रेवाड़ी में किसानों और खेतिहर मजदूरों को बड़ी राहत, कोसली में छह लोगों को मिले 8.50 लाख रुपये के सहायता चेक

रेवाड़ी के कोसली में खेती के दौरान हादसों से प्रभावित छह लोगों को 8.50 लाख रुपये की मदद मिली। जानें योजना के तहत कैसे मिलती है सहायता।

हरियाणा के रेवाड़ी जिले के कोसली में खेती से जुड़े हादसों के छह पीड़ितों को सरकारी योजना के तहत 8.50 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई। मार्केट कमेटी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में लाभार्थियों को सहायता राशि के चेक सौंपे गए।

रेवाड़ी: हरियाणा के रेवाड़ी जिले में खेती के दौरान दुर्घटना का शिकार हुए किसानों और खेतिहर मजदूरों को आर्थिक सहायता दी गई है। कोसली मार्केट कमेटी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री किसान एवं खेतिहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना-2013 के तहत छह लाभार्थियों को कुल 8.50 लाख रुपये के चेक बांटे गए। मार्केट कमेटी चेयरमैन महेश यादव और वाइस चेयरमैन दिनेश गोयल ने लाभार्थियों को चेक सौंपे। इस दौरान कमेटी के कई अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।

कोसली में छह लोगों को मिली आर्थिक मदद, मंजीत देवी को सबसे ज्यादा राशि

कोसली मार्केट कमेटी कार्यालय में हुए कार्यक्रम के दौरान अलग-अलग गांवों के छह लाभार्थियों को सहायता राशि दी गई। इनमें सेहलंगा गांव की मंजीत देवी को पांच लाख रुपये का चेक सौंपा गया। कार्यक्रम में सबसे अधिक आर्थिक मदद उन्हें ही मिली। वहीं, फतेहपुरी गांव के सुनील को एक लाख 25 हजार रुपये दिए गए। इसके अलावा सुनीता और शंभू ऋषि देव को 75-75 हजार रुपये की सहायता मिली, जबकि महावीर और सोमबीर को 37 हजार 500 रुपये के चेक दिए गए। इस तरह सभी लाभार्थियों को मिलाकर कुल आठ लाख 50 हजार रुपये वितरित किए गए।

रेवाड़ी में किसानों और खेतिहर मजदूरों को बड़ी राहत, कोसली में छह लोगों को मिले 8.50 लाख रुपये के सहायता चेक

यह आर्थिक सहायता उन लोगों के लिए है, जो खेती से संबंधित काम करते समय किसी दुर्घटना का शिकार हुए थे। मार्केट कमेटी के पदाधिकारियों ने लाभार्थियों को चेक सौंपते हुए योजना की जानकारी भी दी। कृषि कार्य के दौरान हादसा होने से प्रभावित परिवारों के सामने कई बार आर्थिक परेशानी खड़ी हो जाती है। ऐसे में सरकारी योजना के तहत मिलने वाली राशि से उन्हें कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, कार्यक्रम में लाभार्थियों के साथ हुई दुर्घटनाओं के बारे में अलग-अलग जानकारी साझा नहीं की गई।

खेती करते समय हादसा होने पर सरकार देती है सहायता राशि

हरियाणा सरकार की मुख्यमंत्री किसान एवं खेतिहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना-2013 का उद्देश्य खेती से जुड़े काम के दौरान दुर्घटना का शिकार होने वाले किसानों और मजदूरों को आर्थिक मदद देना है। योजना के तहत पात्र व्यक्ति को निर्धारित नियमों के अनुसार सहायता राशि उपलब्ध कराई जाती है। इसके लिए स्थानीय मार्केट कमेटी के माध्यम से जरूरी प्रक्रिया पूरी की जाती है।

खेती में किसानों और खेतिहर मजदूरों को कई तरह के काम करने पड़ते हैं। फसल की बुवाई, सिंचाई, कटाई और दूसरे कृषि कार्यों के दौरान दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। ऐसे किसी हादसे में चोट लगने या काम करने की क्षमता प्रभावित होने पर परिवार की आमदनी पर भी असर पड़ सकता है। खासकर उन परिवारों के लिए परेशानी बढ़ जाती है, जिनकी रोजी-रोटी पूरी तरह खेती या मजदूरी पर निर्भर होती है।

इसी तरह की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार ने यह सहायता योजना शुरू की थी। योजना के माध्यम से पात्र किसानों और खेतिहर मजदूरों को आर्थिक मदद दी जाती है। सहायता की राशि संबंधित मामले और योजना के नियमों के आधार पर तय होती है। कोसली में आयोजित कार्यक्रम में भी लाभार्थियों को अलग-अलग रकम दी गई है। योजना से जुड़ी पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी स्थानीय मार्केट कमेटी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।

स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव और विधायक अनिल यादव का जताया आभार

चेक वितरण कार्यक्रम के दौरान मार्केट कमेटी चेयरमैन महेश यादव ने स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव और विधायक अनिल यादव का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सहायता राशि समय पर उपलब्ध कराने और अनाज मंडी में विकास कार्यों के लिए दोनों जनप्रतिनिधियों का सहयोग मिला है। महेश यादव ने बताया कि सरकार की इस योजना से खेती से जुड़े हादसों के प्रभावित लोगों को आर्थिक सहायता मिलती है। मार्केट कमेटी के माध्यम से पात्र लाभार्थियों तक सहायता राशि पहुंचाई जाती है।

कार्यक्रम में मार्केट कमेटी के वाइस चेयरमैन दिनेश गोयल के अलावा सचिव विकास यादव, लेखाकार नरोत्तम और विजय कुमार भी मौजूद रहे। अधिकारियों और पदाधिकारियों की उपस्थिति में लाभार्थियों को चेक दिए गए। इस दौरान योजना के तहत मिलने वाली सहायता और किसानों तथा खेतिहर मजदूरों के लिए इसकी उपयोगिता पर भी जानकारी दी गई।

रेवाड़ी जिले के कोसली और आसपास के ग्रामीण इलाकों में खेती लोगों की आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है। यहां कई परिवार खुद खेती करते हैं, जबकि बड़ी संख्या में मजदूर खेतों में काम करके परिवार चलाते हैं। कृषि कार्य के दौरान किसी तरह का हादसा होने पर इलाज के खर्च के साथ घर की आर्थिक जिम्मेदारियां निभाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे समय में मिलने वाली सरकारी सहायता प्रभावित व्यक्ति और उसके परिवार के लिए सहारा बन सकती है।

कोसली में छह लाभार्थियों को दी गई सहायता से उन तक योजना का लाभ पहुंचा है। इसके साथ ही अन्य किसानों और खेतिहर मजदूरों के लिए भी इस सरकारी योजना की जानकारी होना जरूरी है। खेती से जुड़े काम के दौरान दुर्घटना होने पर पात्र व्यक्ति स्थानीय मार्केट कमेटी से संपर्क कर सकता है। वहां योजना की शर्तों, आवेदन के लिए जरूरी कागजात और सहायता राशि प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी मिल सकती है।

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