श्रीलंका क्रिकेट में 29 अप्रैल को बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब बोर्ड अध्यक्ष शम्मी सिल्वा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस फैसले की आधिकारिक पुष्टि श्रीलंका क्रिकेट की ओर से भी कर दी गई है।
स्पोर्ट्स न्यूज़: श्रीलंका क्रिकेट (Sri Lanka Cricket – SLC) में 29 अप्रैल 2026 को बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला, जब बोर्ड के अध्यक्ष शम्मी सिल्वा (Shammi Silva) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके साथ ही SLC की कार्यकारी समिति (Executive Committee) के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने भी सामूहिक रूप से इस्तीफा सौंप दिया है। इस घटनाक्रम ने श्रीलंका क्रिकेट प्रशासन में एक नए दौर की शुरुआत के संकेत दिए हैं।
एक साथ पूरे बोर्ड का इस्तीफा, क्रिकेट प्रशासन में हलचल
श्रीलंका क्रिकेट द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, अध्यक्ष सहित सभी शीर्ष पदाधिकारियों का इस्तीफा तुरंत प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है। यह फैसला 28 अप्रैल को हुई एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक के बाद लिया गया, जिसके बाद पूरे क्रिकेट ढांचे में अचानक बदलाव की स्थिति बन गई। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि अब एक अंतरिम प्रशासनिक समिति (Interim Administrative Body) को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जो आने वाले समय में क्रिकेट संचालन की निगरानी करेगी।
सूत्रों और स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके (Anura Kumara Dissanayake) ने हाल ही में क्रिकेट बोर्ड में सुधार और बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया था। माना जा रहा है कि यह सामूहिक इस्तीफा उसी राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव का परिणाम हो सकता है, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है। खेल मंत्रालय को भी इस निर्णय की जानकारी दे दी गई है, और अब आगे की रूपरेखा सरकार और अंतरिम समिति मिलकर तय करेंगे।
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अंतरिम समिति संभालेगी जिम्मेदारी
श्रीलंका क्रिकेट के संचालन के लिए सरकार द्वारा पूर्व सांसद एरन विक्रमरत्ने (Eran Wickramaratne) को अंतरिम प्रमुख बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। यह समिति तब तक कार्यभार संभालेगी जब तक नए चुनाव या स्थायी प्रशासनिक ढांचे की घोषणा नहीं हो जाती। इस अंतरिम व्यवस्था का उद्देश्य क्रिकेट प्रशासन को स्थिर रखना और आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स की तैयारियों को प्रभावित होने से बचाना है।
शम्मी सिल्वा ने पहली बार फरवरी 2019 में श्रीलंका क्रिकेट के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली थी। उन्होंने थिलंगा सुमतिपाला की जगह ली थी और लगभग सात वर्षों तक इस पद पर बने रहे। उनके कार्यकाल में श्रीलंका क्रिकेट ने कुछ अहम सफलताएं हासिल कीं, जिनमें एशिया कप (Asia Cup) में पुरुष और महिला टीमों का प्रदर्शन शामिल है। हालांकि, आईसीसी (ICC) टूर्नामेंट्स में टीम का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा।
विशेषकर पुरुष टीम का प्रदर्शन लगातार गिरता गया, और हाल के वर्षों में विश्व स्तर पर श्रीलंका क्रिकेट को स्थिरता बनाए रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।










