सीकर की उद्योग नगर थाना पुलिस ने दबिश देकर डोडा-चूरा सप्लायर महेंद्र को गिरफ्तार किया। आरोपी मध्यप्रदेश से माल लाकर सप्लाई करता था और चित्तौड़गढ़ में नेटवर्क चलाता था। उसके खिलाफ पहले से एनडीपीएस एक्ट सहित चार मामले दर्ज हैं।
सीकर: राजस्थान के सीकर जिले में पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। उद्योग नगर थाना पुलिस ने बिसाऊ क्षेत्र में दबिश देकर डोडा-चूरा (अफीम भूसा) के एक सक्रिय सप्लायर को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से राज्य के विभिन्न जिलों में नशे की सप्लाई नेटवर्क को संचालित कर रहा था और पुलिस को उसकी तलाश काफी समय से थी।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिसाऊ निवासी महेंद्र कुमार उर्फ महेंद्र वर्मा उर्फ काका के रूप में हुई है, जो चिरंजीलाल कुमावत का पुत्र है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी नशे की अवैध सप्लाई के लिए मध्यप्रदेश से माल लाता था और उसे राजस्थान के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई करता था।
मध्यप्रदेश से लाकर राजस्थान में करता था सप्लाई
पुलिस के अनुसार आरोपी का नेटवर्क काफी सुनियोजित तरीके से काम करता था। वह ऑर्डर मिलने पर मध्यप्रदेश से डोडा-चूरा की खेप लेकर आता था और फिर उसे सीकर, चित्तौड़गढ़ और आसपास के जिलों में सप्लाई करता था।
जानकारी के मुताबिक आरोपी अधिकतर समय चित्तौड़गढ़ में रहता था ताकि वह पुलिस की निगरानी से बच सके। जब किसी पार्टी से ऑर्डर मिलता था तो वह खुद या अपने संपर्कों के जरिए माल की डिलीवरी करता था।
इस तरह वह लंबे समय से नशे के अवैध कारोबार को चला रहा था और एक नेटवर्क के रूप में काम कर रहा था।
ट्रेनी अधिकारी की कार्रवाई से शुरू हुई जांच
इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब ट्रेनी RPS अधिकारी विजयपाल, जो पहले गोकुलपुरा थाना प्रभारी के रूप में कार्यरत थे, ने मलखेड़ा क्षेत्र में एक युवक नितेश कुमार को डोडा-चूरा के साथ पकड़ा था।
उस समय आरोपी के पास से लगभग 14.888 ग्राम डोडा-चूरा बरामद हुआ था। पूछताछ में नितेश ने खुलासा किया कि वह यह नशा बिसाऊ निवासी महेंद्र कुमार से लेकर आया था।
इसी बयान के आधार पर पुलिस ने आगे की जांच शुरू की और आरोपी सप्लायर की तलाश तेज कर दी।
कई बार दबिश के बाद मिली सफलता
पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई बार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन वह हर बार फरार हो जाता था। उसकी लोकेशन लगातार बदलने के कारण पुलिस को उसे पकड़ने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
हाल ही में पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अपने पैतृक गांव बिसाऊ के अगुना मोहल्ला वार्ड नंबर 14 में मौजूद है। इस सूचना पर उद्योग नगर SHO राजेश कुमार बुडानिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दबिश दी और आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया।

पहले से दर्ज हैं चार आपराधिक मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी महेंद्र कुमार के खिलाफ पहले से ही चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें तीन मामले एनडीपीएस एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट) के तहत हैं, जबकि एक मामला मारपीट से संबंधित है।
लगातार आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहने के कारण पुलिस अब उसके पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। संभावना है कि पूछताछ के बाद कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
पुलिस कर रही है नेटवर्क की जांच
गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से यह पता लगाने में जुटी है कि उसका नेटवर्क किन-किन जिलों और राज्यों तक फैला हुआ है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वह किन लोगों को नशे की सप्लाई करता था और इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन शामिल है।
पुलिस का मानना है कि यह मामला केवल एक सप्लायर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा है।
सीकर में पशु व्यापार धोखाधड़ी का भी मामला सामने आया
नशा तस्करी के मामले के साथ ही सीकर में एक और बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसने व्यापारिक समुदाय को हिला दिया है। बकरीद से पहले लाखों रुपये के बकरे लेकर फरार होने का मामला दर्ज किया गया है।
बकरा मंडी से ट्रकों में लोड कर भेजे गए थे पशु
पीड़ित व्यापारी मुमताज ने कोतवाली थाना पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि वह सीकर की बकरा मंडी में पशु व्यापार और कमीशन एजेंट के रूप में काम करते हैं। उनके माध्यम से कई व्यापारी पशुओं की खरीद-फरोख्त करते हैं।
शिकायत के अनुसार विजय कुमार, फारूक अहमद और विवेकानंद नाम के लोगों ने एक फर्म बनाई हुई थी। विजय कुमार पिछले एक साल से सीकर में रहकर व्यापार कर रहा था और लगातार मुमताज से पशु खरीदता था।
19 और 20 मई को विजय कुमार के कहने पर दो ट्रक बकरे तमिलनाडु भेजे गए थे। इन पशुओं का भुगतान 22 मई को किया जाना था, लेकिन तय समय पर भुगतान नहीं किया गया और आरोपी फरार हो गया।
मोबाइल बंद, आरोपी फरार
व्यापारी के अनुसार भुगतान की तारीख के बाद विजय कुमार का मोबाइल फोन स्विच ऑफ आने लगा। वहीं उसके सहयोगी फारूक अहमद और विवेकानंद से भी कोई संपर्क नहीं हो सका।
इस घटना के बाद व्यापारी ने पुलिस में मामला दर्ज करवाया। कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस ने शुरू की जांच, आर्थिक नुकसान का आकलन जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस धोखाधड़ी में कितनी रकम शामिल है और क्या यह किसी बड़े संगठित गिरोह का हिस्सा है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक इस मामले में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।










