रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमला किया। यूक्रेन ने इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी स्वीकार करते हुए NATO सहयोगियों से अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम उपलब्ध कराने और रक्षा सहयोग बढ़ाने की अपील की है।
रूस/यूक्रेन वॉर: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच एक बार फिर यूक्रेन की राजधानी कीव बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमलों का निशाना बनी। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, रविवार रात हुए हमले में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि कीव क्षेत्र के अन्य हिस्सों में तीन और लोगों के मारे जाने की पुष्टि की गई है। कई लोग घायल हुए हैं और अनेक इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है। हमले के बाद यूक्रेन ने स्वीकार किया कि उसके पास बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए पर्याप्त इंटरसेप्टर मिसाइलें नहीं थीं। इसी के साथ राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने NATO सहयोगी देशों से तुरंत अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइलें उपलब्ध कराने की अपील की है।
यूक्रेन ने स्वीकार की इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी
यूक्रेनी वायुसेना के अनुसार, रूस ने कीव पर 23 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, लेकिन इंटरसेप्टर मिसाइलों की गंभीर कमी के कारण इनमें से किसी भी बैलिस्टिक मिसाइल को मार गिराया नहीं जा सका। हालांकि, यूक्रेनी सेना ने दावा किया कि उसने कई क्रूज़ मिसाइलों और बड़ी संख्या में ड्रोन को सफलतापूर्वक नष्ट किया। अधिकारियों के अनुसार, रूस ने इस संयुक्त हमले में कुल 68 मिसाइलें और 351 ड्रोन इस्तेमाल किए। यूक्रेन का कहना है कि मौजूदा एयर डिफेंस क्षमता लगातार बढ़ते रूसी हमलों के सामने पर्याप्त नहीं रह गई है।
ज़ेलेंस्की ने सहयोगियों से की तत्काल मदद की अपील
राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने हमले के बाद सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि यूक्रेन को अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम और विशेष रूप से Patriot इंटरसेप्टर मिसाइलों की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब तक सहयोगी देशों के भंडार में मौजूद रक्षा मिसाइलें यूक्रेन तक नहीं पहुंचतीं, तब तक रूस नागरिक इलाकों को निशाना बनाता रहेगा। ज़ेलेंस्की ने NATO शिखर सम्मेलन से पहले सहयोगी देशों से "मजबूत और त्वरित निर्णय" लेने का आग्रह किया, ताकि यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाया जा सके।
कीव में भारी तबाही, आवासीय इमारतें क्षतिग्रस्त
हमले के बाद सोमवार सुबह राजधानी कीव के कई हिस्सों में व्यापक तबाही का दृश्य देखने को मिला। अधिकारियों के अनुसार, कई आवासीय इमारतें मिसाइलों की चपेट में आ गईं। कम से कम तीन बहुमंजिला इमारतों का हिस्सा ढह गया, जबकि कई अन्य भवनों में आग लग गई। बचाव दल लगातार मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटा रहा। शहर में लगी आग बुझाने के लिए हेलीकॉप्टरों की मदद ली गई, जो नदी से पानी भरकर प्रभावित इलाकों में आग बुझाने का काम करते रहे।

नागरिकों ने भूमिगत शरणस्थलों में बिताई रात
रूस के हमले के दौरान पूरे कीव में हवाई हमले के सायरन लगातार बजते रहे। विस्फोटों की आवाजों के बीच हजारों लोगों ने सुरक्षा के लिए मेट्रो स्टेशनों और भूमिगत शरणस्थलों में रात बिताई। पिछले कुछ महीनों में यह दूसरी बार है जब राजधानी कीव पर इतने बड़े पैमाने पर संयुक्त मिसाइल और ड्रोन हमला किया गया है।
लगातार बढ़ रहे हैं रूसी हमले
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब कुछ दिन पहले भी रूस ने कीव पर बड़े पैमाने पर हमला किया था, जिसमें दर्जनों लोगों की मौत हुई थी।
यूक्रेन का आरोप है कि रूस जानबूझकर रिहायशी इलाकों और नागरिक ढांचे को निशाना बना रहा है। दूसरी ओर, रूस का कहना है कि उसके हमले सैन्य ठिकानों और ऊर्जा अवसंरचना पर केंद्रित हैं तथा ये यूक्रेन द्वारा रूसी क्षेत्र में किए जा रहे हमलों की प्रतिक्रिया हैं। दोनों देशों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल संभव नहीं हो सकी है।
यूक्रेन ने भी जारी रखे जवाबी हमले
युद्ध के समानांतर यूक्रेन ने भी रूस के ऊर्जा और रणनीतिक ठिकानों पर ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, रूस के कब्जे वाले क्रीमिया के सेवस्तोपोल क्षेत्र में बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से प्रभावित हुई। इसके अलावा सेंट पीटर्सबर्ग के निकट स्थित वायसोत्स्क और उस्त-लुगा तेल टर्मिनलों को भी ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया। यूक्रेन का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य रूस पर दबाव बढ़ाना और उसे शांति वार्ता के लिए मजबूर करना है।
NATO शिखर सम्मेलन पर टिकी दुनिया की नजर
रूस के ताजा हमले के बाद इस सप्ताह होने वाला NATO शिखर सम्मेलन और अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सम्मेलन में यूक्रेन की सुरक्षा, अतिरिक्त सैन्य सहायता और एयर डिफेंस सिस्टम की आपूर्ति प्रमुख मुद्दों में शामिल रहने की संभावना है।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा है कि यूक्रेन की तत्काल रक्षा जरूरतों पर सम्मेलन में विस्तार से चर्चा की जाएगी। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की की NATO सम्मेलन के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मुलाकात हो सकती है। हालांकि आधिकारिक कार्यक्रम की पुष्टि संबंधित पक्षों द्वारा की जानी बाकी है।
युद्ध का नया चरण और बढ़ती वैश्विक चिंता
रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष अब ऐसे चरण में पहुंच गया है, जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे के रणनीतिक और ऊर्जा ठिकानों को लगातार निशाना बना रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यूक्रेन को अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम और इंटरसेप्टर मिसाइलें नहीं मिलीं, तो बड़े शहरों पर इस तरह के हमलों का खतरा बना रह सकता है। दूसरी ओर, रूस पर बढ़ते यूक्रेनी ड्रोन हमले भी संघर्ष को और जटिल बना रहे हैं। ऐसे में NATO शिखर सम्मेलन से निकलने वाले फैसलों पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी, क्योंकि वे आने वाले महीनों में इस युद्ध की दिशा और यूरोप की सुरक्षा स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं।











