दिल्ली में बिहारी युवक पांडव कुमार की कथित पुलिस गोलीबारी में मौत के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है। राज्य सरकार ने 8 लाख मुआवजे का ऐलान किया, जबकि नेताओं ने न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
Patna: खगड़िया निवासी युवक पांडव कुमार की कथित पुलिस गोलीबारी में मौत के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। बिहार सरकार ने परिजनों को 8 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है, वहीं विभिन्न दलों के नेताओं ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
दिल्ली में बिहारी युवक की मौत पर सियासी संग्राम, 8 लाख मुआवजे का ऐलान
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दिल्ली में खगड़िया निवासी 23 वर्षीय पांडव कुमार की मौत को लेकर बिहार की राजनीति में तनाव बढ़ गया है। इस घटना पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शोक व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत दुखद बताया है। उन्होंने मृतक के परिजनों को 8 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान देने के निर्देश भी जारी किए हैं।
यह मामला सामने आने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। घटना ने कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है।
सांसदों की मुलाकात और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता
खगड़िया से सांसद राजेश वर्मा ने दिल्ली पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और संवेदना व्यक्त की। इस दौरान उन्हें हर संभव न्याय दिलाने का भरोसा दिया गया। साथ ही पार्टी की ओर से परिवार को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई।
चिराग पासवान ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह घटना बेहद निंदनीय है और उन्होंने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से बातचीत कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर केंद्रीय गृह मंत्री से भी मुलाकात की जाएगी ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप तेज
विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे बिहारियों के खिलाफ भेदभाव से जोड़ते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। उनके बयान के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है।
वहीं चिराग पासवान ने तेजस्वी यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि ऐसे बयानों से बिहार की छवि को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने विपक्ष से संयमित भाषा का उपयोग करने की अपील की और कहा कि इस तरह की घटनाओं पर राजनीति की बजाय न्याय पर ध्यान देना चाहिए।








