चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों पर बैलेट पेपर से हुए चुनाव के नतीजों को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने ईवीएम में गड़बड़ी के आरोपों पर कांग्रेस से जवाब मांगा। हालांकि, कांग्रेस ने महाराष्ट्र की नागपुर सीट पर जीत दर्ज की है, जबकि भाजपा को कुल 13 सीटें मिली हैं।
हैदराबाद: इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर पलटवार किया है। तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने गुरुवार, 29 अक्टूबर को कहा कि कांग्रेस लगातार ईवीएम में गड़बड़ी और वोट चोरी के आरोप लगाती रही है, लेकिन अब उसे बैलेट पेपर से हुए विधान परिषद चुनावों के नतीजों पर भी जवाब देना चाहिए। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक की 28 विधान परिषद सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा ने 13 सीटें जीती हैं, जबकि कांग्रेस को केवल एक सीट मिली है।
बैलेट पेपर से चुनाव हुए, अब कांग्रेस क्या कहेगी?
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में एन. रामचंदर राव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी चुनाव हारने के बाद अक्सर ईवीएम और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है। उन्होंने कहा कि हाल में चार राज्यों में विधान परिषद के चुनाव बैलेट पेपर से कराए गए थे। इन चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन कमजोर रहा है।
राव ने सवाल किया कि जब इलेक्ट्रॉनिक मशीनों का इस्तेमाल ही नहीं हुआ, तो कांग्रेस अब अपनी हार के लिए किसे जिम्मेदार ठहराएगी। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या कांग्रेस अब बैलेट पेपर से भी चुनाव कराना बंद करने की मांग करेगी?
भाजपा नेता ने कांग्रेस के ईवीएम में छेड़छाड़ और वोट चोरी संबंधी आरोपों को निराधार बताया। हालांकि, बैलेट पेपर के इन चुनावों के नतीजे अपने आप सभी ईवीएम संबंधी शिकायतों की सत्यता या असत्यता साबित नहीं करते।
चार राज्यों की 28 सीटों पर क्या रहे नतीजे?
उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में स्नातक तथा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल 28 विधान परिषद सीटों पर चुनाव कराए गए। इन सीटों पर 23 अक्टूबर को बैलेट पेपर के जरिए मतदान हुआ था। मतगणना 27 अक्टूबर से शुरू हुई और कई सीटों के परिणाम आने में लंबा समय लगा। उपलब्ध नतीजों के अनुसार, भाजपा ने 13 सीटें हासिल कीं। कांग्रेस के खाते में एक सीट आई।
अन्य सीटों पर समाजवादी पार्टी, जनता दल यूनाइटेड, जनता दल सेक्युलर, राष्ट्रीय जनता दल, जन सुराज पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। इन चुनावों की खास बात यह रही कि मतदान सामान्य विधानसभा चुनावों की तरह ईवीएम से नहीं, बल्कि मतपत्रों से कराया गया था।
उत्तर प्रदेश में भाजपा को छह, सपा को पांच सीटें
उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद सीटों के चुनाव में भाजपा ने छह सीटें जीतीं। वहीं, समाजवादी पार्टी ने पांच सीटों पर सफलता हासिल की। समाजवादी पार्टी ने अपने पिछले प्रदर्शन में सुधार करते हुए दो अतिरिक्त सीटें हासिल कीं।
ये चुनाव वाराणसी, लखनऊ, झांसी, आगरा, गोरखपुर, मेरठ, बरेली, मुरादाबाद और फैजाबाद सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े थे। राज्य में मुख्य मुकाबला भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच रहा। कांग्रेस यहां कोई सीट नहीं जीत सकी।
कर्नाटक में कांग्रेस को झटका, भाजपा और जेडीएस की जीत
कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस को विधान परिषद चुनाव में निराशा हाथ लगी। राज्य की चार सीटों पर भाजपा और उसकी सहयोगी जनता दल सेक्युलर ने जीत दर्ज की। भाजपा ने उत्तर-पूर्व शिक्षक, दक्षिण-पूर्व स्नातक और पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में सफलता हासिल की।
वहीं, जनता दल सेक्युलर ने बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र कांग्रेस से छीन लिया। कर्नाटक में कांग्रेस की हार को भाजपा ने अपने पक्ष में मिले जनसमर्थन के रूप में पेश किया है। हालांकि, शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में सीमित पात्र मतदाता मतदान करते हैं। इसलिए इनके परिणामों को पूरे राज्य के मतदाताओं की राय नहीं माना जा सकता।
बिहार में जन सुराज पार्टी ने भी खोला खाता
बिहार की आठ विधान परिषद सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की। जनता दल यूनाइटेड, राष्ट्रीय जनता दल और जन सुराज पार्टी को एक-एक सीट मिली। बाकी दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते।
इस चुनाव में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने विधान परिषद में अपना खाता खोला। बिहार में भी कांग्रेस कोई सीट हासिल नहीं कर सकी। राज्य में अलग-अलग दलों के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला रहा और परिणामों में किसी एक पार्टी का पूरी तरह दबदबा नहीं दिखा।
महाराष्ट्र के नागपुर में कांग्रेस ने भाजपा को हराया
भाजपा के राजनीतिक हमलों के बीच महाराष्ट्र से कांग्रेस के लिए राहत भरी खबर भी सामने आई। नागपुर स्नातक विधान परिषद सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने भाजपा के सुधाकर कोहाले को 3,271 वोटों से हराकर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। वंजारी को 67,231 वोट मिले, जबकि कोहाले को 63,960 वोट हासिल हुए।
यह परिणाम राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि नागपुर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृहक्षेत्र है। महाराष्ट्र की पांच सीटों में विपक्षी महाविकास अघाड़ी ने तीन और सत्तारूढ़ महायुति ने दो सीटें जीतीं।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी कांग्रेस पर कसा तंज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विधान परिषद चुनावों के नतीजों को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर चार राज्यों की 28 सीटों पर बैलेट पेपर से हुए चुनाव का जिक्र किया और कांग्रेस की सीटों की संख्या पर तंज कसा।
उनकी टिप्पणी के बाद कांग्रेस ने नागपुर में अभिजीत वंजारी की जीत का हवाला देकर भाजपा को जवाब दिया। इस तरह बैलेट पेपर और ईवीएम को लेकर चल रही राजनीतिक बहस एक बार फिर चर्चा में आ गई है। हालांकि, विधान परिषद के इन चुनावों में कांग्रेस का कमजोर प्रदर्शन और नागपुर में उसकी जीत, दोनों वास्तविक चुनावी नतीजों का हिस्सा हैं।







