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SEBI ने दी Groww IPO को मंजूरी, क्या 1 अरब डॉलर जुटा पाएगी कंपनी?

SEBI ने दी Groww IPO को मंजूरी, क्या 1 अरब डॉलर जुटा पाएगी कंपनी?

SEBI ने Groww के IPO को मंजूरी दे दी है। कंपनी NSE और BSE मेनबोर्ड पर लिस्ट होगी और करीब 1 अरब डॉलर जुटाने की योजना बना रही है। वैल्यूएशन 7- 8 अरब डॉलर के बीच रह सकता है। यह भारत के स्टार्टअप और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर के लिए बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।

Groww IPO: भारत के सबसे बड़े ऑनलाइन ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म Groww को IPO लाने की मंजूरी मिल गई है। कंपनी ने मई 2025 में SEBI के प्री-फाइलिंग मैकेनिज्म के तहत आवेदन किया था। अब Groww अपनी इक्विटी शेयरों को NSE और BSE पर लिस्ट करने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार, 7–8 अरब डॉलर के वैल्यूएशन के साथ कंपनी 700–920 मिलियन डॉलर जुटा सकती है। 2016 में स्थापित Groww, म्यूचुअल फंड, स्टॉक्स और ETFs जैसे प्रोडक्ट्स उपलब्ध कराता है और 12.5 करोड़ से ज्यादा एक्टिव यूजर्स के साथ भारत का सबसे बड़ा ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म है।

कब हुई थी फाइलिंग

Groww ने इस साल 26 मई को SEBI के प्री-फाइलिंग मैकेनिज्म के तहत गोपनीय रूप से आईपीओ फाइल किया था। उस समय से ही बाजार में यह चर्चा शुरू हो गई थी कि कंपनी पूंजी जुटाने की तैयारी कर रही है। मई से पहले ही खबर आई थी कि Groww अपने प्री-आईपीओ फंडिंग राउंड में निवेशकों से पूंजी जुटाने को लेकर बातचीत कर रही थी। कंपनी का प्लान अपनी इक्विटी शेयरों को NSE और BSE मेनबोर्ड पर लिस्ट करने का है। हालांकि इश्यू साइज, फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल (OFS) का पूरा ब्योरा अब तक सामने नहीं आया है।

वैल्यूएशन और आईपीओ का आकार

बाजार सूत्रों के मुताबिक Groww मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अपने आईपीओ का वैल्यूएशन ज्यादा ऊंचा रखने के पक्ष में नहीं है। स्टॉक मार्केट की अस्थिरता और निवेशकों की सतर्कता को ध्यान में रखते हुए कंपनी 7 से 8 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर विचार कर रही है। अगर यह अनुमान सही साबित होता है तो Groww अपने आईपीओ में 10 से 15 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच सकती है। इसके जरिए कंपनी 700 से 920 मिलियन डॉलर तक जुटा सकती है।

ग्रो का सफर और चुनौतियां

Groww की शुरुआत 2016 में हुई थी। महज कुछ सालों में यह प्लेटफॉर्म भारत का सबसे बड़ा वेल्थटेक प्लेटफॉर्म बन गया। आज यह स्टॉक्स, डायरेक्ट म्यूचुअल फंड, ईटीएफ, फिक्स्ड डिपॉजिट और यहां तक कि अमेरिकी शेयर बाजार में निवेश की सुविधा भी देता है। इसने निवेश को बेहद आसान बनाते हुए पहली बार मार्केट में कदम रखने वाले निवेशकों के लिए दरवाजे खोले।

हालांकि साल 2025 की पहली छमाही Groww के लिए आसान नहीं रही। Groww और उसके बड़े प्रतिद्वंद्वी Zerodha ने मिलकर लगभग 11 लाख एक्टिव इन्वेस्टर्स खो दिए। यह गिरावट बाजार की अस्थिरता और खुदरा निवेशकों की कमजोर भागीदारी को दिखाती है।

निवेशकों का भरोसा

Groww को अब तक कई बड़े निवेशकों का भरोसा मिला है। इनमें Tiger Global, Peak XV Partners और Ribbit Capital जैसे वेंचर कैपिटल फंड शामिल हैं। इन निवेशकों ने Groww के शुरुआती फंडिंग राउंड्स में पैसा लगाया और कंपनी के विस्तार में मदद की। आज Groww देशभर में सबसे लोकप्रिय ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म बन चुका है।

Groww का बिजनेस मॉडल 

Groww का बिजनेस मॉडल सरल लेकिन मजबूत है। इसका फोकस तकनीक पर आधारित समाधान देने पर है। मोबाइल ऐप और वेबसाइट के जरिए निवेश को इतना आसान बना दिया गया है कि पहली बार निवेश करने वाला भी सीधे स्टॉक्स या म्यूचुअल फंड में पैसा लगा सकता है। कंपनी का कहना है कि इसका लक्ष्य निवेश को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना और इसे जटिलताओं से मुक्त करना है।

जून 2025 के आंकड़े

नवीनतम आंकड़े बताते हैं कि जून 2025 तक Groww भारत का सबसे बड़ा ऑनलाइन ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म बन चुका है। इसका एक्टिव यूजर बेस 12.58 करोड़ से अधिक है। इस मामले में इसने Zerodha और Angel One जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि निवेशकों की संख्या में हालिया गिरावट यह दिखाती है कि कंपनी को मार्केट में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए नए कदम उठाने होंगे।

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