यूक्रेन के जापोरिज्जिया क्षेत्र में रूसी हवाई हमलों में कम से कम 20 लोगों की मौत हुई, जिनमें तीन बच्चे शामिल हैं। इसी बीच डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने के समझौते की घोषणा की, जिस पर जेलेंस्की ने चिंता जताई।
कीव: यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध के बीच एक बार फिर नागरिक इलाकों पर हमलों ने चिंता बढ़ा दी है। यूक्रेन के जापोरिज्जिया क्षेत्र में रूसी हवाई हमलों में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं। यूक्रेन के अधिकारियों के मुताबिक, हमले में कम से कम 18 लोग घायल हुए। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस से बड़ी मात्रा में डीजल खरीदने के समझौते की घोषणा की है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस फैसले की आलोचना करते हुए आशंका जताई कि इससे रूस को युद्ध जारी रखने के लिए अतिरिक्त आर्थिक संसाधन मिल सकते हैं।
जापोरिज्जिया में रिहायशी इमारतों पर हवाई हमला
यूक्रेन की राज्य आपातकालीन सेवा के अनुसार, शनिवार को जापोरिज्जिया क्षेत्र में रूसी हवाई बमों ने रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया। हमले के बाद इमारतों में मलबा फैल गया और कई लोग उसके नीचे दब गए। बचाव दल ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया।
अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में कम से कम 20 लोगों की जान गई और 18 अन्य घायल हुए। मृतकों में तीन बच्चे भी शामिल बताए गए हैं। बचावकर्मियों ने क्षतिग्रस्त इमारतों से लोगों को बाहर निकाला और घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया।
यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब यूक्रेन के कई हिस्सों में रूसी मिसाइलों और ड्रोन हमलों का खतरा बना हुआ है। लगातार हो रही बमबारी से नागरिकों की सुरक्षा, आवासीय क्षेत्रों और जरूरी सेवाओं पर दबाव बढ़ रहा है।
कीव पर भी मिसाइल हमला, चार लोग घायल
यूक्रेन की राजधानी कीव में भी शनिवार को दिन के समय मिसाइल हमले की खबर सामने आई। शहर के मेयर विताली क्लित्शको के अनुसार, हमले में चार लोग घायल हुए।
कीव में हमलों के दौरान नागरिकों ने मेट्रो स्टेशनों और अन्य सुरक्षित स्थानों में शरण ली। शहर में हवाई हमलों का खतरा बना रहने के कारण लोगों को सतर्क रहने की जरूरत पड़ रही है।
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध अब लंबी दूरी के हवाई हमलों के साथ-साथ अग्रिम मोर्चे पर जारी सैन्य संघर्ष का रूप ले चुका है। यूक्रेन लगातार रूसी बमबारी का सामना कर रहा है, जबकि दोनों पक्षों के बीच युद्ध समाप्त करने के प्रयासों को अब तक निर्णायक सफलता नहीं मिली है।
ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने के समझौते का किया ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को रूस से डीजल खरीदने के समझौते की घोषणा की। यह फैसला रूस के ऊर्जा क्षेत्र पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के अमेरिकी प्रयासों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ट्रम्प के अनुसार, रूस तत्काल 3 लाख टन से अधिक डीजल की आपूर्ति करेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन अतिरिक्त डीजल और फिर 10 लाख टन की आपूर्ति किए जाने की बात कही गई। उन्होंने यह भी कहा कि इसके बाद अपेक्षाकृत कम समय में 30 लाख टन अतिरिक्त डीजल उपलब्ध कराया जाएगा।
इस घोषणा ने इसलिए भी ध्यान खींचा, क्योंकि ट्रम्प ने पिछले महीने रूस के खिलाफ ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े राजस्व को सीमित करने के उद्देश्य से व्यापक प्रतिबंध कानून पर हस्ताक्षर किए थे। रूस के तेल और गैस से होने वाली आय को कम करना पश्चिमी देशों की रणनीति का अहम हिस्सा रहा है।
हालांकि, घोषित आपूर्ति की शर्तों, भुगतान व्यवस्था और प्रतिबंधों के दायरे पर उपलब्ध जानकारी से सभी कानूनी और आर्थिक पहलू स्पष्ट नहीं होते। इसलिए समझौते के वास्तविक प्रभाव का आकलन करने के लिए अतिरिक्त विवरण जरूरी होंगे।
जेलेंस्की ने कहा- रूस को युद्ध जारी रखने में मदद मिल सकती है
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने डीजल समझौते पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि रूस ने प्रतिबंधों में राहत मिलने के बाद रिहायशी इमारतों पर बम गिराकर जवाब दिया।
जेलेंस्की के मुताबिक, मॉस्को किसी भी तरह की आर्थिक राहत को युद्ध जारी रखने की गुंजाइश के रूप में देख सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि रूस को अतिरिक्त आय मिलने से यूक्रेन के शहरों पर हमले जारी रखने की उसकी क्षमता बढ़ सकती है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने इस फैसले को अपने देश के लिए निराशाजनक बताते हुए कहा कि सहयोगी देशों को रूस पर दबाव बनाए रखने के लिए स्पष्ट कदम उठाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन अतिरिक्त रूसी राजस्व के संभावित प्रभाव को सीमित करने के लिए अपने साझेदारों के साथ मिलकर काम कर रहा है।

जेलेंस्की की प्रतिक्रिया यूक्रेन की उस चिंता को दर्शाती है कि रूस के साथ किसी भी आर्थिक समझौते का असर युद्ध की अवधि और सैन्य गतिविधियों पर पड़ सकता है।
फ्रांस और फिनलैंड के नेताओं से जेलेंस्की की बातचीत
रूसी हमलों के बाद जेलेंस्की ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से भी बातचीत की। इसमें यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली को मजबूत करने और आने वाले दिनों में संभावित मिसाइल हमलों के जोखिम पर चर्चा हुई।
जेलेंस्की ने फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब से भी संपर्क किया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को आने वाले दिनों में अपने एफ-16 लड़ाकू विमानों के लिए गोला-बारूद मिलने की उम्मीद है। इन विमानों का इस्तेमाल रूसी ड्रोन और मिसाइलों को रोकने के प्रयासों में किया जाता है।
यूक्रेन के लिए वायु रक्षा मजबूत करना इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि लगातार होने वाले हमलों से नागरिक आबादी और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है। जेलेंस्की ने सहयोगी देशों से नागरिकों की सुरक्षा और रूस की युद्ध क्षमता को सीमित करने के लिए सहयोग जारी रखने की अपील की।
अमेरिका-रूस समझौते और यूक्रेन शांति वार्ता पर सवाल
डीजल समझौते की घोषणा उस समय हुई, जब ट्रम्प के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर मियामी में यूक्रेनी अधिकारियों के साथ युद्ध समाप्त करने के प्रस्ताव पर बातचीत कर रहे थे।
जेलेंस्की ने आशंका जताई कि रूस से ईंधन खरीदने का फैसला शांति वार्ता के बीच गलत संकेत दे सकता है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को ऐसा महसूस नहीं होना चाहिए कि उसकी टीम का इस्तेमाल केवल किसी दूसरे उद्देश्य के लिए किया जा रहा है।
इस घटनाक्रम ने अमेरिकी विदेश नीति को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। एक ओर रूस के ऊर्जा राजस्व पर प्रतिबंधों के जरिए दबाव बनाने की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर उससे बड़ी मात्रा में डीजल खरीदने की घोषणा हुई है।
अमेरिका के इस फैसले के पीछे ईंधन की कीमतों और घरेलू आर्थिक दबावों का सवाल भी महत्वपूर्ण है। ट्रम्प ने इसे ऐसे समय घोषित किया है, जब अमेरिका में मध्यावधि चुनाव नजदीक हैं और ईंधन की कीमतें मतदाताओं के लिए अहम मुद्दा बनी हुई हैं।
यूक्रेन के लोगों में नाराजगी, युद्ध खत्म होने की उम्मीद कायम
कीव में सैनिकों के स्मारक पर पहुंचे कुछ लोगों ने डीजल समझौते पर निराशा जताई। समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ यूक्रेनी नागरिकों ने कहा कि उन्हें लगता है कि अमेरिकी नेतृत्व युद्ध से ज्यादा ईंधन की कीमतों और घरेलू राजनीतिक हितों पर ध्यान दे रहा है।
हालांकि, यह प्रतिक्रिया यूक्रेन के सभी नागरिकों की राय का प्रतिनिधित्व नहीं करती। फिर भी, इससे पता चलता है कि युद्ध के बीच रूस के साथ किसी भी आर्थिक समझौते को लेकर यूक्रेन में संवेदनशीलता बनी हुई है।
फिलहाल, जापोरिज्जिया और कीव पर हुए हमलों के बाद नागरिक सुरक्षा और वायु रक्षा की जरूरत फिर सामने आई है। दूसरी ओर, रूस से डीजल खरीदने की अमेरिकी घोषणा ने प्रतिबंधों, ऊर्जा बाजार और शांति वार्ता के बीच संबंधों को लेकर नई बहस शुरू कर दी है।
युद्ध समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए केवल बातचीत ही नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा, सैन्य तनाव कम करने और आर्थिक फैसलों के प्रभाव पर भी ध्यान देना होगा। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि डीजल समझौते की शर्तें क्या होती हैं और अमेरिका, रूस तथा यूक्रेन के बीच कूटनीतिक प्रयास किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।











