शानदार Q3 नतीजों के बाद SBI के शेयर में तेज उछाल देखने को मिला। शेयर ₹1,136.85 के नए 52-वीक हाई पर पहुंचा। मजबूत मुनाफा, लोन ग्रोथ और बेहतर एसेट क्वालिटी से निवेशकों का भरोसा और बढ़ा।
SBI Share Price: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3) में ऐसा दमदार प्रदर्शन किया है, जिसने शेयर बाजार में निवेशकों का भरोसा और मजबूत कर दिया है। सोमवार 9 फरवरी 2026 को SBI का शेयर ₹1,136.85 के स्तर तक पहुंच गया, जो इसका नया 52-वीक हाई है। यह तेजी सीधे तौर पर बैंक के शानदार Q3 नतीजों का असर मानी जा रही है।
सुबह के कारोबार में ही BSE पर SBI का शेयर करीब 6 प्रतिशत की उछाल के साथ ₹1,130.35 पर ट्रेड करता दिखा। नतीजों के बाद आई इस मजबूती ने एक बार फिर SBI को बाजार की सुर्खियों में ला दिया है।
Q3 नतीजों का सीधा असर शेयर पर
SBI के Q3 नतीजों ने निवेशकों को साफ संकेत दिया कि बैंक का कोर बिजनेस मजबूत बना हुआ है। तीसरी तिमाही में बैंक का शुद्ध मुनाफा (PAT) ₹210 अरब रहा, जो सालाना आधार पर करीब 25 प्रतिशत की बढ़त दिखाता है। यह आंकड़ा बाजार के अनुमानों से काफी बेहतर रहा।
इस तिमाही में SBI AMC से मिले ₹22 अरब के स्पेशल डिविडेंड ने मुनाफे को और मजबूती दी। हालांकि ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि इस एकमुश्त लाभ को हटाने के बाद भी SBI की core earnings मजबूत हैं।
नेट इंटरेस्ट इनकम में स्थिर बढ़त
Q3 के दौरान SBI की Net Interest Income (NII) में सालाना आधार पर करीब 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। तिमाही आधार पर भी NII में लगभग 5 प्रतिशत की ग्रोथ देखने को मिली।
Net Interest Margin (NIM) 2.99 प्रतिशत रहा, जिसमें हल्का सुधार दिखा है। बैंक मैनेजमेंट का कहना है कि FY26 की आखिरी तिमाही में NIM करीब 3 प्रतिशत के स्तर पर रह सकता है। यह संकेत देता है कि ब्याज आय आने वाले समय में भी स्थिर बनी रह सकती है।
लोन ग्रोथ बनी बड़ी ताकत
SBI की सबसे बड़ी ताकत इसकी मजबूत loan growth रही है। बैंक का कुल लोन बुक सालाना आधार पर 15.6 प्रतिशत और तिमाही आधार पर करीब 6 प्रतिशत बढ़ा है।
SME और corporate segment में खासतौर पर अच्छी मांग देखने को मिली है। इसके साथ ही retail, agriculture और SME सभी सेगमेंट में लोन की डिमांड मजबूत बनी हुई है। इसी भरोसे के चलते SBI ने FY26 के लिए लोन ग्रोथ गाइडेंस बढ़ाकर 13 से 15 प्रतिशत कर दी है।
डिपॉजिट ग्रोथ से मिली स्थिरता
SBI के डिपॉजिट्स में भी स्थिर बढ़त देखने को मिली है। बैंक के कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर करीब 9 प्रतिशत बढ़े हैं।
Domestic loan-deposit ratio बढ़कर 73 प्रतिशत हो गया है, जो बैंक की मजबूत फंडिंग स्थिति को दर्शाता है। इसके साथ ही SBI की liquidity position भी मजबूत बनी हुई है, जिससे आने वाले समय में लोन ग्रोथ को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।
एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार
SBI की asset quality में सुधार जारी है, जो निवेशकों के लिए सबसे सकारात्मक संकेतों में से एक है। बैंक का Gross NPA घटकर 1.57 प्रतिशत पर आ गया है।
Slippage ratio और credit cost दोनों में कमी देखने को मिली है। Q3 में credit cost सिर्फ 29 basis point पर सीमित रही, जो बैंक की मजबूत बैलेंस शीट को दिखाती है। Provision Coverage Ratio (PCR) 75 प्रतिशत से ऊपर बना हुआ है, जिससे खराब कर्ज से जुड़े जोखिम काफी हद तक कंट्रोल में नजर आते हैं।
ब्रोकरेज हाउस की SBI पर मजबूत राय
Q3 नतीजों के बाद ब्रोकरेज हाउस SBI को लेकर काफी bullish नजर आ रहे हैं। नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज, मोतीलाल ओसवाल और एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने SBI पर BUY रेटिंग बरकरार रखी है।
नुवामा के मुताबिक SBI का मौजूदा शेयर भाव ₹1,066 के आसपास माना गया है और अगले 12 महीनों के लिए target price बढ़ाकर ₹1,250 कर दिया गया है।
मोतीलाल ओसवाल ने SBI के लिए ₹1,300 का टारगेट दिया है, जो मौजूदा स्तर से करीब 22 प्रतिशत की संभावित तेजी दिखाता है। वहीं एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने भी SBI का टारगेट बढ़ाकर ₹1,210 कर दिया है।
एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग की रणनीति
एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग का मानना है कि SBI की आगे की कमाई मजबूत बनी रह सकती है। इसकी वजह मजबूत लोन ग्रोथ, नियंत्रित खर्च, बेहतर asset quality और stable margin है। ब्रोकरेज का कहना है कि सरकारी बैंक होने के बावजूद SBI का ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस कई private banks से बेहतर है। इसी आधार पर BUY रेटिंग को बनाए रखते हुए टारगेट प्राइस में बढ़ोतरी की गई है।









