बूंदी में एक बुजुर्ग का अपहरण कर हत्या कर दी गई। शव मांगली नदी में मिला। परिजनों ने सड़क जाम कर हत्यारों को फांसी, मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग की। स्थानीय प्रशासन ने सहमति के बाद प्रदर्शन खत्म कराया।
Rajasthan: थानाधिकारी माया बैरवा के अनुसार, किशन गोपाल बैरवा (60) रात को अपने टिन शेड में सो रहे थे। अचानक कुछ अज्ञात लोग उन्हें उठाकर करीब 5 किलोमीटर दूर करर्जुना गांव के श्मशान घाट के पास ले गए।
बदमाशों ने बुजुर्ग के कानों में सोने की मुरकियां, गले में राउत और हाथों में आधा किलो चांदी के कड़े छीन लिए और उनकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को श्मशान घाट के पास बहती मांगली नदी में फेंक दिया गया।
ग्रामीणों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन
सुबह पुलिस को सूचना मिली और शव नदी से बाहर निकाला गया। इसके बाद परिजन और ग्रामीण नमाना-बूंदी रोड पर शव रखकर धरना-प्रदर्शन करने लगे।

ग्रामीणों ने मांग की कि हत्यारों को फांसी दी जाए, मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपए मुआवजा मिले और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
प्रशासन ने मांगी सहमति, प्रदर्शन खत्म हुआ
सूचना पर बूंदी से तहसीलदार, SDM और DSP मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की।
एसडीएम लक्ष्मीकांत मीणा ने बताया कि सरकार की योजना के तहत मृतक के परिवार को 5 लाख रुपए आर्थिक सहायता, एक परिजन को संविदा नौकरी और 20 लाख रुपए की अतिरिक्त सहायता भेजी जाएगी। इसके बाद परिजन ने शव का अंतिम संस्कार करने पर सहमति दी और प्रदर्शन समाप्त हुआ।
परिजनों ने बताए हालात
किशन गोपाल के बेटे रंजीत ने बताया कि सुबह पिता के लिए चाय लेकर टिन शेड गए तो पिता नहीं मिले। तलाश के बाद गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज करवाई गई।
सरपंच सुरेश मीणा ने कहा कि मृतक हमेशा सोने-चांदी के गहनों के साथ रहता था, लेकिन शव मिलने पर ये सभी गहने गायब थे। इससे साफ होता है कि बदमाशों ने लूट के इरादे से अपहरण और हत्या की योजना बनाई थी।









