वास्थ्य मानकों की जांच की जाएगी। सभी परीक्षण पूरे होने के बाद ‘भोग’ प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
सीता रसोई का दो दिन तक होगा निरीक्षण

राम मंदिर परिसर स्थित सीता रसोई का 27 और 28 मई को FSSAI की पांच सदस्यीय केंद्रीय टीम निरीक्षण करेगी। पहले दिन प्री-सेफ्टी ऑडिट किया जाएगा, जबकि दूसरे दिन फाइनल ऑडिट होगा। टीम नई दिल्ली से अयोध्या पहुंचेगी और रसोई संचालन से जुड़े सभी मानकों की जांच करेगी।
खाद्य सामग्री और स्वच्छता व्यवस्था पर रहेगा फोकस
ऑडिट के दौरान भोग तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता परखी जाएगी। साथ ही रसोई की साफ-सफाई, पानी की गुणवत्ता और स्टोरेज व्यवस्था की भी जांच होगी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने पानी के नमूने प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेज दिए हैं।
इसके अलावा परिसर में विशेष शिविर लगाकर रसोइयों और कोठारियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। कर्मचारियों को फास्ट ट्रैक हाइजेनिक ट्रेनिंग भी दी जाएगी ताकि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके।
रिपोर्ट के आधार पर मिलेगा ‘भोग’ प्रमाणपत्र
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार केंद्रीय टीम अपनी रिपोर्ट FSSAI को सौंपेगी। सभी मानकों पर सफल पाए जाने के बाद रामलला के भोग को ‘भोग’ यानी Blissful Hygienic Offering to God प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि अयोध्या के हनुमानगढ़ी, कनक भवन, जैन मंदिर रायगंज और गुरुद्वारा नजरबाग को यह प्रमाणपत्र पहले ही मिल चुका है। राम मंदिर परिसर में निर्माण कार्य जारी होने के कारण अब तक आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी।









