कांग्रेस ने नवजोत कौर सिद्धू को अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण पार्टी से निष्कासित कर दिया। भूपेश बघेल ने अमृतसर में मीडिया को इसकी पुष्टि की और संगठन में सख्ती बरकरार रखने का संदेश दिया।
Punjab Politics: कांग्रेस पार्टी ने पूर्व क्रिकेटर और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। यह फैसला पार्टी में अनुशासन बनाए रखने और पार्टी विरोधी गतिविधियों को रोकने के लिए लिया गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अमृतसर में मीडिया से बातचीत के दौरान इस कार्रवाई की पुष्टि की।
भूपेश बघेल ने कहा कि नवजोत कौर सिद्धू पहले से पार्टी से निलंबित थीं। अब पार्टी ने औपचारिक रूप से उन्हें निष्कासित कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता या पार्टी लाइन के खिलाफ गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगी।
नवजोत कौर सिद्धू ने पहले ही की थी पार्टी छोड़ने की घोषणा
कुछ दिन पहले ही नवजोत कौर सिद्धू ने सार्वजनिक रूप से कांग्रेस पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया था। इसके बावजूद पार्टी ने संगठनात्मक प्रक्रिया पूरी करते हुए उनके निष्कासन का औपचारिक निर्णय लिया। पार्टी सूत्रों के अनुसार यह कदम अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण उठाया गया।
नवजोत कौर सिद्धू लंबे समय से कांग्रेस से जुड़ी रही हैं और अमृतसर से विधायक भी रह चुकी हैं। उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू पहले ही पार्टी से दूरी बना चुके हैं। ऐसे में नवजोत कौर सिद्धू का निष्कासन कांग्रेस और सिद्धू परिवार के बीच राजनीतिक रिश्तों में आए अंतिम मोड़ के तौर पर देखा जा रहा है।

अमृतसर दौरे में भूपेश बघेल ने राजनीतिक स्थिति पर की टिप्पणी
अमृतसर दौरे के दौरान भूपेश बघेल ने पंजाब और केंद्र सरकार से जुड़े विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आने वाले समय में संगठन को मजबूत करने और आंतरिक मतभेदों पर सख्ती से नियंत्रण रखने की नीति पर आगे बढ़ेगी।
भूपेश बघेल ने पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता को यह संदेश दिया कि संगठन में अनुशासन कायम करना कांग्रेस की प्राथमिकता है। उनका कहना था कि पार्टी विरोधी गतिविधियों और व्यक्तिगत हितों के चलते किसी भी स्तर पर संगठन के नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस का उद्देश्य संगठन को मजबूत बनाना
विशेषज्ञों के अनुसार, नवजोत कौर सिद्धू का निष्कासन पंजाब में कांग्रेस के भीतर अनुशासन बनाए रखने और स्पष्ट संदेश देने की रणनीति का हिस्सा है। पार्टी यह दिखाना चाहती है कि व्यक्तिगत राजनीति या बाहरी दबावों के चलते संगठन की एकजुटता को कमजोर नहीं किया जा सकता।
नवजोत सिंह सिद्धू और कांग्रेस के रिश्ते
नवजोत सिंह सिद्धू पहले ही पार्टी से दूरी बना चुके हैं और अक्सर अपने बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं। उनके परिवार की राजनीतिक सक्रियता पंजाब की राजनीति में हमेशा ध्यान आकर्षित करती रही है। नवजोत कौर सिद्धू का निष्कासन इस परिवार और कांग्रेस के बीच एक स्पष्ट विभाजन का संकेत है।









