ऋचा चड्ढा का विवादित पोस्ट: 'एक मोहम्मद बनो', दीपक चोपड़ा और एपस्टीन फाइलों पर खोला मोर्चा

अभिनेत्री ऋचा चड्ढा ने सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट शेयर किया। उन्होंने दीपक चोपड़ा और एपस्टीन फाइलों पर अपनी प्रतिक्रिया दी और मोर्चा खोल दिया — जानें मामला।

बॉलीवुड अभिनेत्री ऋचा चड्ढा ने हाल ही में सोशल मीडिया पर ऐसा पोस्ट शेयर किया, जिसने सुर्खियों में जगह बना ली। यह पोस्ट भारतीय-अमेरिकी लेखक दीपक चोपड़ा और जेफरी एपस्टीन फाइलों से जुड़े विवाद से संबंधित है। 

एंटरटेनमेंट न्यूज़: हाल ही में जारी की गई एपस्टीन फाइलों में भारतीय-अमेरिकी लेखक दीपक चोपड़ा का नाम सामने आया है। कुछ ईमेल से कथित तौर पर यह पता चला कि वे दोषी अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ संवाद कर रहे थे। ईमेल वायरल होने के बाद दीपक चोपड़ा ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर बयान जारी किया। इसी बीच बॉलीवुड अभिनेत्री ऋचा चड्ढा ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी, जिसके कारण खलबली मच गई।

एपस्टीन फाइलों में दीपक चोपड़ा का नाम

हाल ही में सार्वजनिक हुई एपस्टीन फाइलों में कथित रूप से दीपक चोपड़ा का नाम आया है। फाइलों में कुछ ईमेल सामने आए हैं, जिनसे यह संकेत मिलता है कि चोपड़ा ने पूर्व दोषी अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ संवाद किया था। इस मामले के सामने आने के बाद दीपक चोपड़ा ने X (पूर्व ट्विटर) पर बयान जारी किया।

चोपड़ा ने लिखा, मैं पीड़ितों की पीड़ा से दुखी हूं और किसी भी दुर्व्यवहार और शोषण की कड़ी निंदा करता हूं। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैं कभी भी किसी आपराधिक या शोषणकारी गतिविधि में शामिल नहीं था। मेरा उनसे जो भी संपर्क था, वह सीमित और गैर-दुर्व्यवहारपूर्ण था। पुराने ईमेल में गलत निर्णय दिख सकते हैं, इसके लिए मुझे खेद है। मेरा ध्यान जवाबदेही, रोकथाम और पीड़ितों की सुरक्षा पर केंद्रित है।

ऋचा चड्ढा ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

दीपक चोपड़ा के बयान के बाद ऋचा चड्ढा ने तुरंत सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “अगर जिंदगी आपको दीपक बनाए, तो मोहम्मद बनिए, चोपड़ा नहीं।” ऋचा की यह टिप्पणी तुरंत ही चर्चा का विषय बन गई। ऋचा का यह संदेश केवल दीपक चोपड़ा तक सीमित नहीं, बल्कि यह एक व्यापक सामाजिक और नैतिक दृष्टिकोण की ओर इशारा करता है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि जीवन में सही मार्ग का चुनाव करना जरूरी है, और किसी की लोकप्रियता या प्रतिष्ठा ही नैतिकता का पैमाना नहीं हो सकती।

ऋचा की टिप्पणी उत्तराखंड के कोटद्वार में हुई हालिया घटना से भी जुड़ी हुई है। यहाँ एक जिम मालिक दीपक कुमार ने एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार मोहम्मद शोएब के खिलाफ बजरंग दल द्वारा किए गए विरोध का सामना किया। स्रोतों के अनुसार, विवाद तब शुरू हुआ जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शोएब की दुकान ‘बाबा ड्रेस’ के नाम पर आपत्ति जताई। उनका दावा था कि यह नाम क्षेत्र के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर सिद्धबली बाबा से मिलता-जुलता है। शोएब ने शुरू में नाम बदलने से इंकार किया।

लगभग ढाई महीने तक यह विरोध जारी रहा। 28 जनवरी को प्रदर्शनकारियों और दीपक कुमार के बीच झड़प हुई। दीपक ने अपनी बहादुरी दिखाई और खुद को मोहम्मद दीपक बताया, जिससे प्रदर्शनकारी पीछे हट गए। इस घटना के बाद कोटद्वार पुलिस ने तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए।

Leave a comment