हाईटेक सिटी में जाम से मिलेगी राहत, साइबराबाद पुलिस ने बनाया नया वन-वे ट्रैफिक प्लान

हैदराबाद के हाईटेक सिटी और बायोडायवर्सिटी में ट्रैफिक जाम कम करने के लिए वन-वे लूप का प्रस्ताव है। जानें नया रूट, ट्रायल और कब लागू होगी व्यवस्था।

हैदराबाद के हाईटेक सिटी, बायोडायवर्सिटी जंक्शन और नॉलेज सिटी में रोज लगने वाले ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए साइबराबाद ट्रैफिक पुलिस ने नया वन-वे लूप सिस्टम प्रस्तावित किया है। इसके तहत चार प्रमुख स्थानों पर यातायात की रुकावटें कम करने की योजना है। नई व्यवस्था लागू करने से पहले ट्रायल किया जाएगा।

हैदराबाद: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के आईटी कॉरिडोर में रोजाना ट्रैफिक जाम का सामना करने वाले लोगों को आने वाले दिनों में राहत मिल सकती है। साइबराबाद ट्रैफिक पुलिस ने हाईटेक सिटी और बायोडायवर्सिटी जंक्शन के आसपास यातायात को बेहतर बनाने के लिए वन-वे लूप सिस्टम लागू करने की योजना तैयार की है। इसके तहत गाड़ियों को एक तय दिशा में चलाया जाएगा, जिससे चौराहों पर बार-बार रुकने की जरूरत कम होगी। पुलिस का कहना है कि इस व्यवस्था से सुबह और शाम के व्यस्त समय में ट्रैफिक जाम कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, अभी योजना को अंतिम मंजूरी नहीं मिली है।

हाईटेक सिटी में ट्रैफिक जाम से कैसे मिलेगी राहत?

हैदराबाद के हाईटेक सिटी, बायोडायवर्सिटी और नॉलेज सिटी इलाके में बड़ी संख्या में आईटी कंपनियों के कार्यालय हैं। सुबह कर्मचारियों के ऑफिस पहुंचने और शाम को घर लौटने के समय यहां सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं।

खासतौर पर प्रमुख चौराहों पर अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों के कारण यातायात धीमा हो जाता है। कई बार वाहन चालकों को थोड़ी दूरी तय करने में भी काफी समय लग जाता है। इसी समस्या को देखते हुए साइबराबाद ट्रैफिक पुलिस ने ऐसी व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें वाहनों को बार-बार सिग्नल पर रुकना न पड़े।

कहां से शुरू होगा नया वन-वे ट्रैफिक रूट?

प्रस्तावित वन-वे लूप बायोडायवर्सिटी जंक्शन से शुरू होगा। यहां से वाहन आईकिया रोटरी की ओर जाएंगे और फिर रहेजा माइंडस्पेस के सी-गेट तक पहुंचेंगे। इसके बाद वाहन नॉलेज सिटी और डलास सेंटर से होते हुए आगे बढ़ेंगे। माय होम भूजा के पास दाईं ओर मुड़कर वाहन दोबारा बायोडायवर्सिटी जंक्शन पहुंचेंगे।

इस तरह एक गोलाकार ट्रैफिक रूट तैयार होगा, जिसमें वाहन निर्धारित दिशा में लगातार आगे बढ़ सकेंगे। पुलिस के मुताबिक, इससे प्रमुख चौराहों पर अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों के बीच रुकावटें कम हो सकती हैं।

चार बड़े ट्रैफिक पॉइंट पर जाम कम करने की तैयारी

साइबराबाद ट्रैफिक पुलिस ने इस योजना में चार ऐसे प्रमुख जंक्शन की पहचान की है, जहां वाहनों की आवाजाही बार-बार बाधित होती है। नई व्यवस्था के तहत सड़क की पूरी चौड़ाई का इस्तेमाल किया जा सकेगा। फिलहाल कई जगह वाहनों के मुड़ने और सिग्नल पर रुकने के कारण सड़क का पूरा हिस्सा प्रभावी तरीके से इस्तेमाल नहीं हो पाता।

वन-वे लूप में वाहनों को एक ही दिशा में चलाने से सड़क की क्षमता का बेहतर उपयोग होने की उम्मीद है। हालांकि, इससे यात्रा के समय में कितनी कमी आएगी, इसका पता ट्रैफिक परीक्षण पूरा होने के बाद ही चलेगा।

केबीआर पार्क के ट्रैफिक मॉडल से लिया गया आइडिया

पुलिस ने इस योजना के लिए जुबली हिल्स स्थित कासु ब्रह्मानंद रेड्डी (KBR) पार्क के आसपास लागू ट्रैफिक व्यवस्था को आधार बनाया है। वहां एक दिशा में वाहनों की आवाजाही की व्यवस्था से यातायात प्रबंधन में मदद मिली है।

इसी मॉडल को हाईटेक सिटी और नॉलेज सिटी के आसपास लागू करने की संभावना तलाश की जा रही है। पुलिस का मानना है कि अगर सड़क की मौजूदा स्थिति के अनुसार रूट तैयार किया गया, तो बिना बड़े निर्माण कार्य के भी ट्रैफिक जाम कम किया जा सकता है।

पुलिस कमिश्नर ने अधिकारियों के साथ किया निरीक्षण

योजना को अंतिम रूप देने से पहले साइबराबाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रस्तावित रूट का निरीक्षण किया है। पुलिस कमिश्नर डॉ. एम. रमेश, ट्रैफिक के संयुक्त पुलिस आयुक्त सुनप्रीत सिंह और अन्य अधिकारियों ने सड़क की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान सोसाइटी फॉर साइबराबाद सिक्योरिटी काउंसिल (SCSC) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नवीद खान और उनकी टीम भी मौजूद रही।

अधिकारियों ने प्रमुख चौराहों, सड़क की चौड़ाई और वाहनों के मुड़ने वाले स्थानों की जांच की। निरीक्षण का उद्देश्य यह समझना था कि प्रस्तावित वन-वे व्यवस्था को लागू करने में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

पहले होगा ट्रैफिक ट्रायल, फिर लिया जाएगा फैसला

साइबराबाद ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था तुरंत लागू नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में ट्रैफिक सिमुलेशन और परीक्षण किए जाएंगे। इनमें वाहनों की रफ्तार, ट्रैफिक की संख्या और अलग-अलग समय में सड़कों पर दबाव की जांच होगी।

पुलिस आईटी कंपनियों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और स्थानीय लोगों से भी सुझाव लेगी। पुलिस कमिश्नर एम. रमेश के अनुसार, सभी संबंधित पक्षों की राय और परीक्षण के नतीजों के आधार पर ही योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

वाहन चालकों के लिए कब बदलेंगे ट्रैफिक नियम?

फिलहाल पुलिस ने वन-वे लूप लागू करने की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की है। नए रूट को मंजूरी मिलने के बाद वाहन चालकों को ट्रैफिक डायवर्जन और बदले हुए रास्तों की जानकारी पहले से दी जाएगी। इसलिए हाईटेक सिटी, बायोडायवर्सिटी और नॉलेज सिटी से गुजरने वाले लोगों को अभी मौजूदा यातायात नियमों का ही पालन करना होगा।

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