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Shardiya Navratri 2025: जानिए आश्विन महीने में शारदीय नवरात्र कब से शुरू होगा

Shardiya Navratri 2025: जानिए आश्विन महीने में शारदीय नवरात्र कब से शुरू होगा

आश्विन 2025 महीने की शुरुआत 08 सितंबर से होगी। पितृ पक्ष 08 से 21 सितंबर तक चलेगा, जिसमें रोजाना तर्पण और पिंडदान किया जाएगा। शारदीय नवरात्र 22 सितंबर से शुरू होकर 01 अक्टूबर तक रहेगा और 02 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी। आश्विन माह में इंदिरा और पापाकुंशा एकादशी भी प्रमुख व्रत हैं।

Shardiya Navratri 2025: वैदिक पंचांग के अनुसार, 08 सितंबर 2025 से आश्विन माह शुरू होगा। पितृ पक्ष 08 से 21 सितंबर तक चलेगा, और इस दौरान पूर्वजों के लिए तर्पण व पिंडदान किया जाएगा। शारदीय नवरात्र 22 सितंबर से 01 अक्टूबर तक है, जबकि 02 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी। इस दौरान जगत जननी मां दुर्गा की पूजा और नवरात्र व्रत रखे जाएंगे, साथ ही इंदिरा और पापाकुंशा एकादशी भी प्रमुख व्रत होंगे।

आश्विन माह की शुरुआत

वैदिक पंचांग के अनुसार, 07 सितंबर 2025 को भाद्रपद पूर्णिमा है। इसके अगले दिन यानी 08 सितंबर से आश्विन माह की शुरुआत होगी। आश्विन माह का कृष्ण पक्ष पितरों को समर्पित होता है। इस अवधि में पितरों का तर्पण और पिंडदान करने की परंपरा है। पितृ पक्ष का शुभारंभ 08 सितंबर से होगा और यह 21 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान रोजाना पितरों का तर्पण और पिंडदान करने से पूर्वजों की कृपा प्राप्त होती है।

पितृ पक्ष 2025

पितृ पक्ष का समापन 21 सितंबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ होता है। इस दिन विशेष पितृ तर्पण और पिंडदान किए जाते हैं। पितृ पक्ष के दौरान किए गए तर्पण से पूर्वजों का आशीर्वाद मिलता है और परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वातावरण बनता है। यह समय धार्मिक अनुष्ठान और पूर्वजों की स्मृति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

शारदीय नवरात्र की तिथियां

इस वर्ष शारदीय नवरात्र 22 सितंबर 2025 से प्रारंभ होगा। नवरात्र का पर्व आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से लेकर नवमी तिथि तक मनाया जाता है। इस वर्ष नवरात्र का समापन 01 अक्टूबर 2025 को होगा। इसके अगले दिन 02 अक्टूबर को विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा। नवरात्र के दौरान जगत की देवी मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। प्रत्येक दिन विशेष रीति से माता के अलग-अलग रूपों की आराधना की जाती है।

आश्विन माह की प्रमुख एकादशियां

आश्विन माह में दो महत्वपूर्ण एकादशियां आती हैं। 17 सितंबर 2025 को इंदिरा एकादशी है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। वहीं, 02 अक्टूबर 2025 को पापाकुंशा एकादशी मनाई जाएगी। इस अवसर पर भी लक्ष्मी नारायण जी के निमित्त व्रत रखा जाता है। इन व्रतों का पालन करने से जीवन में समृद्धि, स्वास्थ्य और सुख-शांति आती है।

शुभ अवसर और धार्मिक आयोजन

आश्विन माह में पितृ पक्ष और नवरात्र के अलावा कई अन्य धार्मिक आयोजन भी होते हैं। पितृ पक्ष के दौरान पितरों के तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध अनुष्ठान किए जाते हैं। नवरात्र के दौरान मंदिरों में भजन, कीर्तन और देवी की विशेष आराधना होती है। इस समय श्रद्धालु सामूहिक पूजा, हवन और धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेते हैं।

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