यूपी चुनाव 2026: भाजपा संगठन में बड़े फेरबदल की तैयारी, 14 जिलाध्यक्षों की होगी नियुक्ति

यूपी चुनाव 2026 से पहले भाजपा संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी है। पार्टी 14 नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति करने जा रही है। जानिए इस फेरबदल के पीछे की रणनीति और

आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए प्रदेश भाजपा संगठन को मजबूत करने की तैयारियां फिर से तेज हो गई हैं। नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी संगठन के तहत गठित 98 जिलों में से शेष 14 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति करना है।

लखनऊ: आगामी विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर उत्तर प्रदेश भाजपा संगठन में सक्रिय फेरबदल की तैयारी तेज हो गई है। नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के सामने सबसे बड़ी चुनौती 98 जिलों में से बचे 14 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति पूरी करना है। इसके बाद प्रदेश और क्षेत्रीय स्तर पर संगठनात्मक फेरबदल की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।

14 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति पहली प्राथमिकता

सूत्रों के अनुसार, पहले इन 14 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति पूरी की जाएगी। इससे पहले 84 जिलाध्यक्षों को नियुक्त किया जा चुका है, लेकिन कई जिलों में अंदरूनी कलह और विवाद के कारण 14 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति लंबित रह गई थी। इन जिलों में शामिल हैं:

  • अंबेडकरनगर
  • गोंडा
  • अयोध्या जिला व महानगर
  • वाराणसी जिला
  • चंदौली
  • मिर्जापुर
  • सिद्धार्थनगर
  • देवरिया
  • लखीमपुर
  • पीलीभीत
  • शामली
  • सहारनपुर
  • अमरोहा

इन जिलों में क्षेत्रीय विधायकों और दावेदारों के बीच मतभेद, जातीय समीकरण और सिफारिशों के कारण सहमति नहीं बन सकी थी।

नए प्रदेश अध्यक्ष का परिचयात्मक दौर

पंकज चौधरी ने नियुक्ति के पहले अपने परिचयात्मक दौरों के जरिए कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से संवाद शुरू किया है। वे लगातार यह संकेत दे रहे हैं कि कैडर आधारित कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसका मतलब है कि जिन जिलों में नियुक्ति लंबित है, वहां संगठनात्मक संतुलन और स्थानीय कार्यकर्ताओं की भूमिका निर्णायक होगी।

सूत्रों के मुताबिक, शेष 14 जिलों के लिए संबंधित क्षेत्रीय संगठनों से तीन-तीन नामों के नए पैनल मांगे गए हैं। पुराने पैनल मौजूद होने के बावजूद नए प्रदेश अध्यक्ष ने नए सिरे से नाम भेजने को कहा है। इस पैनल पर अंतिम निर्णय लेने के बाद ही जिलाध्यक्षों की औपचारिक घोषणा की जाएगी। जिलाध्यक्षों की नियुक्ति पूरी होने के बाद प्रदेश और क्षेत्रीय संगठन में व्यापक फेरबदल की प्रक्रिया शुरू होगी। भाजपा के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, यह फेरबदल पार्टी को आगामी चुनाव में और अधिक मजबूत बनाने के लिए किया जाएगा।

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