स्विस मॉडल बीट्रिस क्यूल ने ट्रम्प पर लगाया रेप का आरोप, 33 साल पुराने मामले में अमेरिकी संसद की रिपोर्ट से नया खुलासा

स्विस मॉडल बीट्रिस क्यूल ने डोनाल्ड ट्रम्प पर 1993 में रेप करने का आरोप लगाया है। अमेरिकी संसदीय रिपोर्ट में नए दावे सामने आए, व्हाइट हाउस ने आरोप खारिज किए।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर स्विट्जरलैंड की पूर्व मॉडल बीट्रिस क्यूल ने 1993 में रेप करने का आरोप लगाया है। अमेरिकी संसद की न्यायिक समिति के डेमोक्रेटिक सदस्यों की रिपोर्ट में यह दावा सामने आया है। व्हाइट हाउस ने आरोपों को खारिज किया है।

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एक बार फिर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों को लेकर चर्चा में हैं। स्विट्जरलैंड की पूर्व मॉडल बीट्रिस क्यूल ने दावा किया है कि नवंबर 1993 में न्यूयॉर्क के प्लाजा होटल में ट्रम्प ने उनके साथ रेप किया था। यह आरोप अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की न्यायिक समिति के डेमोक्रेटिक सदस्यों की 26 अक्टूबर 2026 को जारी रिपोर्ट में सामने आया है। क्यूल पहले भी ट्रम्प पर जबरदस्ती करने का आरोप लगा चुकी हैं, लेकिन अब उन्होंने संसदीय समिति के कर्मचारियों को बताया कि उस दिन उनके साथ रेप हुआ था। व्हाइट हाउस ने आरोपों को गलत और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। 

बीट्रिस क्यूल ने ट्रम्प पर क्या आरोप लगाया?

पूर्व स्विस मॉडल बीट्रिस क्यूल के मुताबिक, नवंबर 1993 में वह अमेरिका में आयोजित अमेरिकन ड्रीम ब्यूटी पेजेंट में हिस्सा लेने पहुंची थीं। उस समय उनकी उम्र 24 साल थी। क्यूल ने संसदीय समिति के कर्मचारियों को बताया कि प्रतियोगिता के दौरान न्यूयॉर्क के प्लाजा होटल में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसी कार्यक्रम में उनकी मुलाकात डोनाल्ड ट्रम्प से हुई।

उनका आरोप है कि ट्रम्प ने बाद में उन्हें होटल के कमरे में बुलाया, जहां उनके साथ जबरदस्ती की गई। क्यूल का कहना है कि कथित हमले के बाद उनके शरीर पर चोट के निशान थे और खून भी बह रहा था। हालांकि, उनके इन आरोपों की अदालत में पुष्टि नहीं हुई है। ट्रम्प के खिलाफ क्यूल के इस मामले में आपराधिक आरोप तय होने की जानकारी भी सामने नहीं आई है। 

अमेरिकी वीजा और यूनिवर्सिटी में दाखिला दिलाने का दावा

क्यूल ने बताया कि ट्रम्प ने उनसे अमेरिका में रहने और आगे पढ़ाई करने के बारे में बातचीत की थी। उनके मुताबिक, ट्रम्प ने अमेरिकी वीजा दिलाने और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में दाखिला कराने में मदद का भरोसा दिया था। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प ने मॉडलिंग एजेंट पाओलो जामपोली के जरिए वीजा की व्यवस्था कराने की बात कही थी।

क्यूल ने यह भी दावा किया कि कथित घटना के बाद ट्रम्प ने उनसे चुप रहने को कहा। स्विट्जरलैंड लौटने के बाद भी उन्हें संपर्क करके पहले की पेशकश दोहराई गई थी। ये सभी बातें क्यूल के बयान पर आधारित हैं। स्वतंत्र रूप से इनकी पुष्टि नहीं हुई है। 

2024 में भी सामने आए थे आरोप

बीट्रिस क्यूल ने वर्ष 2024 में मीडिया के सामने ट्रम्प के साथ हुई कथित घटना के बारे में बताया था। उस समय उन्होंने आरोप लगाया था कि ट्रम्प ने उन्हें जबरन पकड़ा, चूमने की कोशिश की और उनके कपड़े उतारने का प्रयास किया।

अब अक्टूबर 2026 में सामने आई रिपोर्ट में उनके बयान के अतिरिक्त विवरण शामिल किए गए हैं। इसमें उन्होंने कहा है कि घटना केवल जबरदस्ती करने की कोशिश तक सीमित नहीं थी, बल्कि उनके साथ रेप हुआ था। इसलिए नया घटनाक्रम किसी अलग घटना का आरोप नहीं, बल्कि पहले से सार्वजनिक मामले में सामने आया अधिक गंभीर बयान है। 

जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मामले का भी जिक्र

अमेरिकी संसद की न्यायिक समिति के डेमोक्रेटिक सदस्यों ने अपनी रिपोर्ट में दिवंगत अमेरिकी कारोबारी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की है। रिपोर्ट में क्यूल के अलावा अन्य महिलाओं के बयानों और आरोपों का उल्लेख किया गया है। क्यूल ने बताया कि ब्यूटी पेजेंट के दौरान उनकी मुलाकात एपस्टीन से भी हुई थी।

उनके अनुसार, एपस्टीन ने खुद को ट्रम्प का करीबी दोस्त बताया और उन्हें एक कार्यक्रम में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था। डेमोक्रेटिक सदस्यों ने एपस्टीन से संबंधित दस्तावेजों और आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग की है। हालांकि, रिपोर्ट में किसी व्यक्ति पर लगाया गया आरोप अपने आप में अपराध साबित होने का प्रमाण नहीं है। 

व्हाइट हाउस ने आरोपों पर क्या कहा?

व्हाइट हाउस ने बीट्रिस क्यूल के आरोपों को खारिज कर दिया है। प्रवक्ता लॉरेन बिस ने कहा कि रिपोर्ट में लगाए गए आरोप सही नहीं हैं। उन्होंने इसे डेमोक्रेटिक पार्टी की राजनीतिक कोशिश बताया और कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प को निशाना बनाया जा रहा है।

व्हाइट हाउस का यह भी कहना है कि ट्रम्प ने एपस्टीन से संबंध समाप्त कर दिए थे और उसे अपने मार-ए-लागो क्लब से बाहर कर दिया था। इस मामले में क्यूल का बयान और व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया एक-दूसरे से अलग हैं। आरोपों पर किसी अदालत का अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है। 

ट्रम्प पर पहले भी लग चुके हैं यौन उत्पीड़न के आरोप

डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ पहले भी कई महिलाओं ने यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं। इनमें अमेरिकी लेखिका ई. जीन कैरोल का मामला सबसे चर्चित रहा है। कैरोल ने आरोप लगाया था कि 1990 के दशक में न्यूयॉर्क के एक डिपार्टमेंटल स्टोर में ट्रम्प ने उनका यौन उत्पीड़न किया था।

मई 2023 में एक अमेरिकी सिविल जूरी ने ट्रम्प को कैरोल के यौन उत्पीड़न और मानहानि के लिए जिम्मेदार ठहराया था। हालांकि, जूरी ने उन्हें न्यूयॉर्क कानून के तहत रेप के आरोप में जिम्मेदार नहीं पाया था। यह फैसला आपराधिक दोषसिद्धि नहीं था। ट्रम्प लगातार इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं। 

अमेरिकी संसद की रिपोर्ट में आगे क्या होगा?

26 अक्टूबर को जारी रिपोर्ट में डेमोक्रेटिक सदस्यों ने एपस्टीन मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच और स्वतंत्र विशेष अभियोजक नियुक्त करने की मांग की है। रिपोर्ट में अमेरिकी न्याय विभाग के कामकाज पर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, विभाग पर लगाए गए आरोप भी जांच और कानूनी परीक्षण का विषय हैं।

फिलहाल बीट्रिस क्यूल के नए बयान ने ट्रम्प के खिलाफ पुराने आरोपों को दोबारा चर्चा में ला दिया है। आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि जांच एजेंसियां या अदालतें इन दावों पर कोई कार्रवाई करती हैं या नहीं। 

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