वाराणसी और पूर्वांचल के कई जिलों में गुरुवार सुबह से तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। चक्रवात अर्नब के प्रभाव से मौसम बदल गया है। कई जगह धान की फसल खेतों में गिर गई, जबकि सर्दियों की सब्जियों की खेती भी प्रभावित हुई है।
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में गुरुवार, 29 अक्टूबर को सुबह से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। वाराणसी समेत आसपास के जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। पिछले दो दिनों से आसमान में बादल छाए हुए थे, लेकिन गुरुवार को कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। चक्रवात अर्नब के प्रभाव से हो रही इस बेमौसम बरसात ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। खेतों में तैयार धान की फसल गिरने और सब्जियों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं।
वाराणसी के साथ पूर्वांचल के कई जिलों में बरसे बादल
गुरुवार सुबह वाराणसी में आसमान बादलों से घिरा रहा। सुबह से ही हवा चल रही थी और दिन चढ़ने के साथ कई इलाकों में बारिश शुरू हो गई। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ अच्छी बरसात हुई।
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वाराणसी के अलावा चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, सोनभद्र, मिर्जापुर और भदोही में भी मौसम बदला रहा। इन जिलों में बादल छाए रहने के साथ बारिश होने की जानकारी मिली है।
पिछले दो दिनों से पूर्वांचल में बादलों की आवाजाही बनी हुई थी। गुरुवार को बारिश शुरू होने के बाद वातावरण में नमी बढ़ गई। मौसम में आए इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर खेती पर देखने को मिला है।
तेज हवा से खेतों में गिरी धान की फसल
पूर्वांचल में इस समय धान की फसल तैयार होने की स्थिति में है। कई किसान कटाई की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे समय बारिश और तेज हवा चलने से फसल को नुकसान होने का खतरा बढ़ जाता है।
गुरुवार को हुई बारिश के दौरान कई जगह धान के पौधे खेतों में गिर गए। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। जमीन पर गिरी फसल की कटाई में परेशानी हो सकती है। अगर खेतों में अधिक समय तक पानी भरा रहा तो धान की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है।
जिन किसानों की फसल कटाई के लिए तैयार है, उनके सामने अब मौसम साफ होने का इंतजार करने की स्थिति बन सकती है। लगातार बारिश होने पर नुकसान बढ़ने की आशंका है।
सर्दियों की सब्जियों पर भी पड़ा असर
धान के साथ सर्दियों की सब्जियां उगाने वाले किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समय कई इलाकों में सब्जियों की खेती शुरू हो चुकी है और खेतों में छोटे पौधे तैयार हो रहे हैं।
अचानक तेज बारिश होने से इन पौधों को नुकसान पहुंच सकता है। खासकर निचले इलाकों के खेतों में पानी जमा होने पर परेशानी बढ़ सकती है।
किसानों के लिए फिलहाल सबसे बड़ी चिंता यह है कि मौसम कितनी जल्दी साफ होगा। अगर अगले कुछ घंटों में बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो फसलों पर इसका असर और बढ़ सकता है।
हालांकि, प्रभावित फसलों के कुल नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है।
वाराणसी में तापमान सामान्य से ज्यादा रहा
बारिश से पहले वाराणसी में दिन और रात का तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया था। पिछले 24 घंटों के मौसम संबंधी आंकड़ों के अनुसार, अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक था।
वहीं, न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से 4 डिग्री ज्यादा रहा।
इस दौरान वातावरण में न्यूनतम आर्द्रता 67 प्रतिशत और अधिकतम आर्द्रता 88 प्रतिशत दर्ज की गई। बादलों की मौजूदगी और नमी बढ़ने से मौसम में लगातार बदलाव बना रहा।
अगले एक-दो दिन तक बने रह सकते हैं बादल
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, गुरुवार को पूर्वांचल में मौसम बदला रहने की संभावना जताई गई थी। इसके बाद भी एक से दो दिनों तक बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है।
फिलहाल किसानों के लिए मौसम की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। जिन खेतों में धान की फसल तैयार है, वहां बारिश और हवा से बचाव के लिए जरूरी सावधानी बरतनी होगी।
सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को भी खेतों में पानी जमा होने की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। जरूरत पड़ने पर पानी की निकासी की व्यवस्था करना फायदेमंद हो सकता है।
वाराणसी समेत पूर्वांचल के लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने और तेज हवा में पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।










