श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय क्रिकेट टीम के स्क्वॉड का ऐलान कर दिया गया है। ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर चोट के कारण इस सीरीज से बाहर हो गए हैं।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय क्रिकेट टीम ने श्रीलंका के खिलाफ आगामी दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए अपनी टीम का ऐलान कर दिया है। इस स्क्वॉड में 33 वर्षीय घरेलू क्रिकेट स्टार सारांश जैन को पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। उन्हें चोटिल ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर के विकल्प के रूप में टीम में जगह मिली है।
मध्य प्रदेश के अनुभवी ऑलराउंडर सारांश जैन लंबे समय से घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन कर रहे हैं। अपनी उपयोगी बल्लेबाजी और ऑफ स्पिन गेंदबाजी के दम पर उन्होंने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। पिछले कुछ घरेलू सत्रों में उनके शानदार आंकड़ों के बाद अब उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दरवाजे तक पहुंचने का मौका मिला है।
हालांकि, टीम में चुने जाने के बाद भी उनका टेस्ट डेब्यू तय नहीं है। श्रीलंका की परिस्थितियों, पिच की प्रकृति और टीम संयोजन के आधार पर प्लेइंग इलेवन का फैसला किया जाएगा। अगर उन्हें अंतिम एकादश में जगह मिलती है, तो यह उनके लंबे घरेलू क्रिकेट करियर का सबसे बड़ा पड़ाव होगा।
इंदौर में जन्मे सारांश जैन का क्रिकेट सफर
सारांश जैन का जन्म 31 मार्च 1993 को मध्य प्रदेश के इंदौर में हुआ था। वह दाएं हाथ के ऑफ स्पिन गेंदबाज और उपयोगी बल्लेबाज हैं। घरेलू क्रिकेट में उन्होंने मध्य प्रदेश के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और टीम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि वे सिर्फ गेंदबाजी पर निर्भर नहीं हैं।
निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए वे टीम के लिए उपयोगी रन भी बना सकते हैं। यही ऑलराउंड क्षमता उन्हें टेस्ट क्रिकेट के लिए एक संभावित विकल्प बनाती है। सारांश ने घरेलू स्तर पर लंबे समय तक निरंतर प्रदर्शन किया और अब उन्हें भारतीय टीम में चयन के रूप में उसका बड़ा पुरस्कार मिला है।
रणजी ट्रॉफी में लगातार विकेट लेकर बनाई पहचान
सारांश जैन ने पिछले दो घरेलू सत्रों में अपनी गेंदबाजी से खासा प्रभाव छोड़ा है। रणजी ट्रॉफी 2025-26 में उन्होंने मध्य प्रदेश के लिए सात मैच खेले और लगभग 2.64 की इकोनॉमी रेट से 30 विकेट लिए। इससे पहले के रणजी सत्र में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा था। उन्होंने आठ मैचों में 35 विकेट लेकर खुद को घरेलू क्रिकेट के भरोसेमंद स्पिन गेंदबाजों में शामिल किया।
उनकी गेंदबाजी की खासियत लगातार एक जैसी लाइन और लेंथ बनाए रखना है। वह लंबे स्पेल डालने की क्षमता रखते हैं और बल्लेबाजों पर दबाव बनाने के लिए धैर्य के साथ गेंदबाजी करते हैं। टेस्ट क्रिकेट में यह गुण काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
दलीप ट्रॉफी और ईरानी कप में भी दिखाया दम

सारांश जैन ने सिर्फ रणजी ट्रॉफी में ही नहीं, बल्कि अन्य प्रमुख घरेलू टूर्नामेंटों में भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। दलीप ट्रॉफी 2025 के फाइनल में सेंट्रल जोन की ओर से खेलते हुए उन्होंने साउथ जोन के खिलाफ पांच विकेट लिए। उनकी शानदार गेंदबाजी की बदौलत साउथ जोन की टीम केवल 149 रन पर सिमट गई थी।
इसके अलावा, ईरानी ट्रॉफी में भी उन्होंने मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप के खिलाफ एक पारी में छह विकेट लेने का कारनामा किया है। इन प्रदर्शनों ने यह साबित किया कि वह बड़े मुकाबलों में दबाव संभालने की क्षमता रखते हैं।
इंडिया ‘ए’ के साथ श्रीलंका दौरे पर किया शानदार प्रदर्शन
सारांश जैन हाल ही में इंडिया ‘ए’ टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर भी गए थे। जुलाई 2026 की शुरुआत में गॉल में श्रीलंका ‘ए’ के खिलाफ खेले गए चार दिवसीय मुकाबले में उन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से प्रभाव छोड़ा। उस मैच की पहली पारी में सारांश ने नाबाद 70 रन बनाए। गेंदबाजी में उन्होंने पूरे मुकाबले में कुल छह विकेट लिए। पहली पारी में उन्होंने चार और दूसरी पारी में दो विकेट हासिल किए।
श्रीलंका की परिस्थितियों में उनका हालिया प्रदर्शन चयनकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण रहा होगा। वहां की स्पिन-अनुकूल पिचों का अनुभव उन्हें टेस्ट सीरीज के दौरान फायदा दे सकता है।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कैसा है सारांश जैन का रिकॉर्ड?
सारांश जैन का प्रथम श्रेणी क्रिकेट रिकॉर्ड उनके लंबे और निरंतर प्रदर्शन को दर्शाता है। उन्होंने अब तक 54 फर्स्ट क्लास मैचों में 85 पारियां खेलते हुए 2,223 रन बनाए हैं। बल्लेबाजी में उनका औसत लगभग 31.76 रहा है। उन्होंने दो शतक और 14 अर्धशतक लगाए हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि वह निचले क्रम में टीम के लिए उपयोगी योगदान दे सकते हैं। गेंदबाजी में उन्होंने 27.31 की औसत से 188 विकेट लिए हैं। उनके नाम 10 बार एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड भी दर्ज है।











