स्पेन में दो हाईस्पीड ट्रेनों की टक्कर में 68 लोगों की मौत के बाद लोगों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया है। राजधानी मैड्रिड में प्रदर्शनकारियों ने परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते के इस्तीफे की मांग की। पुलिस से झड़प के दौरान बोतलें और पटाखे फेंके गए। हादसे के पीछे रेल सुरक्षा प्रणाली की खराबी और ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति देने के फैसले की जांच चल रही है।
मैड्रिड: स्पेन में दो हाईस्पीड ट्रेनों की भीषण टक्कर के बाद सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। बुधवार, 28 अक्टूबर को हुए हादसे में कम से कम 68 लोगों की मौत हो गई, जबकि बड़ी संख्या में यात्री घायल हैं। इसके अगले दिन गुरुवार को राजधानी मैड्रिड में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने देश की रेल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए और परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते से इस्तीफे की मांग की। विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस पर बोतलें और पटाखे फेंके, जिसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए।
मैड्रिड में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प
ट्रेन हादसे के विरोध में गुरुवार को मैड्रिड स्थित परिवहन मंत्रालय के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। कुछ प्रदर्शनकारियों ने ऑस्कर पुएंते को 'मौत का मंत्री' बताते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और भीड़ के बीच झड़प हो गई।
कुछ लोगों ने सुरक्षाकर्मियों की ओर बोतलें और पटाखे फेंके। इसके जवाब में पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए बल प्रयोग किया। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठियों और आंसू गैस का इस्तेमाल भी किया गया।
कैसे हुई दो हाईस्पीड ट्रेनों की टक्कर?
यह हादसा बुधवार सुबह स्पेन के टोलेडो प्रांत में उर्दा के पास हुआ। मैड्रिड और सेविल के बीच चलने वाली हाईस्पीड रेल लाइन पर दो ट्रेनें एक ही दिशा में जा रही थीं। इनमें एक स्पेन की सरकारी रेल कंपनी रेनफे (Renfe) की AVE ट्रेन थी, जबकि दूसरी निजी कंपनी इरयो (Iryo) की ट्रेन थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इरयो की ट्रेन पटरी पर रुकी हुई थी। इसी दौरान पीछे से आ रही रेनफे की ट्रेन उससे टकरा गई।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए। कुछ डिब्बे नीचे ढलान की ओर जा गिरे, जिससे यात्रियों को बाहर निकालने में बचावकर्मियों को काफी मुश्किल हुई।
सिग्नल सिस्टम में खराबी के बाद ट्रेन को मिली थी अनुमति
हादसे की जांच में रेल सुरक्षा प्रणाली से जुड़ी एक अहम जानकारी सामने आई है। स्पेन के परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते के मुताबिक, दुर्घटना से पहले रेल लाइन पर इस्तेमाल होने वाले LZB सुरक्षा सिस्टम में तकनीकी खराबी आई थी। यह सिस्टम ट्रेनों की रफ्तार और उनके बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने में मदद करता है। खराबी के बाद कुछ ट्रेनों को रोक दिया गया था।
इसके बाद रेल परिचालन का नियंत्रण मैड्रिड के नियंत्रण केंद्र को सौंपा गया। वहां से एक ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई, लेकिन रास्ते में खड़ी दूसरी ट्रेन से उसकी टक्कर हो गई। हालांकि, हादसे की अंतिम वजह अभी स्पष्ट नहीं है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि तकनीकी खराबी, नियंत्रण केंद्र के फैसले या मानवीय गलती में किसकी कितनी भूमिका रही।
रातभर मलबे में फंसे यात्रियों की तलाश
हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान पूरी रात जारी रहा। दमकलकर्मियों, स्वास्थ्यकर्मियों और आपातकालीन सेवाओं की टीमों ने क्षतिग्रस्त डिब्बों में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। भारी मशीनों और क्रेन की मदद से ट्रेन के टूटे हुए हिस्सों को हटाया गया। बचावकर्मियों ने उन डिब्बों में भी तलाशी ली, जिन्हें टक्कर में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ था।
अधिकारियों ने आशंका जताई कि मलबा हटाने के दौरान और शव मिल सकते हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बताई गई है। हादसे के बाद मैड्रिड और दक्षिणी स्पेन के बीच हाईस्पीड रेल सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने जांच का दिया भरोसा
स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने दुर्घटनास्थल के पास से देश को संबोधित किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और हादसे की पूरी जांच कराने का भरोसा दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि जांच में किसी की लापरवाही या सुरक्षा व्यवस्था में कमी सामने आती है, तो सरकार जरूरी कार्रवाई करेगी। उन्होंने 29 से 31 अक्टूबर तक तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा भी की है।
जनवरी में भी हुई थीं 46 मौतें
स्पेन में इस साल यह दूसरा बड़ा रेल हादसा है। इससे पहले 18 जनवरी को कॉर्डोबा प्रांत के अदामुज के पास हुए ट्रेन हादसे में 46 लोगों की जान चली गई थी।लगातार दो बड़ी रेल दुर्घटनाओं के बाद देश की हाईस्पीड रेल व्यवस्था और रखरखाव पर सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, प्रधानमंत्री सांचेज ने कहा है कि जनवरी और अक्टूबर में हुई दुर्घटनाओं के कारण अलग हो सकते हैं। इसलिए दोनों घटनाओं को एक ही वजह से जोड़ना सही नहीं होगा। फिलहाल दुर्घटना की जांच जारी है। रेल सुरक्षा प्रणाली में आई खराबी और ट्रेन को दोबारा चलाने की अनुमति देने के फैसले की जांच से जिम्मेदारी तय होने की उम्मीद है।










