रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि मुंबई–अहमदाबाद हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन 15 अगस्त से दौड़ना शुरू करेगी। पहले चरण में सूरत–बिलिमोरा सेक्शन चालू होगा। ट्रेन की गति 320 किमी/घंटा होगी और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
New Delhi: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को घोषणा की कि भारत की पहली बुलेट ट्रेन अगले साल 15 अगस्त से मुंबई–अहमदाबाद मार्ग पर दौड़ना शुरू करेगी। उन्होंने बताया कि पूरी हाई स्पीड रेल कॉरिडॉर का संचालन चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। इस परियोजना से यात्रियों को तेज और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा।
पहले चरण में सूरत–बिलिमोरा सेक्शन
रेल मंत्री के अनुसार, बुलेट ट्रेन की शुरुआत पहले चरण में सूरत से बिलिमोरा तक होगी। इसके बाद वापी से सूरत में सेवाएं शुरू होंगी। इसके बाद वापी से अहमदाबाद और फिर ठाणे से अहमदाबाद तक बुलेट ट्रेन चलने लगेगी। अंतिम चरण में पूरी मुंबई–अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडॉर चालू हो जाएगी।
मुंबई–अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडॉर की लंबाई और स्टेशन
नैशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन द्वारा बनाए जा रहे 508 किलोमीटर लंबे कॉरिडॉर में कुल 12 स्टेशन होंगे। इन स्टेशनों में मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आणंद, अहमदाबाद और साबरमती शामिल हैं। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक है, जिसमें 81 प्रतिशत जापान इंटरनैशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) द्वारा वित्त पोषित है।
यात्रियों को मिलेगा तेज और सुरक्षित सफर
बुलेट ट्रेन की डिजाइन गति 320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जिससे मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा का समय पहले की तुलना में काफी कम हो जाएगा। ट्रेन में आधुनिक सुरक्षा और यात्री सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यात्रियों को आरामदायक सीटिंग, शांति और तेज यात्रा का अनुभव मिलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी झंडी दिखाएंगे कोलकाता–गुवाहाटी वंदे भारत को
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने के अंत में कोलकाता और गुवाहाटी के बीच बहुप्रतीक्षित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। मंत्री ने कहा कि यह ट्रेन अगले 15-20 दिनों में संभवतः 18 या 19 जनवरी के आसपास चालू हो जाएगी।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की खासियत

16 डिब्बों वाली यह वंदे भारत ट्रेन 823 यात्रियों की क्षमता रखती है। इसकी डिजाइन गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा है। यह असम और पश्चिम बंगाल के प्रमुख जिलों को जोड़ती है और यात्री सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। इस ट्रेन में आधुनिक सुविधाओं के साथ आरामदायक सीटिंग, स्वच्छता और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है।
हाई-स्पीड रेल से आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ
मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि यह क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगी। तेज और सुरक्षित यात्रा से व्यापार, पर्यटन और निवेश के अवसर बढ़ेंगे। इसके अलावा, हाई-स्पीड रेल पारंपरिक परिवहन की तुलना में पर्यावरण के अनुकूल है क्योंकि यह कम कार्बन उत्सर्जन के साथ अधिक यात्रियों को ले जा सकती है।
यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं
बुलेट ट्रेन में यात्रियों के लिए वाई-फाई, आरामदायक सीटें, वातानुकूलित डिब्बे और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध होंगे। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन में आधुनिक signaling और safety सिस्टम लगाए जाएंगे, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना न्यूनतम होगी।
चरणबद्ध कॉरिडॉर से संचालन आसान
फेज़-वाईज़ कॉरिडॉर खोलने की योजना से रेलवे को संचालन और रखरखाव में आसानी होगी। पहले सूरत–बिलिमोरा सेक्शन से शुरुआत करने के बाद धीरे-धीरे पूरे कॉरिडॉर को चालू किया जाएगा। इससे ट्रेन के परीक्षण और यात्रियों के अनुभव का मूल्यांकन भी किया जा सकेगा।
जापान का योगदान और तकनीकी सहयोग
मुंबई–अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना में जापान की तकनीकी मदद और वित्तीय सहयोग महत्वपूर्ण है। JICA द्वारा 81 प्रतिशत परियोजना लागत का वित्त पोषण किया जा रहा है। जापानी तकनीक की मदद से भारत में पहली बार हाई-स्पीड रेल परियोजना को सफलतापूर्वक लागू किया जा रहा है।
यात्रियों के लिए सटीक समय और टिकटिंग
रेल मंत्री ने कहा कि जब ट्रेन पूरी तरह चालू हो जाएगी, तब यात्रियों को ऑनलाइन टिकटिंग और मोबाइल ऐप के जरिए सुविधा मिलेगी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती चरण में स्थानीय स्टेशन से ट्रेन की सेवाओं का परीक्षण किया जाएगा और इसके बाद पूरी यात्रा शुरू की जाएगी।












