राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की हवाई यात्रा के लिए भारतीय वायुसेना 24 नए हेलीकॉप्टर खरीदने की तैयारी कर रही है। इस खरीद पर करीब 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद ने प्रस्ताव को शुरुआती मंजूरी दे दी है।
नई दिल्ली: राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की हवाई यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए भारतीय वायुसेना नए हेलीकॉप्टर खरीदना चाहती है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में 26 अक्टूबर 2026 को रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की बैठक हुई थी। इसमें 24 स्पेशल यूटिलिटी हेलीकॉप्टर खरीदने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। इनकी खरीद पर करीब 10 हजार करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं। हालांकि, अभी हेलीकॉप्टर खरीदने का अंतिम ऑर्डर नहीं दिया गया है।
पुराने Mi-17 V5 हेलीकॉप्टरों की जगह आएंगे नए हेलीकॉप्टर
फिलहाल भारतीय वायुसेना राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की छोटी दूरी की यात्राओं के लिए Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर इस्तेमाल करती है। ये रूस में बने हेलीकॉप्टर हैं, जिनमें VVIP सुरक्षा के हिसाब से कुछ खास बदलाव किए गए हैं। अब वायुसेना इनकी जगह नए और आधुनिक हेलीकॉप्टर लाना चाहती है। नए हेलीकॉप्टरों में बेहतर सुरक्षा उपकरण और संचार की सुविधाएं होंगी, ताकि यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी न आए।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इन हेलीकॉप्टरों की खरीद से वायुसेना की खास हवाई परिवहन जरूरतें पूरी हो सकेंगी। इन्हें मुख्य रूप से देश के शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की यात्रा को ध्यान में रखकर खरीदा जाएगा। हालांकि, नए हेलीकॉप्टरों में कौन-कौन से सुरक्षा उपकरण लगाए जाएंगे, इसकी पूरी जानकारी अभी नहीं दी गई है।
कौन सी कंपनियां दे सकती हैं नए हेलीकॉप्टर?
इस बड़े सौदे में यूरोप की एयरबस और अमेरिका की लॉकहीड मार्टिन जैसी कंपनियां शामिल हो सकती हैं। एयरबस के H225M हेलीकॉप्टर को भी संभावित विकल्प माना जा रहा है। हालांकि, अभी किसी कंपनी का नाम फाइनल नहीं हुआ है। वायुसेना पहले यह देखेगी कि कौन सा हेलीकॉप्टर उसकी जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकता है।
इसके लिए अलग-अलग कंपनियों के हेलीकॉप्टरों की तकनीकी जांच होगी। उनकी कीमतों और दूसरी सुविधाओं को भी देखा जाएगा। इन सभी बातों पर विचार करने के बाद ही किसी कंपनी को हेलीकॉप्टर सप्लाई करने का ठेका दिया जाएगा।
अगस्ता वेस्टलैंड से पहले भी हुआ था हेलीकॉप्टर सौदा
![]()
भारत ने पहले भी VVIP लोगों की यात्रा के लिए नए हेलीकॉप्टर खरीदने की कोशिश की थी। उस समय अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी के AW101 हेलीकॉप्टर चुने गए थे। लेकिन इस सौदे में भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए थे। विवाद बढ़ने के बाद जनवरी 2014 में सरकार ने यह अनुबंध रद्द कर दिया था। इसके बाद वायुसेना ने Mi-17 V5 हेलीकॉप्टरों में जरूरी बदलाव किए और उनका इस्तेमाल जारी रखा। अब सरकार एक बार फिर VVIP यात्रा के लिए नए हेलीकॉप्टर खरीदने की तैयारी में है।
सेना के लिए 2.12 लाख करोड़ रुपये की खरीद को भी मंजूरी
26 अक्टूबर को हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक में सिर्फ VVIP हेलीकॉप्टरों पर ही फैसला नहीं लिया गया। भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए कई दूसरे हथियार और उपकरण खरीदने के प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली है। बैठक में करीब 2.12 लाख करोड़ रुपये के रक्षा खरीद प्रस्तावों को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। इसमें वायुसेना के लिए एयर डिफेंस सिस्टम, नए हथियार और मोबाइल एक्स-बैंड डॉप्लर मौसम रडार खरीदने की योजना भी शामिल है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन प्रस्तावों की कुल अनुमानित कीमत का करीब 82 प्रतिशत हिस्सा भारतीय कंपनियों से होने वाली खरीद पर खर्च किया जा सकता है। इससे देश में रक्षा उपकरण बनाने वाली कंपनियों को भी काम मिलने की उम्मीद है।
एक्स-बैंड डॉप्लर रडार से वायुसेना को क्या फायदा होगा?
वायुसेना के लिए मोबाइल एक्स-बैंड डॉप्लर मौसम रडार खरीदने का प्रस्ताव भी मंजूर हुआ है। इन रडार की मदद से मौसम की जानकारी जुटाना आसान होगा। खासकर सीमावर्ती इलाकों और पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम अचानक बदल जाता है। कई बार तेज बारिश, खराब मौसम या कम दिखाई देने की वजह से विमानों और हेलीकॉप्टरों की उड़ान पर असर पड़ता है। ऐसे में इन रडार से वायुसेना को स्थानीय मौसम की बेहतर जानकारी मिल सकेगी। इससे सैन्य उड़ानों और अभियानों की तैयारी करने में मदद होगी।
नए हेलीकॉप्टर वायुसेना को कब मिलेंगे?
रक्षा अधिग्रहण परिषद ने फिलहाल हेलीकॉप्टर खरीदने के प्रस्ताव को शुरुआती मंजूरी दी है। इसका मतलब यह नहीं है कि हेलीकॉप्टरों की खरीद पूरी हो गई है। अभी कई जरूरी प्रक्रियाएं बाकी हैं। पहले हेलीकॉप्टरों की तकनीकी जरूरतें तय होंगी। इसके बाद कंपनियों के प्रस्ताव और कीमतों की जांच की जाएगी। सभी औपचारिकताएं पूरी होने पर ही अंतिम समझौता होगा। इसलिए नए हेलीकॉप्टर भारतीय वायुसेना को कब तक मिलेंगे, इसकी तारीख अभी तय नहीं है।









