रूस ने Volna Kupol Garant नाम का नया इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम पेश किया है, जिसके बारे में दावा है कि यह Starlink सैटेलाइट्स के सिग्नलों को बाधित कर सकता है। यह तकनीक सैन्य संचार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से विकसित की गई है।
मॉस्को: रूस ने Volna Kupol Garant नाम के एक नए इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम की जानकारी साझा की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह तकनीक जमीन पर मौजूद Starlink टर्मिनलों की बजाय लो-अर्थ ऑर्बिट में मौजूद सैटेलाइट्स के संचार सिग्नलों को बाधित करने के लिए तैयार की गई है। हालांकि, इसके वास्तविक युद्ध उपयोग और प्रभावशीलता की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
रूस ने इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर में बढ़ाया कदम

रूस ने अपनी इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (Electronic Warfare) क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक नई तकनीक Volna Kupol Garant पेश की है। उपलब्ध रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सिस्टम सीधे Starlink नेटवर्क के लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) में मौजूद सैटेलाइट्स के साथ होने वाले संचार को बाधित करने के लिए डिजाइन किया गया है। दावा किया जा रहा है कि यह तकनीक जमीन पर लगे टर्मिनलों को निशाना बनाने के बजाय सैटेलाइट के रिसीविंग सिस्टम पर शक्तिशाली रेडियो सिग्नल भेजकर डेटा लिंक को अस्थायी रूप से प्रभावित कर सकती है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और वास्तविक परिचालन क्षमता स्पष्ट नहीं है।
सैटेलाइट कम्युनिकेशन को बाधित करने का दावा
रिपोर्ट्स के अनुसार, Volna Kupol Garant में हाई-फ्रीक्वेंसी नैरो-बीम ट्रांसमिशन और फेज्ड-एरे एंटेना तकनीक का उपयोग किया गया है। यह सिस्टम Starlink सैटेलाइट के रिसीविंग एंटेना पर केंद्रित रेडियो सिग्नल भेजकर संचार चैनलों में व्यवधान पैदा करने का प्रयास करता है।
दावा किया गया है कि इससे सैटेलाइट को स्थायी नुकसान नहीं पहुंचता, लेकिन प्रभावित क्षेत्र में इंटरनेट और संचार सेवाएं कुछ समय के लिए बाधित हो सकती हैं। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि यह तकनीक Starlink के कई डेटा ट्रांसमिशन बैंड्स में इंटरफेरेंस उत्पन्न कर सकती है, जिससे सिग्नल अस्थिर हो जाते हैं। हालांकि, इन तकनीकी दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
मॉड्यूलर डिजाइन और तैनाती की क्षमता
Volna Kupol Garant को मॉड्यूलर आर्किटेक्चर के साथ विकसित किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें छह ट्रेलर-माउंटेड मॉड्यूल शामिल हैं, जिनमें घूमने वाले सैटेलाइट एंटेना लगाए गए हैं। आवश्यकता के अनुसार इन्हें अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया जा सकता है।
बताया गया है कि यह सिस्टम लगभग 20 किलोमीटर के दायरे में Starlink आधारित इंटरनेट और संचार सेवाओं को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। इसका उद्देश्य सैन्य अभियानों के दौरान विरोधी पक्ष की सैटेलाइट कम्युनिकेशन क्षमता को सीमित करना है।
सीमाएं और रणनीतिक असर
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम की कुछ व्यावहारिक सीमाएं भी होती हैं। बड़े आकार, लगातार सक्रिय रेडियो ट्रांसमिशन और उच्च शक्ति वाले एंटेना के कारण ऐसे सिस्टम दुश्मन की इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस (ELINT) के लिए अपेक्षाकृत आसानी से पहचान में आ सकते हैं। इससे इनकी लोकेशन का पता लगाकर जवाबी कार्रवाई की संभावना बढ़ जाती है।
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि यदि इस तकनीक का व्यापक सैन्य उपयोग होता है तो इससे रूस, अमेरिका और यूक्रेन के बीच अंतरिक्ष आधारित संचार प्रणालियों को लेकर रणनीतिक प्रतिस्पर्धा और बढ़ सकती है। हालांकि, अब तक ऐसी कोई स्वतंत्र रूप से सत्यापित जानकारी सामने नहीं आई है कि Volna Kupol Garant का वास्तविक युद्धक्षेत्र में सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया गया हो। इसलिए इसकी वास्तविक क्षमता और प्रभावशीलता का आकलन फिलहाल सीमित जानकारी पर आधारित है।










