RBI MPC Meeting: रेपो रेट पर आज RBI का फैसला, बढ़ी ब्याज दर तो महंगा हो सकता है होम लोन

RBI MPC Meeting: भारतीय रिजर्व बैंक आज रेपो रेट पर फैसला सुनाएगा। अगर ब्याज दरों में बढ़ोतरी होती है तो Home Loan की EMI महंगी हो सकती है। जानें पूरी जानकारी।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) आज यानी बुधवार, 7 अक्टूबर को मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के फैसलों का ऐलान करेगा। RBI के इस फैसले पर आम लोगों से लेकर निवेशकों तक की नजर है, क्योंकि रेपो रेट में बदलाव होने पर लोन की ब्याज दरों और EMI पर असर पड़ सकता है।

बिजनेस न्यूज़: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) आज यानी 7 अक्टूबर को अपनी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में लिए गए फैसलों की घोषणा करेगा। केंद्रीय बैंक के इस फैसले पर आम लोगों से लेकर निवेशकों और कारोबार जगत तक की नजर है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या RBI करीब साढ़े तीन साल बाद एक बार फिर रेपो रेट में बढ़ोतरी करेगा। अगर केंद्रीय बैंक ब्याज दर बढ़ाता है तो इसका असर होम लोन, कार लोन और दूसरे कर्ज की लागत पर पड़ सकता है।

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा बुधवार सुबह 10 बजे MPC के फैसले की घोषणा करेंगे। रेपो रेट में किसी भी तरह का बदलाव भारतीय शेयर बाजार और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों को भी प्रभावित कर सकता है। बाजार की नजर केवल दरों पर ही नहीं, बल्कि RBI के आगे के रुख और महंगाई को लेकर उसके आकलन पर भी रहेगी।

25 बेसिस पॉइंट बढ़ोतरी की चर्चा

विशेषज्ञों के बीच इस बात की चर्चा तेज है कि RBI रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट यानी 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर सकता है। अगर ऐसा होता है तो मौजूदा 5.25 प्रतिशत रेपो रेट बढ़कर 5.50 प्रतिशत हो जाएगी। हालांकि, अंतिम फैसला MPC के सदस्यों के आकलन और आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।एक सर्वेक्षण में शामिल अधिकांश विशेषज्ञों ने भी 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की संभावना जताई है। 

इसके साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि केंद्रीय बैंक अपनी मौद्रिक नीति के रुख में कोई बदलाव करता है या नहीं। RBI का बयान आने वाले महीनों में ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों को प्रभावित कर सकता है।

फरवरी 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी?

RBI ने पिछली बार फरवरी 2023 में रेपो रेट बढ़ाया था। उस समय केंद्रीय बैंक ने दर में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी करते हुए इसे 6.50 प्रतिशत कर दिया था। इसके बाद ब्याज दरों में लंबे समय तक बदलाव नहीं किया गया। मौजूदा समय में वैश्विक स्तर पर कई आर्थिक चुनौतियां मौजूद हैं। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बदलाव के बीच महंगाई को लेकर भी चिंता बनी हुई है। ऐसे माहौल में RBI के सामने आर्थिक विकास को समर्थन देने और कीमतों को नियंत्रण में रखने के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती होगी।

क्या बढ़ जाएगी होम लोन की EMI?

रेपो रेट बढ़ने का असर हर कर्जदार पर एक जैसा नहीं पड़ता। खास तौर पर फ्लोटिंग रेट वाले उन होम लोन पर इसका प्रभाव ज्यादा हो सकता है, जिनकी ब्याज दरें बाहरी बेंचमार्क से जुड़ी होती हैं। RBI द्वारा रेपो रेट बढ़ाए जाने पर बैंक अपनी लोन दरों में बदलाव कर सकते हैं। ब्याज दर बढ़ने की स्थिति में बैंक ग्राहक की EMI बढ़ा सकते हैं या लोन की अवधि को लंबा कर सकते हैं। इसका वास्तविक असर बैंक द्वारा ब्याज दर में किए गए बदलाव और ग्राहक के लोन की शर्तों पर निर्भर करेगा।

उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्ति ने 25 साल के लिए 50 लाख रुपये का होम लोन 7.5 प्रतिशत ब्याज दर पर लिया है, तो उसकी मासिक EMI करीब 36,950 रुपये हो सकती है। अगर ब्याज दर में आगे बढ़ोतरी होती है तो कुल ब्याज भुगतान बढ़ सकता है। हालांकि, सटीक EMI पर असर नई ब्याज दर और बैंक की रीसेट नीति के अनुसार तय होगा।

महंगाई पर RBI की नजर

RBI के लिए महंगाई इस MPC बैठक का एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहेगी। केंद्रीय बैंक को ब्याज दरों पर फैसला लेते समय खुदरा महंगाई, आर्थिक विकास, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखना होगा। हाल के आंकड़ों में खुदरा महंगाई में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसे में यदि कीमतों पर दबाव आगे भी बना रहता है तो RBI के लिए मौद्रिक नीति को लेकर सख्त रुख बनाए रखना जरूरी हो सकता है।

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