रोडवेज फास्टैग विवाद: कंडक्टर और टोलकर्मियों की भिड़ंत का VIDEO वायरल

रोडवेज फास्टैग विवाद: कंडक्टर और टोलकर्मियों की भिड़ंत का VIDEO वायरल

मंडाना टोल पर रोडवेज बस के कंडक्टर और टोलकर्मियों के बीच फास्टैग न कटने पर झगड़ा हुआ। बहस हाथापाई तक बढ़ी, यात्रियों को परेशानी हुई। टोलकर्मियों ने माफी मांगी, मैनेजर ने पुराने फास्टैग को दोषी बताया।

Rajasthan: झालावाड़ से डीडवाना जा रही रोडवेज बस मंडाना टोल पहुंची। बस के कंडक्टर पृथ्वीराज सिंह ने बताया कि सुबह 8:50 बजे बस टोल लाइन में लगी थी। टोल पर लगे सेंसर ठीक से काम नहीं कर रहे थे, इसलिए फास्टैग से टोल कट नहीं पाया। टोलकर्मियों ने बस को आगे-पीछे करने को कहा, लेकिन फास्टैग फिर भी रीड नहीं हुआ।

बस में बैठे यात्री परेशान हो गए और लंबा समय लगने पर कंडक्टर ने टोलकर्मियों से मैन्युअल टोल कटवाने की मांग की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस हुई। कुछ समय बाद मामला हाथापाई तक पहुंच गया, और कंडक्टर ने टोलकर्मियों पर दबाव बनाया। टोलकर्मियों ने इसे रोकने की कोशिश की और समझाइश दी।

कंडक्टर ने बताया कि मंडाना टोल पर यह समस्या पहली बार हुई है। उसने दो बार 112 पर कॉल किया, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। इसके बाद 1033 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। करीब 15 मिनट बाद टोलकर्मियों ने माफी मांगी और बस को बिना टोल कटवाए आगे जाने दिया।

मंडाना टोल की समस्या

मंडाना टोल के मैनेजर सुबोध ने बताया कि ज्यादातर रोडवेज बसों में पुराने फास्टैग लगे हैं। ड्राइवर फास्टैग को अपनी सुविधा के हिसाब से बदलते रहते हैं। इसी वजह से फास्टैग सही से रीड नहीं हो पाता। डीडवाना जा रही बस का फास्टैग भी डैशबोर्ड पर लगा हुआ था और कुछ जगह उखड़ा हुआ था।

मैनेजर ने कहा कि नियम के अनुसार मैन्युअल टोल कटवाना सही नहीं है। लेकिन कंडक्टर ने टोलकर्मियों पर दबाव डालना शुरू कर दिया और एक बार तो उसने जोर जबरदस्ती से बेरिकेट हटाने की कोशिश भी की। टोल प्लाजा के CCTV में यह पूरा वाकया रिकॉर्ड हो गया है।

बस में सवार यात्रियों की परेशानी

इस झगड़े की वजह से बस में सवार यात्री काफी परेशान हो गए। लंबा समय टोल लाइन में लगने से लोगों को देर हो गई। कुछ यात्रियों ने बताया कि बहस और हाथापाई की वजह से डर भी लगा। हालांकि बाद में टोलकर्मियों ने माफी मांगी, लेकिन इस घटना ने यात्रियों को असुरक्षा का एहसास कराया।

कंडक्टर ने बताया कि जब उन्होंने फास्टैग से टोल न कटने की वजह से मैन्युअल टोल की मांग की, तो टोलकर्मियों ने पहले इसे मना कर दिया। वहीं, टोलकर्मियों का कहना था कि नियम के अनुसार मैन्युअल टोल नहीं काटा जा सकता। इसी बहस में झगड़ा बढ़ गया।

क्या कहा रोडवेज

रोडवेज के कंडक्टर पृथ्वीराज सिंह ने कहा कि झालावाड़ से डीडवाना के बीच कुल 4 टोल पड़ते हैं। उनमें कहीं भी फास्टैग से टोल कटने में कोई समस्या नहीं आती। केवल मंडाना टोल पर सेंसर ठीक से काम नहीं कर रहे थे। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में इस तरह की समस्याओं को रोकने के लिए टोल सेंसर और फास्टैग की जांच की जाए।

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