सचिन पायलट का Budget 2026 पर हमला: बजट में युवाओं और किसानों को निराशा

सचिन पायलट ने Budget 2026 को युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए निराशाजनक बताया। रोजगार, महंगाई और ग्रामीण विकास पर ध्यान न दिए जाने की आलोचना।

सचिन पायलट ने Budget 2026 को युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि रोजगार, महंगाई और ग्रामीण विकास पर ध्यान नहीं दिया गया है और यह केवल चुनावी घोषणाओं तक सीमित बजट है।

रोजगार की कमी और युवाओं की निराशा

सचिन पायलट ने कहा कि बजट में रोजगार संबंधी घोषणाएं तो की गई हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं कि कितने युवाओं को नौकरी मिलेगी। उन्होंने बताया कि पिछली घोषणाओं का कोई डेटा सार्वजनिक नहीं किया गया, जिससे पता चलता कि कितने रोजगार सृजित हुए।

देश के युवा आज ‘अल्प-रोजगार’ से जूझ रहे हैं और भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पायलट का कहना है कि बजट में युवाओं के लिए ठोस कदम नहीं हैं और उनकी उम्मीदें पूरी नहीं हुई हैं।

महंगाई और ग्रामीण-खेतिहर अर्थव्यवस्था की अनदेखी

पायलट ने कहा कि देश पहले से महंगाई की चपेट में है, लेकिन बजट में इससे निपटने के लिए कोई ठोस रणनीति नहीं है। आम आदमी को राहत देने के बजाय सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित रह गई।

उन्होंने कहा कि बजट में महिलाओं, किसानों और ग्रामीण इलाकों की प्राथमिकताओं की अनदेखी की गई। ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कोई बड़ा कदम नहीं दिखता। महिला सशक्तिकरण और आर्थिक अवसरों पर भी ध्यान नहीं दिया गया है।

राज्यों और संतुलित विकास पर सवाल

सचिन पायलट ने बजट 2026 में राज्यों के लिए संतुलित विकास की कमी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे बीजेपी शासित राज्यों के लिए कोई नई परियोजना या विशेष योजना घोषित नहीं की गई। 

यह बजट केवल चुनावी घोषणाओं तक सीमित है और जनता के हितों की अनदेखी करता है। पायलट ने इसे जनता के साथ ‘धोखा’ बताया और कहा कि यह देश के विभिन्न राज्यों और क्षेत्रीय विकास को संतुलित रूप से मजबूत करने में विफल रहा है।

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