राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले के बीच ट्रस्ट सदस्य दिनेंद्रदास ने मंदिर की व्यवस्था संभाल रहे गोपाल राव पर अव्यवस्था फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने उन्हें पद से हटाने की मांग करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच पर भरोसा जताया।
अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी के मामले के बाद श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य दिनेंद्रदास ने मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने व्यवस्था प्रभारी गोपाल राव पर आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की है। साथ ही मामले की जांच कर रही एजेंसियों से निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद जताई है।
चढ़ावा चोरी मामले के बाद ट्रस्ट सदस्य का बड़ा बयान
अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण के सामने आने के बाद मंदिर प्रबंधन को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के आजीवन सदस्य और निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्रदास ने मंदिर की व्यवस्था संभाल रहे गोपाल राव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मंदिर की व्यवस्थाओं में कई ऐसे बदलाव किए गए हैं, जिनसे अव्यवस्था की स्थिति पैदा हुई है।
दिनेंद्रदास ने आरोप लगाया कि गोपाल राव के आने के बाद मंदिर में दक्षिण भारतीय परंपराओं को लागू करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि अयोध्या की अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं हैं। उन्होंने कहा कि इस कारण कई स्तरों पर असंतोष की स्थिति बनी है और मंदिर की व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ा है।
गोपाल राव को हटाने की मांग
ट्रस्ट सदस्य ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए गोपाल राव को उनकी जिम्मेदारी से हटाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, मंदिर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल की व्यवस्था स्थानीय परंपराओं और स्थापित व्यवस्थाओं के अनुरूप संचालित होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में और भी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
हालांकि, यह आरोप दिनेंद्रदास की ओर से लगाए गए हैं और इस संबंध में गोपाल राव की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले पर ट्रस्ट की ओर से भी आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
चंपत राय का किया बचाव
दिनेंद्रदास ने इस पूरे विवाद के बीच श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का बचाव किया। उन्होंने कहा कि चंपत राय पर सीधे सवाल उठाना उचित नहीं है। उनके अनुसार, यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो इसके लिए जिम्मेदार वे लोग हैं जिन्होंने उनके विश्वास का गलत फायदा उठाया।
उन्होंने कहा कि भगवान को चढ़ाए गए दान में किसी भी प्रकार की चोरी या गड़बड़ी बेहद गंभीर और धार्मिक दृष्टि से भी बड़ा अपराध है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
जांच एजेंसियों पर जताया भरोसा
दिनेंद्रदास ने कहा कि पूरे मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) और पुलिस द्वारा की जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए मंदिर से जुड़ी किसी भी शिकायत या अनियमितता की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने से ही श्रद्धालुओं का विश्वास मजबूत रहेगा। साथ ही उन्होंने अपील की कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जाना चाहिए।







