रांची एयरपोर्ट पर बढ़ी हवाई यात्रियों की संख्या, 2 महीने में 3.68 लाख यात्री, नई उड़ानों की उम्मीद

रांची एयरपोर्ट पर जुलाई-अगस्त 2026 में 3,68,446 यात्रियों ने सफर किया। बढ़ती मांग से नई उड़ानों, बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है।

बिरसा मुंडा एयरपोर्ट रांची पर जुलाई-अगस्त 2026 में 3,68,446 यात्रियों ने हवाई सफर किया और 2,654 विमानों का परिचालन हुआ। बढ़ती यात्री संख्या से नई उड़ानों, बेहतर कनेक्टिविटी और एयरपोर्ट सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद बढ़ी है।

रांची: बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर हवाई यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जुलाई और अगस्त 2026 में 3,68,446 यात्रियों ने यहां से यात्रा की, जबकि 2,654 विमानों का परिचालन हुआ। सितंबर के अंतिम दिनों में भी रोजाना करीब पांच हजार यात्रियों की आवाजाही दर्ज हुई, जिससे नई उड़ानों और सुविधाओं की जरूरत बढ़ी है।

रांची एयरपोर्ट बन रहा आर्थिक गतिविधियों का केंद्र

बिरसा मुंडा एयरपोर्ट अब सिर्फ रांची को देश के प्रमुख शहरों से जोड़ने वाला हवाई अड्डा नहीं रह गया है। यह झारखंड की आर्थिक गतिविधियों, पर्यटन, शिक्षा, रोजगार और चिकित्सा से जुड़ी यात्राओं का भी महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है। एयरपोर्ट से हर दिन औसतन पांच हजार से अधिक यात्रियों की आवाजाही इस बात का संकेत है कि राज्य में हवाई यात्रा की मांग लगातार मजबूत हो रही है।

एयरपोर्ट प्रबंधन के आंकड़ों के अनुसार जुलाई और अगस्त 2026 में कुल 3,68,446 यात्रियों ने रांची एयरपोर्ट से सफर किया। इस दौरान 2,654 विमानों का परिचालन हुआ। जुलाई में 1,85,486 यात्रियों ने यात्रा की और 1,299 विमानों का परिचालन हुआ। वहीं अगस्त में 1,82,960 यात्रियों की आवाजाही हुई और 1,355 विमानों का परिचालन दर्ज किया गया।

सितंबर के अंतिम दिनों में भी यात्रियों की संख्या करीब पांच हजार बनी रही। 29 सितंबर को 5,483 यात्रियों ने हवाई सफर किया। इस दिन 46 निर्धारित विमानों में से 42 का परिचालन हुआ। 30 सितंबर को 44 विमानों का शेड्यूल था, लेकिन 38 विमानों का ही परिचालन हो सका। इस दिन 2,762 यात्री रांची पहुंचे, जबकि 2,278 यात्री यहां से रवाना हुए। इस तरह कुल यात्री आवागमन 5,040 रहा।

बढ़ती मांग के साथ सुविधाओं पर दबाव

यात्रियों की बढ़ती संख्या के साथ रांची एयरपोर्ट के टर्मिनल पर भी दबाव बढ़ रहा है। यात्रियों की सुविधा के लिए चेक-इन काउंटर, सुरक्षा जांच क्षेत्र, बैठने की व्यवस्था, खान-पान, पार्किंग, डिजिटल सूचना प्रणाली और स्वच्छता जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने की जरूरत लगातार बढ़ रही है।

त्योहारी सीजन के दौरान यात्री संख्या में और वृद्धि की संभावना है। ऐसे में पीक आवर में सुरक्षा जांच, बोर्डिंग और बैगेज कलेक्शन के दौरान यात्रियों को कम से कम इंतजार कराना एयरपोर्ट प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होगी। बढ़ती मांग को देखते हुए क्षमता विस्तार और बेहतर यात्री प्रबंधन पर भी जोर देना जरूरी होगा।

नई उड़ानों की बढ़ सकती है मांग

रांची से फिलहाल दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, पुणे, अहमदाबाद और पटना जैसे प्रमुख शहरों के लिए सीधी उड़ानें उपलब्ध हैं। व्यापार, रोजगार, शिक्षा और चिकित्सा से जुड़े कारणों से इन शहरों के बीच बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही होती है।

यात्रियों की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि आने वाले समय में नई हवाई सेवाओं के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा सकती है। चेन्नई, जयपुर, वाराणसी, भुवनेश्वर और पूर्वोत्तर के शहरों के साथ बेहतर हवाई संपर्क की मांग लंबे समय से महसूस की जा रही है। रांची एयरपोर्ट का बढ़ता यात्री आधार इन नए मार्गों के लिए संभावनाएं मजबूत कर रहा है।

दुर्गापूजा से पहले हवाई किराये ने बढ़ाई चिंता

दुर्गापूजा के दौरान रांची से विभिन्न शहरों के लिए हवाई किराये में तारीख के हिसाब से बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। एयर इंडिया एक्सप्रेस के उपलब्ध किराया कैलेंडर में रांची-बेंगलुरु का एकतरफा किराया अक्टूबर की शुरुआती तारीखों में करीब ₹7,891 से शुरू दिख रहा है। 15 अक्टूबर को यह ₹9,910, 16 अक्टूबर को ₹10,918 और 24 अक्टूबर को ₹13,803 तक पहुंच रहा है।

रांची-मुंबई मार्ग पर भी अक्टूबर की शुरुआती तारीखों में करीब ₹7,829 का शुरुआती किराया दिखाई दे रहा है, जबकि कुछ तारीखों में यह ₹10 हजार से ऊपर पहुंच रहा है।

बढ़ते यात्री आंकड़े बताते हैं कि रांची में हवाई यात्रा की मांग मजबूत हो रही है। आने वाले समय में चुनौती सिर्फ यात्रियों की संख्या बढ़ाने की नहीं, बल्कि उनके लिए बेहतर सुविधाएं और समय पर परिचालन सुनिश्चित करने की भी होगी। नई उड़ानें, बेहतर कनेक्टिविटी और क्षमता विस्तार रांची एयरपोर्ट को झारखंड के विकास के लिए और मजबूत हवाई केंद्र बना सकते हैं।

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