सीबीएसई ने 10वीं के छात्रों के लिए सेकंड बोर्ड परीक्षा का अवसर दिया है। छात्र तीन विषयों में दोबारा परीक्षा देकर अपने अंक सुधार सकते हैं। आवेदन केवल स्कूलों के माध्यम से होगा और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरा करना होगा।
एजुकेशन न्यूज़: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं के छात्रों के लिए एक नया अवसर पेश किया है। बोर्ड ने उन छात्रों को सेकंड बोर्ड परीक्षा का विकल्प दिया है, जो अपने प्रदर्शन में सुधार करना चाहते हैं। इस विशेष परीक्षा के माध्यम से छात्र अधिकतम तीन विषयों में दोबारा परीक्षा देकर अपने अंकों को बेहतर कर सकते हैं। यह पहल छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे वे बिना एक साल गंवाए अपनी सफलता सुनिश्चित कर सकते हैं।
सेकंड बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि इस विशेष परीक्षा के लिए आवेदन केवल स्कूलों के माध्यम से किया जाएगा। इच्छुक छात्रों को अपने स्कूल के प्रिंसिपल से संपर्क कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करना होगा। बोर्ड ने सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे 31 मार्च तक इच्छुक छात्रों की सूची तैयार कर ईमेल के माध्यम से सीबीएसई को भेज दें। यह अंतिम तिथि शाम पांच बजे निर्धारित की गई है।
इस प्रक्रिया के तहत स्कूल छात्रों की सूची (List of Candidates - LOC) तैयार करेंगे। इससे बोर्ड को पहले से ही जानकारी मिल जाएगी कि कितने छात्र और किन-किन विषयों में परीक्षा देना चाहते हैं। केवल उन्हीं छात्रों को यह विशेष परीक्षा देने की अनुमति होगी, जिन्होंने पहली बार बोर्ड परीक्षा दी हो। नए नाम LOC में नहीं जोड़े जा सकते हैं और विषय परिवर्तन केवल बोर्ड की नीति के अनुसार ही संभव है।
सेकंड बोर्ड परीक्षा में क्या मिलेगा अवसर
इस नई व्यवस्था के अनुसार छात्र अब केवल एक विषय ही नहीं, बल्कि तीन विषयों तक में परीक्षा देकर अपने अंकों में सुधार कर सकते हैं। इसमें साइंस, मैथ्स, सोशल साइंस और भाषाओं के विषय शामिल हैं। जिन छात्रों का परिणाम कंपार्टमेंट आया है, वे सेकंड परीक्षा में कंपार्टमेंट श्रेणी के तहत शामिल हो सकते हैं। इस परीक्षा के माध्यम से छात्र अपने प्रदर्शन को सुधारकर उच्च अंक हासिल कर सकते हैं और अगले वर्ष मुख्य परीक्षा की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं होगी।
परीक्षा शुल्क और विलंब शुल्क की जानकारी
सीबीएसई ने बताया है कि पहले चरण के मुख्य परिणाम घोषित होने के अगले दिन से पांच दिनों तक छात्र परीक्षा शुल्क जमा कर सकते हैं। इसी अवधि में स्कूलों को छात्रों की LOC और शुल्क बोर्ड को भेजना होगा। यदि कोई स्कूल निर्धारित समयसीमा में यह कार्य पूरा नहीं कर पाता है, तो परिणाम घोषित होने के सातवें दिन से अगले दो दिनों तक विलंब शुल्क के साथ यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
कौन है पात्र सेकंड परीक्षा के लिए
सेकंड बोर्ड परीक्षा के लिए केवल पास और योग्य छात्र पात्र होंगे। जिन छात्रों ने पहली परीक्षा में तीन या अधिक विषयों में भाग नहीं लिया है, वे इस विशेष परीक्षा में शामिल नहीं हो सकते। ऐसे छात्र केवल अगले वर्ष फरवरी में आयोजित मुख्य परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। छात्रों की व्यक्तिगत जानकारी में कोई बदलाव सेकंड परीक्षा के दौरान स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सीबीएसई की पहल का महत्व
सीबीएसई की यह पहल छात्रों के लिए काफी अहम मानी जा रही है। अक्सर छात्र पहली परीक्षा में किसी कारणवश अपेक्षित अंक नहीं ला पाते। सेकंड बोर्ड परीक्षा उन्हें दूसरा मौका देती है, जिससे वे बिना साल गंवाए अपने अंकों में सुधार कर सकते हैं। यह कदम छात्रों की मानसिक स्थिति को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा और उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर देगा।
स्कूलों की भूमिका
स्कूलों की भूमिका इस प्रक्रिया में बहुत अहम है। प्रिंसिपल और शिक्षकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी इच्छुक छात्रों की सूची समय पर तैयार हो और बोर्ड को भेजी जाए। छात्रों को भी निर्देशों के अनुसार समय पर आवेदन करना आवश्यक है। इस प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही होने पर छात्र सेकंड परीक्षा का अवसर गंवा सकते हैं।










