भारतीय शेयर बाजार बुधवार, 15 जुलाई को हल्की बढ़त के साथ बंद हुए। मंगलवार की तेज गिरावट के बाद बाजार में आज सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिला और प्रमुख सूचकांकों ने सकारात्मक बढ़त के साथ दिन का समापन किया।
बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद सकारात्मक रुख के साथ दिन का समापन किया। प्रमुख सूचकांक बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 दोनों मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। कारोबार के दौरान निवेशकों ने मुनाफावसूली, वैश्विक आर्थिक संकेतों और सेक्टर-विशिष्ट गतिविधियों के बीच संतुलित निवेश रणनीति अपनाई। बैंकिंग और पीएसयू शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जबकि मेटल और आईटी सेक्टर पर दबाव बना रहा।
सेंसेक्स और निफ्टी ने बढ़त के साथ किया कारोबार समाप्त
बुधवार के कारोबारी सत्र के अंत में बीएसई सेंसेक्स 130.49 अंक यानी 0.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,185.43 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 50 26.45 अंक यानी 0.11 प्रतिशत चढ़कर 24,078.50 अंक पर बंद हुआ। बाजार की चौड़ाई (Market Breadth) भी संतुलित रही। कुल कारोबार किए गए शेयरों में लगभग 2,203 शेयरों में तेजी, 1,896 शेयरों में गिरावट, जबकि 158 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए। इससे स्पष्ट है कि बाजार में खरीदारी और बिकवाली दोनों का दबाव बना रहा।
कारोबार के दौरान क्यों दिखा उतार-चढ़ाव?
दिन की शुरुआत मजबूत रही और प्रमुख सूचकांक ऊंचे स्तर तक पहुंचे। सेंसेक्स एक समय 600 अंकों से अधिक चढ़ा, जबकि निफ्टी ने 24,200 का स्तर भी पार किया। हालांकि ऊपरी स्तरों पर निवेशकों द्वारा प्रॉफिट बुकिंग किए जाने से बाजार अपनी शुरुआती बढ़त का बड़ा हिस्सा गंवा बैठा। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक फिलहाल घरेलू और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। कॉरपोरेट आय, कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम और मानसून की स्थिति जैसे कारक बाजार की दिशा तय कर रहे हैं।
किन सेक्टरों में रही सबसे अधिक तेजी?

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स लगभग 0.95 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सूचकांक रहा। इसके अलावा इन सेक्टरों में भी सकारात्मक कारोबार देखने को मिला—
- बैंकिंग
- ऑयल एंड गैस
- फार्मा
- एनर्जी
- कंज्यूमर ड्यूरेबल्स
बीएसई के सेक्टोरल इंडेक्स में कैपिटल गुड्स लगभग 1.27 प्रतिशत की मजबूती के साथ सबसे आगे रहा। इसके अतिरिक्त कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी, ऑयल एंड गैस तथा बैंकिंग शेयरों में भी अच्छी खरीदारी दर्ज की गई।
किन सेक्टरों पर रहा दबाव?
बाजार में जहां कुछ सेक्टरों में तेजी रही, वहीं मेटल और आईटी शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी मेटल इंडेक्स करीब 1.11 प्रतिशत गिरावट के साथ सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। इसके अलावा—
- आईटी
- एफएमसीजी
- मीडिया
- रियल्टी
- इंफ्रास्ट्रक्चर
से जुड़े शेयरों में भी बिकवाली का दबाव बना रहा। बीएसई में भी यूटिलिटीज और मेटल इंडेक्स में एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। विश्लेषकों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया।









