भाजपा ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव का उम्मीदवार बनाया है। एल. मुरुगन के इस्तीफे से यह सीट खाली हुई थी। मतदान 12 नवंबर को होगा, जबकि नामांकन की आखिरी तारीख 2 नवंबर है।
भोपाल: मध्य प्रदेश की खाली राज्यसभा सीट पर भाजपा ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को उतारने का फैसला किया है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को उनके नाम पर मुहर लगाई। पुरी अभी उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य हैं और उनका कार्यकाल अगले महीने खत्म होने वाला है। भाजपा ने उन्हें उत्तर प्रदेश से दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया था। अब पार्टी ने उनके लिए मध्य प्रदेश की सीट चुनी है, जहां 12 नवंबर को उपचुनाव होना है।
भाजपा ने हरदीप पुरी को क्यों चुना?
मध्य प्रदेश की इस राज्यसभा सीट के लिए भाजपा में पिछले कुछ दिनों से उम्मीदवार के नाम पर चर्चा चल रही थी। प्रदेश संगठन ने कई नामों पर विचार करने के बाद फैसला केंद्रीय नेतृत्व पर छोड़ दिया था।
26 अक्टूबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास पर भाजपा की कोर कमेटी की बैठक हुई थी। इसमें राज्यसभा उपचुनाव के लिए संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की गई। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बताया था कि चार से पांच नाम केंद्रीय नेतृत्व को भेजने पर सहमति बनी है।
इस बीच हरदीप सिंह पुरी का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल था। दो दिन बाद पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने उन्हें उम्मीदवार बनाने की घोषणा कर दी।
पुरी केंद्र सरकार में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हैं। वह इससे पहले भी राज्यसभा में भाजपा का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
एल. मुरुगन ने क्यों छोड़ी थी राज्यसभा सीट?
मध्य प्रदेश की यह सीट भाजपा नेता एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। मुरुगन ने 14 अक्टूबर 2026 को राज्यसभा की सदस्यता छोड़ दी थी। उन्होंने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से भी इस्तीफा दिया था।
मुरुगन केंद्र सरकार में सूचना एवं प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री थे। उनका राज्यसभा कार्यकाल 2 अप्रैल 2030 तक चलना था। लेकिन उन्होंने कार्यकाल पूरा होने से पहले ही पद छोड़ दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे अपने इस्तीफे में मुरुगन ने तमिलनाडु की राजनीति पर अधिक ध्यान देने की बात कही थी। वह राज्य में भाजपा के संगठनात्मक काम को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहते हैं।
उनके इस्तीफे के कारण मध्य प्रदेश की एक राज्यसभा सीट पर उपचुनाव कराना जरूरी हो गया।
उत्तर प्रदेश से खत्म हो रहा हरदीप पुरी का कार्यकाल
हरदीप सिंह पुरी फिलहाल उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं। उनका मौजूदा कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त होगा।
भाजपा ने इस महीने उत्तर प्रदेश की राज्यसभा सीटों के लिए आठ उम्मीदवारों की घोषणा की थी। उस सूची में पुरी का नाम नहीं था। इसके बाद उनके अगले राज्यसभा कार्यकाल को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी।
अब मध्य प्रदेश से उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उनके संसद के उच्च सदन में बने रहने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, इसके लिए चुनाव प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।
पुरी राजनीति में आने से पहले भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी रह चुके हैं। उन्होंने विदेश सेवा में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं और बाद में भाजपा से जुड़कर संसदीय राजनीति में कदम रखा।
राज्यसभा उपचुनाव के लिए क्या है पूरा कार्यक्रम?
चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश की इस सीट के उपचुनाव का कार्यक्रम 22 अक्टूबर को घोषित किया था। इसके अनुसार, चुनाव की अधिसूचना 26 अक्टूबर को जारी की गई।
उम्मीदवार 2 नवंबर तक नामांकन पत्र जमा कर सकते हैं। अगले दिन, 3 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 5 नवंबर रखी गई है।
जरूरत पड़ने पर 12 नवंबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा। उसी दिन शाम 5 बजे वोटों की गिनती शुरू होगी।
चुनाव आयोग ने पूरी प्रक्रिया 16 नवंबर तक समाप्त करने का कार्यक्रम तय किया है।
मध्य प्रदेश में भाजपा की स्थिति क्या है?
मध्य प्रदेश विधानसभा में भाजपा के पास बहुमत है। राज्यसभा के इस उपचुनाव में विधानसभा के निर्वाचित सदस्य मतदान करेंगे।
ऐसे में विधानसभा के मौजूदा संख्याबल को देखते हुए भाजपा उम्मीदवार की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। हालांकि, अंतिम स्थिति नामांकन वापसी के बाद ही स्पष्ट होगी।
अगर निर्धारित समय तक केवल एक ही उम्मीदवार मैदान में रहता है तो मतदान कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ऐसी स्थिति में उम्मीदवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया जा सकता है।
मध्य प्रदेश से राज्यसभा की कुल 11 सीटें हैं। इनमें से एक सीट एल. मुरुगन के इस्तीफे के कारण खाली हुई है।
अब अगला अहम चरण हरदीप सिंह पुरी का नामांकन होगा। इसके बाद 5 नवंबर को स्पष्ट हो जाएगा कि इस सीट पर मतदान होगा या उम्मीदवार का चुनाव निर्विरोध हो जाएगा।







