एसडीओ की जनसुनवाई में केवल तीन मामलों की सुनवाई, फरियादियों की कम संख्या से प्रशासन हैरान

एसडीओ की जनसुनवाई में केवल तीन मामलों की ही सुनवाई हो सकी। फरियादियों की कम संख्या को लेकर प्रशासन भी हैरानी जता रहा है

अरेराज अनुमंडल कार्यालय में आयोजित एसडीओ की जनसुनवाई में इस बार अपेक्षाकृत बेहद कम फरियादी पहुंचे। निर्धारित दिन पर हुई जनसुनवाई में कुल मिलाकर सिर्फ तीन मामले ही सामने आए, जिनकी सुनवाई कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। फरियादियों की इतनी कम संख्या को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी चर्चा होती रही।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनसुनवाई का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को सीधे सुनकर उनका त्वरित समाधान करना होता है, ताकि उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। लेकिन इस बार अरेराज अनुमंडल में आयोजित जनसुनवाई में लोगों की भागीदारी काफी कम रही। एसडीओ के समक्ष जो तीन मामले आए, उनमें मुख्य रूप से जमीन विवाद, सरकारी योजना से जुड़ी समस्या और स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक कार्य में हो रही देरी से संबंधित शिकायतें शामिल थीं।

एसडीओ ने सभी मामलों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही शिकायतकर्ताओं को भरोसा दिलाया गया कि उनके मामलों का निष्पक्ष और शीघ्र निपटारा किया जाएगा।

जनसुनवाई में कम फरियादियों के आने को लेकर स्थानीय स्तर पर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि कई मामलों का समाधान पहले ही निचले स्तर पर हो जा रहा है, जिससे लोगों को अनुमंडल कार्यालय तक आने की जरूरत नहीं पड़ रही। वहीं कुछ लोगों का यह भी मानना है कि जनसुनवाई की जानकारी आम लोगों तक सही तरीके से नहीं पहुंच पा रही है, जिस कारण सहभागिता कम हो रही है।

प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जनसुनवाई को और प्रभावी बनाने के लिए प्रचार-प्रसार पर जोर दिया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग अपनी समस्याएं सीधे एसडीओ के सामने रख सकें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि जनसुनवाई में आए मामलों का फॉलोअप सही ढंग से हो, जिससे जनता का भरोसा इस व्यवस्था पर बना रहे।

कुल मिलाकर, अरेराज में हुई इस जनसुनवाई में मामलों की संख्या भले ही कम रही हो, लेकिन प्रशासन का दावा है कि हर शिकायत को गंभीरता से लिया जा रहा है। आने वाले समय में उम्मीद जताई जा रही है कि जनसुनवाई में लोगों की भागीदारी बढ़ेगी और यह मंच आम जनता के लिए और ज्यादा उपयोगी साबित होगा।

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