शहडोल में एसपी बंगले के सामने दुकान लगाने को लेकर विवाद में सरेआम मारपीट हुई, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल। महिला थाना पुलिस के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ। घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Madhya Pradesh: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भगत सिंह परिसर में सड़क किनारे दुकान लगाने को लेकर दो पक्षों में पहले कहासुनी हुई। मामूली विवाद देखते ही देखते बढ़ गया और बात मारपीट तक पहुंच गई। आरोप है कि कुछ लोगों ने एक युवक को घेर लिया और उस पर लात-घूंसों से हमला कर दिया।
मारपीट इतनी तेज थी कि आसपास मौजूद लोग पहले कुछ देर तक तमाशबीन बने रहे। बाद में कुछ लोगों ने साहस दिखाते हुए बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन तब तक युवक को काफी चोटें आ चुकी थीं।
महिला थाना पुलिस ने संभाला मोर्चा
हंगामा और शोर-शराबा सुनकर पास ही स्थित महिला थाने से पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि एक महिला पुलिसकर्मी ने सख्ती दिखाते हुए दोनों पक्षों को अलग किया और मारपीट रोकने में अहम भूमिका निभाई। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति नियंत्रण में आई और मामला शांत हुआ।
हालांकि, घटना के बाद भी मौके पर कुछ देर तक तनाव का माहौल बना रहा। पुलिस ने लोगों को समझाइश देकर वहां से हटाया।
पुलिस पर उठे सवाल
हैरानी की बात यह रही कि यह पूरी घटना शहडोल के सबसे संवेदनशील इलाकों में से एक में हुई, जहां एसपी बंगला और डीआईजी कार्यालय स्थित है। इसके बावजूद मारपीट काफी देर तक चलती रही।
जब इस मामले में कोतवाली पुलिस से जानकारी लेनी चाही गई, तो स्टाफ ने ऐसी किसी घटना की जानकारी होने से ही इनकार कर दिया। थाना प्रभारी से संपर्क करने की कोशिश भी की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। पुलिस की इस चुप्पी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
वीडियो वायरल
मारपीट के दौरान मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने अपने मोबाइल से वीडियो बना लिया। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह खुलेआम एक युवक के साथ मारपीट की जा रही है और लोग आसपास खड़े होकर देख रहे हैं।वीडियो वायरल होने के बाद शहर में इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है और लोग पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
सड़क किनारे ठेलों को लेकर बढ़ता तनाव
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे ठेला और दुकान लगाने को लेकर अक्सर विवाद होते रहते हैं। प्रशासन द्वारा ठोस व्यवस्था न होने के कारण दुकानदारों और राहगीरों के बीच तनाव बना रहता है। इस ताजा घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यदि समय रहते विवादों का समाधान न किया जाए, तो वे हिंसक रूप ले सकते हैं।









