SEBI ने BofA पर $180 मिलियन के शेयर सौदे में सख्ती, गोपनीय जानकारी लीक का आरोप

SEBI ने BofA पर $180 मिलियन के शेयर सौदे में सख्ती, गोपनीय जानकारी लीक का आरोप

SEBI ने बैंक ऑफ अमेरिका (BofA) को नोटिस भेजा है। आरोप है कि मार्च 2024 में ABSL AMC के $180 मिलियन शेयर सौदे में डील टीम ने प्राइस-सेंसिटिव जानकारी निवेशकों से साझा की। बैंक की रिसर्च और ब्रोकिंग टीम भी शामिल रही।

SEBI Action: भारतीय बाजार नियामक SEBI ने बैंक ऑफ अमेरिका (BofA) की एक इकाई पर इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों का उल्लंघन करने और इंटरनल “चाइनीज वॉल” तोड़ने का आरोप लगाया है। यह मामला मार्च 2024 में आदित्य बिड़ला सन लाइफ एसेट मैनेजमेंट (ABSL AMC) के शेयरों की बिक्री से जुड़ा है। SEBI ने यह जानकारी अपने नोटिस में दी है, जिसमें बैंक की डील टीम द्वारा संभावित निवेशकों से गोपनीय जानकारी साझा करने का आरोप लगाया गया है।

नोटिस के मुताबिक, बैंक की डील टीम के पास शेयर बिक्री से जुड़ी अप्रकाशित प्राइस-सेंसिटिव जानकारी थी। लेकिन टीम ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से निवेशकों से संपर्क किया। इसके लिए बैंक की ब्रोकिंग इकाई, रिसर्च टीम और एशिया-पैसिफिक सिंडिकेट टीम ने भी डील टीम के अनुरोध पर निवेशकों से बातचीत की और उन्हें वैल्यूएशन रिपोर्ट और अन्य गोपनीय जानकारी उपलब्ध कराई।

SEBI ने नोटिस में कहा कि यह व्यवहार बैंक की डील टीम की ओर से ब्रोकिंग और रिसर्च टीमों के साथ चाइनीज वॉल बनाए रखने में विफलता को दिखाता है। इसका सीधा असर गोपनीय जानकारी की सुरक्षा और आंतरिक नियंत्रण प्रणाली पर पड़ा।

सेबी की जांच और बैंक की प्रतिक्रिया

यह नोटिस SEBI की जांच के बाद जारी किया गया। जांच में यह पाया गया कि बैंक ने कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को दबाया और गलत बयान दिए। SEBI ने बताया कि बैंक और SEBI दोनों ने रॉयटर्स के ईमेल सवालों का कोई जवाब नहीं दिया।

मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि बैंक ने बिना दोष स्वीकार किए आरोपों के निपटारे के लिए SEBI के पास आवेदन किया है। यह आवेदन फिलहाल समीक्षा के अधीन है। सूत्र ने यह जानकारी नाम न छापने की शर्त पर साझा की।

यह मामला पहली बार 2024 में एक व्हिसलब्लोअर की शिकायत के जरिए सामने आया। इसके बाद बैंक ने आंतरिक जांच की और कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को पद छोड़ना पड़ा।

निवेशकों से संपर्क करना क्यों था गलत

SEBI के नोटिस में बैंक द्वारा तीन प्रमुख निवेशकों से संपर्क का उल्लेख किया गया है। इनमें HDFC Life, नॉर्गेस बैंक और Enam Holdings शामिल हैं। भारत के इनसाइडर ट्रेडिंग नियम किसी भी बैंक को अनुमति नहीं देते कि वह प्राइस-सेंसिटिव जानकारी को किसी वैध कारण के बिना डील टीम के बाहर साझा करे, खासकर तब जब बैंक को सौदे को संभालने की जिम्मेदारी दी गई हो।

SEBI ने कहा कि बैंक की रिसर्च, ब्रोकिंग और एशिया-पैसिफिक टीमों ने निवेशकों से फीडबैक मांगा, जबकि बैंक को 28 फरवरी 2024 को यह सौदा संभालने के लिए नियुक्त किया गया था और औपचारिक शेयर बिक्री की घोषणा 18 मार्च 2024 को होनी थी। SEBI ने इसे नियमों का उल्लंघन माना।

नोटिस में साझा की गई जानकारी

नोटिस में उदाहरण के तौर पर बताया गया कि डील टीम ने बैंक की ब्रोकिंग इकाई से कहा कि ABSL AMC और आदित्य बिड़ला समूह की वैल्यूएशन रिपोर्ट Enam Holdings को भेजी जाए। इसी तरह, डील टीम ने हांगकांग स्थित एशिया-पैसिफिक सिंडिकेट टीम को नॉर्गेस बैंक से ऑफर में उसकी रुचि के बारे में फीडबैक लेने को कहा।

SEBI ने कहा कि इस तरह की जानकारी को ‘need-to-know’ के आधार पर ही संभालना चाहिए था। ब्रोकिंग, रिसर्च और सिंडिकेट टीमों ने डील टीम की ओर से काम किया। हालांकि, नोटिस में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि इन संपर्कों के दौरान किसी खास प्राइस-सेंसिटिव जानकारी का आदान-प्रदान हुआ या नहीं।

एचडीएफसी लाइफ, नॉर्गेस बैंक और Enam Holdings ने रॉयटर्स के सवालों का जवाब नहीं दिया।

BofA की आंतरिक जांच और परिणाम

बैंक की आंतरिक जांच में कई वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठे। जांच के बाद कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने पद छोड़ दिया। बैंक ने WHISTLEBLOWER शिकायत के बाद आंतरिक प्रक्रियाओं की समीक्षा भी की।

SEBI का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से निवेशकों का भरोसा प्रभावित हो सकता है। इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों का पालन करना और गोपनीय जानकारी को सुरक्षित रखना वित्तीय संस्थानों के लिए अनिवार्य है।

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